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  • जन्माष्टमी पर घर में बनाएं धनिया पंजीरी, जानें आसान रेसिपी

    जन्माष्टमी पर घर में बनाएं धनिया पंजीरी, जानें आसान रेसिपी

    जन्माष्टमी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में देशभर में मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा। इस अवसर पर लड्डू गोपाल को धनिया पंजीरी का भोग लगाया जाता है। इसे बाजार से खरीदने के बजाय कुछ सामान्य सामग्री की मदद से घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है।

    धनिया पंजीरी के लिए सामग्री

    धनिया पंजीरी बनाने के लिए एक कप ताजा पिसा हुआ धनिया पाउडर, तीन से चार बड़े चम्मच शुद्ध घी, एक कप छोटे टुकड़ों में कटे मखाने और आधा कप कटे हुए बादाम, काजू व पिस्ता लें। इसके अलावा आधा कप घिसा हुआ नारियल, स्वादानुसार आधा कप बूरा या पिसी हुई चीनी, एक बड़ा चम्मच चिरौंजी और आधा छोटा चम्मच हरी इलायची पाउडर की जरूरत होगी।

    धनिया पंजीरी बनाने की विधि

    सबसे पहले भारी तले की कढ़ाई में दो चम्मच शुद्ध घी गर्म करें। इसमें कटे हुए काजू, बादाम और चिरौंजी डालकर मध्यम आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें और फिर एक प्लेट में निकाल लें। उसी कढ़ाई में थोड़ा घी डालकर मखानों को कुरकुरा होने तक भूनें और उन्हें भी अलग रख दें।

    अब कढ़ाई में एक चम्मच घी डालकर धनिया पाउडर मिलाएं। इसे धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें, जब तक अच्छी खुशबू आने लगे और इसका रंग थोड़ा गहरा न हो जाए। इसके बाद घिसा हुआ नारियल मिलाकर गैस बंद कर दें। कढ़ाई की गर्माहट से नारियल भी भुन जाएगा।

    भुने हुए धनिए और नारियल के मिश्रण को एक बड़े बर्तन में निकालें। इसमें भुने हुए मेवे, मखाने और इलायची पाउडर अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें और इसके बाद ही इसमें बूरा या पिसी हुई चीनी मिलाएं। तैयार धनिया पंजीरी को जन्माष्टमी पर भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है।

  • हल छठ 2026 कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

    हल छठ 2026 कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

    हल छठ का पर्व वर्ष 2026 में 2 सितंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि में मनाया जाने वाला यह पर्व भगवान कृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता भगवान बलराम को समर्पित है। महिलाएं इस दिन संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसे संतान प्राप्ति की कामना से भी जोड़ा गया है।

    हल षष्ठी 2026 की तारीख

    षष्ठी तिथि 2 सितंबर 2026 को सुबह 6:12 बजे शुरू होगी और 3 सितंबर को सुबह 4:25 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर हल षष्ठी यानी हरछठ का पर्व 2 सितंबर को मनाया जाएगा। यह पर्व कृष्ण जन्माष्टमी से दो दिन पहले मनाया जाता है।

    हल षष्ठी 2026 के शुभ मुहूर्त

    इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:29 से 5:14 बजे तक और प्रातः संध्या सुबह 4:52 से 5:59 बजे तक रहेगी। विजय मुहूर्त दोपहर 2:28 से 3:18 बजे तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6:42 से 7:04 बजे तक और सायाह्न संध्या शाम 6:42 से 7:50 बजे तक रहेगी। अमृत काल रात 9:06 से 10:38 बजे तक बताया गया है।

    क्यों मनाया जाता है हल छठ का पर्व?

