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  • वार्ता विफल होने के बाद कनाडा के 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% टैरिफ की तैयारी में अमेरिका

    वार्ता विफल होने के बाद कनाडा के 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% टैरिफ की तैयारी में अमेरिका

    अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार समझौते को लेकर आखिरी दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद तनाव बढ़ गया है। अमेरिका अब कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी में है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि कनाडा इस सप्ताह की शुरुआत में तय शर्तों के आधार पर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तैयार नहीं हुआ। अमेरिका का दावा है कि उसने कनाडा को प्रमुख निर्यातकों में सबसे बेहतर व्यापारिक शर्तों की पेशकश की थी।

    कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी प्रस्ताव में आखिरी समय पर किए गए बदलावों को अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदायक बताया। उनके अनुसार, इन बदलावों से किसी भी समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

    20 अरब डॉलर के उत्पादों पर असर

    प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ से कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के उत्पाद प्रभावित होंगे। इनमें हॉकी स्टिक से लेकर चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाले टंग डिप्रेसर तक कई सामान शामिल हैं। यह टैरिफ कनाडा से अमेरिका को होने वाले कुल निर्यात के लगभग पांच प्रतिशत हिस्से को प्रभावित करेगा।

    दोनों देशों के बीच 880 अरब डॉलर का कारोबार

    अमेरिका और कनाडा के बीच बड़े स्तर पर व्यापार होता है। पिछले साल दोनों देशों ने करीब 880 अरब डॉलर के सामान और सेवाओं का आपस में कारोबार किया था। ऐसे में प्रस्तावित टैरिफ से प्रभावित कंपनियों के साथ दोनों देशों के आर्थिक और राजनीतिक संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।

    बातचीत के लिए तीन दिन बढ़ी थी समयसीमा

    अमेरिका ने पहले इन टैरिफ को बुधवार रात 12:01 बजे से लागू करने की योजना बनाई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के लिए अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से समयसीमा तीन दिन बढ़ा दी थी। इसके बावजूद अंतिम दौर की वार्ता में कोई समझौता नहीं हो सका और कनाडाई निर्यातकों के सामने 50 प्रतिशत टैरिफ का खतरा बना हुआ है।

  • जयंत चौधरी पर टिप्पणी को लेकर मायावती ने अखिलेश यादव से माफी की मांग की

    जयंत चौधरी पर टिप्पणी को लेकर मायावती ने अखिलेश यादव से माफी की मांग की

    लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राजनीति के बीच बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी के बारे में कहा था, “हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है।” मायावती ने इस बयान को अमर्यादित, अशोभनीय और शर्मनाक बताया।

    जाट समाज से माफी मांगने की मांग

    मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अखिलेश यादव को अपनी टिप्पणी के लिए संबंधित पार्टी और उसके नेता के साथ ही चौधरी चरण सिंह के परिवार तथा जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राजनीतिक इतिहास और गठबंधन की राजनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का रवैया विरोधियों के साथ ही सहयोगी दलों के प्रति भी संकीर्ण और अविश्वसनीय रहा है।

    बसपा प्रमुख के अनुसार, समाजवादी पार्टी के इसी रवैये के कारण उसके गठबंधन लंबे समय तक नहीं टिक पाए। उन्होंने दावा किया कि इससे कई मौकों पर राजनीतिक और चुनावी लाभ भाजपा को मिला तथा सेक्युलर ताकतें कमजोर हुईं।

    पुराने सपा-बसपा गठबंधनों का किया उल्लेख

    मायावती ने 1993 में मुलायम सिंह यादव के साथ बने सपा-बसपा गठबंधन और उसके टूटने का उल्लेख किया। उन्होंने 2 जून 1995 के लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया और इसे अपनी हत्या की साजिश से जोड़ा। इसके बाद उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में हुए लोकसभा चुनावी गठबंधन की चर्चा करते हुए कहा कि चुनाव परिणाम अनुकूल नहीं आने के बाद बसपा के प्रति सपा के रवैये के कारण वह गठबंधन भी टूट गया था।

    मायावती ने कहा कि बसपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान से जुड़े अपने सिद्धांतों तथा “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की नीतियों से अलग नहीं हो सकती।

    सपा की गठबंधन राजनीति पर लगाए आरोप

    बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी गठबंधन के जरिए अपना काम निकालने के बाद अपना रुख बदल लेती है और सहयोगी पार्टी के लिए अनुचित भाषा का इस्तेमाल करती है। उन्होंने इसे सपा का पुराना रवैया बताते हुए लोगों से उसकी संकीर्ण और जातिवादी राजनीति से सावधान रहने को कहा।