    धार्मिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी को भगवान बलराम का जन्म हुआ था। इसी कारण यह पर्व बलराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इसे ललही छठ, चन्दन छठ, कमर छठ और खमर छठ के नाम से जाना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में इसके ऊब छठ, चन्द्र छठ, तिनछठी, तिन्नी छठ, चानन छठ और चना छठ जैसे नाम भी प्रचलित हैं।

    हल षष्ठी व्रत की परंपराएं

    हल को भगवान बलराम का शस्त्र माना गया है। इसी मान्यता के कारण व्रत रखने वाली महिलाएं हल से जोती गई फसल से प्राप्त वस्तुओं का सेवन नहीं करतीं। व्रत में सरोवर और तालाब जैसे जलस्रोतों में उगी वस्तुओं का सेवन किया जाता है, जबकि गाय के दूध और दही से बनी चीजें नहीं खाई जातीं। कई क्षेत्रों में महिलाएं इस दिन महुआ की दातुन करने के साथ महुआ का सेवन भी करती हैं।

  • हापुड़ में गंगा एक्सप्रेसवे पर पलटी तेज रफ्तार थार, चार युवकों की मौत

    हापुड़ में गंगा एक्सप्रेसवे पर पलटी तेज रफ्तार थार, चार युवकों की मौत

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर कई बार पलट गई। हादसे में बदायूं के चार युवकों की मौत हो गई, जबकि 17 वर्षीय किशोर को मामूली चोटें आई हैं। वाहन में कुल पांच लोग सवार थे और सभी बदायूं से दिल्ली जा रहे थे।

    सिंभावली क्षेत्र में देर रात हुआ हादसा

    यह दुर्घटना सिंभावली थाना क्षेत्र में देर रात करीब 12 बजे हुई। थार गाड़ी संख्या DL 8C BL 9822 चालक के नियंत्रण से बाहर होने के बाद एक्सप्रेसवे पर कई बार पलटी और सड़क किनारे जा गिरी। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार पांचों लोग अंदर फंस गए।

    पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से निकाला

    सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवा 112 और सिंभावली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला और उन्हें नजदीकी सीएचसी सिखेड़ा पहुंचाया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 17 वर्षीय विष्णु को मामूली चोटें आईं।

    चारों मृतकों की पहचान हुई

    मृतकों की पहचान बदायूं जिले के रहने वाले 26 वर्षीय जोगिंदर, 25 वर्षीय सुखबीर, 20 वर्षीय जसवंत और 20 वर्षीय रवि के रूप में हुई है। घायल विष्णु बदायूं के पालपुर गांव का निवासी है। पुलिस ने चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को क्रेन की सहायता से हटाकर रास्ता साफ कराया गया। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

  • मुज्तबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की, कहा- असली दुश्मन को पहचानें

    मुज्तबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की, कहा- असली दुश्मन को पहचानें

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के दौरान मुस्लिम देशों से एकजुट होकर अमेरिका और इजरायल का मुकाबला करने की अपील की है। उन्होंने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि वे अपने असली दुश्मन को पहचानें, उसकी योजनाओं को समझें और उसका मुकाबला करें।

    ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, खामेनेई ने तेहरान में आयोजित एक धार्मिक सम्मेलन में शामिल नेताओं को भेजे पत्र में अमेरिका और इजरायल को सभी इस्लामी देशों का दुश्मन बताया। करीब छह महीने पहले अमेरिका और इजरायल के हमले में उनके पिता और ईरान के कई वरिष्ठ नेता मारे गए थे। इसके बाद से मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से बहुत कम नजर आए हैं।

    पश्चिम एशिया में बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

    मुज्तबा खामेनेई का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव का असर पूरे पश्चिम एशिया में दिखाई दे रहा है। ईरान की ओर से पड़ोसी खाड़ी अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सीमित किए जाने के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।

    अमेरिकी सेना ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। करीब एक महीने बाद ईरान के खिलाफ यह अमेरिकी सेना की पहली घोषित सैन्य कार्रवाई है। अमेरिका ने इसे सीमित और सटीक कार्रवाई बताते हुए कहा कि निशाने पर ईरानी माइन बिछाने वाली सैन्य इकाइयां थीं। दूसरी ओर, ईरान ने इसके जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा किया।