    मायावती ने अखिलेश यादव की पीडीए राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख राजनीतिक हित के अनुसार पीडीए में ‘पी’ का अर्थ कभी पिछड़ा वर्ग और कभी पंडित बताते हैं। बसपा प्रमुख ने दावा किया कि अखिलेश यादव अन्य पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से ब्राह्मण समाज के हितैषी नहीं रहे हैं।

  • महाराष्ट्र FDA ने मुंबई के सात प्रतिष्ठानों के फूड लाइसेंस निलंबित किए, जानें कार्रवाई की वजह

    महाराष्ट्र FDA ने मुंबई के सात प्रतिष्ठानों के फूड लाइसेंस निलंबित किए, जानें कार्रवाई की वजह

    महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप में मुंबई के सात प्रतिष्ठानों के फूड लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इनमें कोलाबा का मैकडॉनल्ड्स, बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब, मलाड का नोवारा, नरीमन पॉइंट का स्टेटस रेस्टोरेंट और खार जिमखाना शामिल हैं। प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुंबई में तीन प्रतिष्ठानों को सील करने के साथ छह लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

    FDA ने 19 और 20 अगस्त को पूरे महाराष्ट्र में दूध एवं डेयरी उत्पादों, प्रतिबंधित गुटखा-पान मसाला और अन्य खाद्य उत्पादों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया था। इस व्यापक कार्रवाई के केंद्र में महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंडे हैं, जिन्होंने नियमों के उल्लंघन पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की बात कही है।

    जांच में सामने आईं गंभीर खामियां

    जांच के दौरान तापमान नियंत्रण में गंभीर लापरवाही मिलने का आरोप है। रेफ्रिजरेशन उपकरणों का कैलिब्रेशन नहीं किया गया था और उपकरणों तथा पाइरोमीटर के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस तक अंतर पाया गया। इससे जल्दी खराब होने वाले और अधिक जोखिम वाले खाद्य पदार्थों के बैक्टीरिया के लिए खतरनाक तापमान क्षेत्र में पहुंचने की आशंका थी।

    परिसर में जीवित कॉकरोच, पर्याप्त पेस्ट ट्रैप का अभाव और रसोई के फर्श पर सड़ा हुआ खाद्य कचरा मिलने की बात भी सामने आई। यह कचरा खाद्य पदार्थों के भंडारण और उन्हें तैयार करने वाले क्षेत्रों के पास पड़ा था। खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाली सतहों पर गंदे सफाई के कपड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि खुले पैकेजिंग मटेरियल को उचित विभाजन के बिना रैक पर रखा गया था।

    खुले खाद्य पदार्थ तैयार करने वाली जगह के ऊपर लगे लाइट फिक्स्चर पर सुरक्षा कवर नहीं था और उन पर काफी धूल जमा थी। कर्मचारियों को गंदे जूते और इस्तेमाल किए गए सफाई के कपड़े छूने के बाद हाथ धोए बिना खाने के लिए तैयार खाद्य पदार्थ संभालते हुए पाए जाने का भी आरोप है। इन स्थितियों से केमिकल और माइक्रोबियल क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा बताया गया है।

    फर्जी दस्तावेज जमा करने का आरोप

    कुछ प्रतिष्ठानों पर राज्य लाइसेंसिंग अथॉरिटी के सामने फर्जी अनुपालन दस्तावेज जमा करने का आरोप भी है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 61 के तहत इसे गंभीर अपराध बताया गया है। सक्रिय कीट प्रकोप, जैविक संदूषण, बिना कैलिब्रेशन वाले कोल्ड स्टोरेज और खाद्य सामग्री के इस्तेमाल से संबंधित भ्रामक जानकारी सामने आने के बाद FDA ने माना कि प्रतिष्ठानों को अतिरिक्त समय देना जनस्वास्थ्य के लिए अस्वीकार्य जोखिम पैदा कर सकता है।

    लाइसेंस निलंबित रहने के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान किसी खाद्य पदार्थ का उत्पादन, बिक्री या वितरण नहीं कर सकेंगे। इस अवधि में नियमों का उल्लंघन होने पर वैध लाइसेंस के बिना कारोबार करने के आरोप में तत्काल अभियोजन की कार्रवाई की जा सकती है।

    रेस्टोरेंट से क्विक-कॉमर्स वेयरहाउस तक जांच

    महाराष्ट्र में रेस्टोरेंट पर छापे मारने और लाइसेंस निलंबित करने के साथ क्विक-कॉमर्स वेयरहाउस की भी जांच की जा रही है। ऐप के माध्यम से किराने का सामान खरीदने वाले ग्राहकों को भंडारण स्थल की स्वच्छता और रखरखाव की प्रत्यक्ष जानकारी नहीं मिल पाती। इसी संदर्भ में तुकाराम मुंडे ने कहा, “अगर वे नियमों का पालन कर रहे हैं, तो उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। और जो ऐसा नहीं करते, उनके पास छिपने की कोई जगह नहीं है।”

    स्कूल कैंटीन के लिए भी सख्त निर्देश

    महाराष्ट्र FDA ने राज्य के स्कूलों को परिसर से चॉकलेट, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक्स जैसी अस्वास्थ्यकर वस्तुएं हटाने का निर्देश दिया है। यह आदेश फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट और FSSAI के ‘स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार नियम, 2020’ के तहत जारी किया गया है। स्कूलों और उनके परिसर के 50 मीटर के दायरे में अधिक फैट, शुगर और नमक वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

    इन निर्देशों के बाद कुछ स्कूलों ने कैंटीन के मेन्यू से वड़ा पाव और समोसा हटाकर इडली, डोसा, पोहा, शीरा और उपमा शामिल किए हैं। गैस वाली कोल्ड ड्रिंक्स के स्थान पर छाछ को जगह दी गई है। मुंडे के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ खान-पान की संस्कृति विकसित करना और स्वस्थ नागरिक तैयार करना है।

    कौन हैं तुकाराम मुंडे?

    तुकाराम मुंडे की पहचान एक सख्त और समझौता नहीं करने वाले अधिकारी के रूप में रही है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की थी। दो दशक से अधिक के प्रशासनिक करियर में उनका 25 बार तबादला हो चुका है और सख्त कार्यशैली के कारण उन्हें लोकप्रिय रूप से ‘सिंघम’ भी कहा जाता है।

    उनके प्रशासनिक कार्यों में सोलापुर का जल संरक्षण अभियान प्रमुख रहा है, जहां उनके कार्यकाल में किए गए प्रयासों से सैकड़ों गांव टैंकर-मुक्त हुए। महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें 2016 में ‘बेस्ट कलेक्टर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था। अब FDA कमिश्नर के रूप में वह खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन पर जोर दे रहे हैं।

  • लखनऊ में बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात

    लखनऊ में बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में ICICI बैंक की एक शाखा के बाहर 37 वर्षीय दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, वारदात गुरुवार दोपहर करीब 12:15 बजे हुई। दिव्या बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। आरोप है कि उनके पति मानस बाजपेयी ने उन्हें कार से बाहर बुलाया और गोली मारने के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि दोनों के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा था।

    CCTV में कैद हुई वारदात

    घटना के सामने आए CCTV फुटेज में मानस और दिव्या के बीच विवाद होता दिखाई दे रहा है। विवाद की जानकारी मिलने पर बैंक कर्मचारी बाहर पहुंचे, लेकिन गोली चलने के बाद वे वापस अंदर भागते नजर आए। आरोपी के मौके से जाने के बाद बैंककर्मी दिव्या की मदद के लिए आगे बढ़े। गंभीर रूप से घायल दिव्या को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो से पहुंचने का दावा

    एक चश्मदीद के अनुसार, दिव्या अपने सहकर्मियों के साथ एक क्लाइंट से मिलकर बैंक लौटी थीं। इसी दौरान मानस बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो से वहां पहुंचा। चश्मदीद ने दावा किया कि मानस के दोनों हाथों में पिस्टल थीं और उसने दिव्या से बात करते हुए गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर बाहर आए कर्मचारियों की ओर भी उसने पिस्टल तान दी, जिसके बाद वे बैंक के भीतर चले गए। इसके बाद आरोपी उसी ऑटो में बैठकर फरार हो गया।

    सूत्रों के मुताबिक, दिव्या ने अपने सहकर्मियों को बताया था कि कुछ दिन पहले मानस ने पीछा कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की थी। उन्हें आशंका थी कि मानस उनकी जान ले सकता है, हालांकि इस संबंध में पुलिस के पास कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

    हत्या के बाद व्हाट्सएप स्टेटस लगाया

    दिव्या की हत्या के बाद मानस हुसड़िया चौराहा स्थित अपने घर पहुंचा। बताया गया है कि उसने व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से पत्नी की हत्या करने की जानकारी दी और इसके बाद अपनी बहन की हत्या तथा आत्महत्या करने की बात लिखी। आरोप है कि इसके बाद उसने अपनी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी और खुद को भी गोली मार ली।