    जॉर्डन ने आठ मिसाइलें रोकने की जानकारी दी

    जॉर्डन की सेना के अनुसार, सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई आठ मिसाइलों को रोक दिया गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण के दृश्य प्रसारित करते हुए इसे अमेरिकी हमले के जवाब में की गई कार्रवाई बताया।

    ईरानी मीडिया के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास लारक द्वीप के आसपास विस्फोटों की आवाजें भी सुनी गईं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कई सैनिकों और नागरिकों के मारे जाने तथा घायल होने की जानकारी दी है।

    टैंकर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला

    ब्रिटिश सेना द्वारा संचालित यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, शनिवार को ओमान के खसब के उत्तर में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक टैंकर जहाज को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जहाज अंदर की दिशा में जा रहा था। घटना में किसी के हताहत होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है और किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

  • नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा से मुंबई लौटीं मानसी पारेख

    नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा से मुंबई लौटीं मानसी पारेख

    अभिनेत्री मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा से सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड आने के बाद उनके लापता होने की खबर सामने आई थी, जिससे परिवार, प्रशंसकों और शुभचिंतकों की चिंता बढ़ गई थी। मुंबई एयरपोर्ट पर मानसी को देखकर उनका परिवार भावुक हो गया।

    मानसी उन 93 यात्रियों के साथ मुंबई लौटीं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे और जिनके बारे में तीन-चार दिनों से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। सुरक्षित वापसी के बाद उन्होंने यात्रा के दौरान आई त्रासदी और उससे जुड़े अनुभव साझा किए।

    तिब्बत-नेपाल सीमा के हालात का किया जिक्र

    मानसी पारेख ने बताया कि यह सफर लंबा और कठिन रहा। उनके अनुसार, तिब्बत और नेपाल की सीमा पर स्थित एक बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग से यात्रियों ने सात दिन पहले चीन में प्रवेश किया था। कैलाश यात्रा पूरी होने के बाद वे चीन से निकलने वाले थे, लेकिन इससे करीब 24 घंटे पहले हादसा हो गया।

    उन्होंने कहा कि हादसे के वीडियो देखने और उसके बारे में जानकारी मिलने के बाद यात्रियों को समझ नहीं आया कि आगे क्या किया जाए। मानसी के मुताबिक, बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग और पूरा गांव बह गया था। उन्होंने इस अनुभव को बेहद खराब बताते हुए कहा कि इस घटना ने जीवन की अनिश्चितता का अहसास कराया।

    घटना को बताया दुखद और डरावना

    मानसी ने बताया कि पूरा इलाका मिट्टी में डूब चुका था और वहां लोगों का मिल पाना बेहद मुश्किल था। उनके अनुसार, बहाव इतना तेज था कि लोग 300 किलोमीटर दूर तक बह गए। उन्होंने इसे प्रकृति का ऐसा प्रकोप बताया जिसे रोकना किसी के हाथ में नहीं था।

    अभिनेत्री ने कहा कि किसी ने इस तरह की घटना की कल्पना नहीं की थी और पूरे घटनाक्रम पर विश्वास करना मुश्किल था। उन्होंने इस अनुभव को अत्यंत दुखद बताया।

    लापता होने की खबर से बढ़ी थी चिंता

    कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान मानसी पारेख के लापता होने की खबर आने के बाद उनके परिवार और प्रशंसकों में चिंता का माहौल था। उनके शुभचिंतक सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे थे। मानसी ने नेपाल त्रासदी से कुछ घंटे पहले मानसरोवर यात्रा की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा की थीं। अब उनके सुरक्षित भारत लौटने से परिवार, मित्रों और प्रशंसकों ने राहत की सांस ली है।

  • नेपाल बाढ़: प्रिंसिपल ने 10 मिनट में 900 बच्चों को सुरक्षित स्थान पहुंचाया

    नेपाल बाढ़: प्रिंसिपल ने 10 मिनट में 900 बच्चों को सुरक्षित स्थान पहुंचाया

    नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच त्रिशुली स्थित त्रिभुवन त्रिशुली सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दुबान की सूझबूझ से 900 बच्चों की जान बच गई। मलबे और बड़ी चट्टानों के साथ आए पानी ने त्रिशुली इलाके में भारी तबाही मचाई। बाढ़ में स्कूल और आसपास की इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, लेकिन समय रहते परिसर खाली करा लिया गया था।

    त्रिभुवन त्रिशुली सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कुल 1,643 बच्चे पढ़ते हैं। राजेंद्र दुबान के अनुसार, 26 तारीख को घटना के समय स्कूल में 900 बच्चे, शिक्षक और अन्य कर्मचारी मौजूद थे। उन्हें परिचितों से सूचना मिली कि ऊपरी क्षेत्र से मलबे के साथ पानी आ रहा है। इसके बाद उन्होंने तत्काल स्कूल खाली कराने का निर्णय लिया।

    स्कूल बस से बच्चों को ऊपरी क्षेत्र में भेजा

    राजेंद्र दुबान ने बताया कि सभी बच्चों को स्कूल बस में बैठाकर ऊपरी हिस्से में सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। यह पूरी प्रक्रिया लगभग 10 मिनट में पूरी की गई। बच्चों के निकलने के बाद शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। कुछ ही देर बाद बाढ़ का पानी स्कूल तक पहुंच गया और आसपास का क्षेत्र उसकी चपेट में आ गया।

    स्कूल और त्रिशुली बाजार में भारी नुकसान

    बाढ़ के कारण स्कूल के आसपास बनी इमारतें ढह गईं। स्कूल, पुल और त्रिशुली बाजार को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। इलाके में घर खाली कराए गए हैं और पानी का बहाव दोबारा बढ़ने की आशंका के बीच स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ के बाद मूलभूत सुविधाओं को फिर स्थापित करने में लंबा समय लगने की बात कही गई है।

    भारतीय कारोबारी के परिवार के दो सदस्यों की मौत

    त्रिशुली में कपड़ा कारोबार करने वाले अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि बाढ़ में उनकी दुकानें, गोदाम और वाहन मलबे में दब गए। इस त्रासदी में उनके परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई। उनके अनुसार, त्रिशुली बाजार में 60 से अधिक भारतीय परिवार रहते थे और अब वहां कई क्षतिग्रस्त घर तथा दुकानें दिखाई दे रही हैं।

    अशोक कुमार चौरसिया मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार लगभग 44 साल पहले काठमांडू आया था और 20 साल पहले त्रिशुली में दुकान खोली थी। पुलिस से अलर्ट मिलने के बाद वह बाइक से पत्नी और बच्चों के साथ ऊपरी क्षेत्र में चले गए। उनके मुताबिक, बाढ़ में उनकी चार दुकानें, चार गोदाम और कई वाहन नष्ट हो गए, जिससे उन्हें 45 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने परिवार के दो सदस्यों को भारत वापस भेज दिया है।

  • जम्मू-कश्मीर में 1 सितंबर से बिजली 6.83% महंगी, जानें नई दरें

    जम्मू-कश्मीर में 1 सितंबर से बिजली 6.83% महंगी, जानें नई दरें

    जम्मू-कश्मीर में बिजली की दरों में औसतन 6.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 1 सितंबर 2026 से लागू होकर 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (JERC) ने 20 अगस्त को जारी नए टैरिफ आदेश को मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JPDCL) और कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPDCL), दोनों के उपभोक्ताओं पर लागू होगी।

    घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नई दरें

    घरेलू श्रेणी में 0 से 200 यूनिट तक बिजली की दर 2.30 रुपये से बढ़ाकर 2.45 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। 201 से 400 यूनिट तक खपत पर 4.20 रुपये प्रति यूनिट और 400 यूनिट से अधिक खपत पर 4.60 रुपये प्रति यूनिट शुल्क देना होगा। फिक्स्ड चार्ज में भी 10 रुपये प्रति किलोवाट की बढ़ोतरी की गई है।

    नई दरों के अनुसार 200 यूनिट की खपत पर ऊर्जा शुल्क करीब 490 रुपये होगा, जो पहले लगभग 460 रुपये था। इस तरह उपभोक्ता पर करीब 30 रुपये का सीधा अतिरिक्त भार पड़ेगा। वहीं, 300 यूनिट की खपत पर बिजली बिल बढ़कर लगभग 910 रुपये तक हो जाएगा।

    बीपीएल उपभोक्ताओं को राहत

    हर महीने 30 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले पात्र बीपीएल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा शुल्क 1.40 रुपये प्रति यूनिट और फिक्स्ड चार्ज 5 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह तय किया गया है। यह रियायत केवल सक्षम अधिकारी से जारी वैध बीपीएल प्रमाणपत्र रखने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगी। 30 यूनिट से अधिक खपत होने पर संबंधित घरेलू स्लैब के अनुसार बिल लिया जाएगा।

    कृषि कनेक्शन की दरें

    20 हॉर्सपावर तक के कृषि कनेक्शन के लिए 1.05 रुपये प्रति यूनिट ऊर्जा शुल्क और 23 रुपये प्रति एचपी फिक्स्ड चार्ज तय किया गया है। 20 एचपी से अधिक क्षमता वाले कृषि कनेक्शन पर 6.30 रुपये प्रति यूनिट ऊर्जा शुल्क और 47 रुपये प्रति एचपी फिक्स्ड चार्ज देना होगा।

    दुकानों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं का टैरिफ

    व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट तक बिजली की दर 3.75 रुपये प्रति यूनिट और इससे अधिक खपत पर 5.70 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। इस श्रेणी में फिक्स्ड चार्ज 75 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह होगा। थ्री-फेज व्यावसायिक कनेक्शन के लिए 6.15 रुपये प्रति किलोवोल्ट एम्पेयर ऑवर और 140 रुपये प्रति केवीए फिक्स्ड चार्ज निर्धारित किया गया है।

    डिस्ट्रीब्यूशन लॉस लक्ष्य में बदलाव नहीं

    जेपीडीसीएल के लिए डिस्ट्रीब्यूशन लॉस का लक्ष्य 15 प्रतिशत और केपीडीसीएल के लिए 19 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FP​​PCA) व्यवस्था भी जारी रहेगी, जबकि विविध शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

  • हरियाणा विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों और पुलिस में झड़प, हुड्डा ने लगाए धक्का-मुक्की के आरोप

    हरियाणा विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों और पुलिस में झड़प, हुड्डा ने लगाए धक्का-मुक्की के आरोप

    चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने कानून व्यवस्था, दिल्ली में छात्रों पर कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मुद्दे उठाते हुए पैदल मार्च किया। विधानसभा के बाहर मार्च के दौरान कांग्रेस विधायकों और पुलिस के बीच झड़प हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विधायकों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की और बल प्रयोग किया, जिससे कई विधायकों को चोटें आईं।

    हुड्डा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पैदल मार्च की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों ने राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और नीट आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कार्रवाई के विरोध में आवाज उठाई। उनके अनुसार, पुलिस ने विधायकों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए और बल प्रयोग किया।

    हुड्डा ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके और अन्य विधायकों के साथ धक्का-मुक्की की। हुड्डा ने इसे संविधान और लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ बताते हुए कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को विधानसभा भवन में प्रवेश करने से बलपूर्वक रोका गया।

    हंगामे के कारण दो बार स्थगित हुई कार्यवाही

    कांग्रेस ने विधायकों के साथ कथित धक्का-मुक्की का मुद्दा विधानसभा के भीतर भी उठाया। हुड्डा ने आरोप लगाया कि विधानसभा के गेट पर सुरक्षाकर्मियों ने कांग्रेस विधायकों के साथ बदसलूकी की और उन्हें अपमानित किया। विपक्ष के हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

    कांग्रेस के आरोपों पर खबर लिखे जाने तक हरियाणा सरकार या भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

    https://twitter.com/BhupinderShooda/status/2092859275496575148
  • कानपुर में ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त, इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट की मौत

    कानपुर में ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त, इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट की मौत

    उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार दोपहर एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। गंगा किनारे नत्था पुरवा गांव के पास हुए हादसे में विमान में सवार इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी की मौत हो गई। सचिन भाटिया गुजरात और अभिषेक पुजारी कर्नाटक के रहने वाले थे।

    उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद हादसा

    शुरुआती जानकारी के अनुसार, ट्विन इंजन विमान ने सुबह करीब 11:30 बजे ट्रेनिंग सेंटर से उड़ान भरी थी। करीब 20 मिनट बाद वापसी के दौरान विमान में तेज धमाका हुआ और वह अनियंत्रित होकर जमीन पर गिर गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर धुआं और मलबा फैल गया, जबकि विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    धमाके और विमान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। हादसे में एक पायलट की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे पायलट को गंभीर हालत में मलबे से बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने घायल पायलट को अस्पताल भेजा, जहां उसकी भी मौत हो गई।

    पुलिस ने घटनास्थल को घेरा

    हादसे की सूचना आसपास के गांवों में फैलने के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर लोगों को विमान के मलबे के पास जाने से रोका। प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर जांच में जुटी हैं।

    https://twitter.com/PTI_News/status/2092871565038022877

    विमान किस कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ और उड़ान के दौरान धमाका क्यों हुआ, इसकी जांच की जा रही है। हादसे में किसी तकनीकी खराबी की भूमिका थी या नहीं, यह भी जांच का विषय है। विमान दुर्घटना की वास्तविक वजह से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की U19 टीम घोषित, आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ को मिला मौका

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की U19 टीम घोषित, आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ को मिला मौका

    BCCI की मेन्स सिलेक्शन कमेटी ने ऑस्ट्रेलिया U19 टीम के भारत दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 टीमों की घोषणा कर दी है। दौरे पर तीन वनडे और दो मल्टी-डे मुकाबले खेले जाएंगे। तीनों वनडे और पहला मल्टी-डे मुकाबला राजकोट में होगा, जबकि दूसरा मल्टी-डे मैच अहमदाबाद में खेला जाएगा।

    वनडे और मल्टी-डे टीम के कप्तान

    वनडे मुकाबलों के लिए लक्ष्य रायचंदानी को भारतीय अंडर-19 टीम का कप्तान और यशबर्धन चौहान को उपकप्तान बनाया गया है। मल्टी-डे मुकाबलों में यशबर्धन चौहान कप्तानी करेंगे, जबकि लक्ष्य रायचंदानी को उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ वनडे टीम में शामिल

    पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को वनडे टीम में जगह मिली है। अन्वय को विकेटकीपर के रूप में चुना गया है। हालांकि, दोनों खिलाड़ी मल्टी-डे मुकाबलों के लिए घोषित टीम में शामिल नहीं हैं। आर्यवीर इस सीजन दिल्ली प्रीमियर लीग में वेस्ट दिल्ली लॉयंस की ओर से खेलते नजर आए थे।

    वनडे मुकाबलों के लिए भारतीय U19 टीम

    लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशबर्धन चौहान (उपकप्तान), रजत बघेल (विकेटकीपर), आर्यवीर सहवाग, वी.के. विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनाल चौहान, अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), वी. यशवीर, रोहित यादव, शाविन विनोद, मोहित उलवा, चिगुरुपति वेंकट और काव्या पटेल।

    मल्टी-डे मुकाबलों के लिए भारतीय U19 टीम

    यशबर्धन चौहान (कप्तान), लक्ष्य रायचंदानी (उपकप्तान), सागर विर्क, कुशाग्र ओझा, मनाल चौहान, कुश पटेल, मानव कृष्णा (विकेटकीपर), अभिप्राय विश्वास (विकेटकीपर), रोहित यादव, इशान ओम, अयान अकरम, प्रणव राघवेंद्र, प्रियांशु सिंह, मोहित उलवा और आर्यन यादव।

    https://twitter.com/BCCI/status/2092854647908442568