    दरवाजा तोड़कर घर में पहुंचे लोग

    मानस के पड़ोसी अंकुर ने बताया कि उसकी शादी करीब 10 साल पहले हुई थी और पति-पत्नी लगभग डेढ़ साल से अलग रह रहे थे। मानस एक सरकारी बैंक में काम करता था। व्हाट्सएप स्टेटस देखने के बाद घर का दरवाजा तोड़ा गया तो भाई-बहन दोनों बेड पर पड़े मिले। मानस के सीने पर पिस्टल पड़ी थी और कमरे में टीवी तेज आवाज में चल रहा था।

  • Test#321: ईरान की मदद करने वाले देशों को भारी आर्थिक सजा की ट्रंप की चेतावनी

    Test#321: ईरान की मदद करने वाले देशों को भारी आर्थिक सजा की ट्रंप की चेतावनी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने के लिए नया अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की मदद या उसके साथ व्यापार करने वाले देशों को गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

    ईरान के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई का एलान

    ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि ईरान को समझौते के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया, लेकिन उसने इसका लाभ नहीं उठाया। उन्होंने इसे अभूतपूर्व स्तर का आर्थिक युद्ध और ईरान को अलग-थलग करने की कार्रवाई बताया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, सैन्य कारखानों और मुद्रा को भारी नुकसान पहुंचा है तथा देश की अर्थव्यवस्था संकट में है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जो देश अपने वित्तीय संस्थानों, कारोबारों, हवाई अड्डों या सरकारी संस्थाओं के माध्यम से ईरान को सहायता देने की अनुमति देगा, उसे भी कड़े आर्थिक नतीजे भुगतने होंगे। उन्होंने तेल तस्करी, स्वैप लाइन, नकद हस्तांतरण, एक्सचेंज हाउस, जहाजों के पंजीकरण और मुखौटा कंपनियों से जुड़ी गतिविधियां रोकने की मांग की।

    सहयोगी देशों से समर्थन मांगा

    ट्रंप ने इस अभियान को ‘इकोनॉमिक डी-डे’ बताते हुए सहयोगी देशों से समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य ईरान को अलग-थलग करना और दुनिया भर में आतंक फैलाने की उसकी कथित क्षमता को कमजोर करना है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

    अमेरिका में ट्रंप की आलोचना

    ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब युद्ध को छह महीने पूरे होने वाले हैं और कोई कूटनीतिक या सैन्य समाधान दिखाई नहीं दे रहा। नवंबर में होने वाले चुनावों के नजदीक आने के साथ ट्रंप को अमेरिका के भीतर इस युद्ध को लेकर राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उनकी टिप्पणी से करीब एक सप्ताह पहले ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि अमेरिका ईरान को अभूतपूर्व तरीके से आर्थिक रूप से अलग-थलग कर देगा।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर गतिरोध

    मिसाइल हमलों में हालिया कमी के बावजूद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली शिपिंग पर प्रभावी रोक लगा रखी है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी शुरुआती सहमति टूटने के बाद यह स्थिति पैदा हुई। दोनों पक्षों ने हाल के दिनों में संदेशों के आदान-प्रदान की बात कही थी, लेकिन ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि बातचीत बंद हो गई है।

    ईरान का कहना है कि वह ओमान के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन की योजना पर काम कर रहा है। इस समुद्री मार्ग को पूरी तरह खोलना अमेरिका की प्रमुख मांगों में शामिल है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए तय 60 दिन की बातचीत अवधि समाप्त होने के करीब थी, लेकिन इसे बढ़ाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई थी।

  • Test #334/ केन्या में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, 5 अमेरिकी नागरिकों समेत 7 लोगों की मौत

    Test #334/ केन्या में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, 5 अमेरिकी नागरिकों समेत 7 लोगों की मौत

    उत्तरी केन्या के एक सुदूर इलाके में बुधवार सुबह एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट और पांच अमेरिकी नागरिकों सहित हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। केन्या नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, दुर्घटना की जांच की जा रही है।

    प्राधिकरण ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर लोईसाबा संरक्षण क्षेत्र से सांबुरु काउंटी के इवासो नीरो क्षेत्र की ओर उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें पायलट समेत सात लोग सवार थे।

    मृतकों में पांच अमेरिकी नागरिक

    सांबुरु के पुलिस कमांडर डेविड नकोरोई ने बुधवार देर रात बताया कि हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि मृतकों में पांच अमेरिकी नागरिक शामिल थे। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और राजनयिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

    मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं

    मृतकों की पहचान आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, अमेरिका के मियामी से संचालित एक स्थानीय टेलीविजन चैनल ने बताया कि मृतकों में स्पेनिश भाषा के टेलीविजन नेटवर्क टेलीमुंडो के चैनलों के अध्यक्ष और महाप्रबंधक जोसे सुआरेज भी शामिल थे। उनकी उम्र 55 वर्ष बताई गई है।

    दुर्गम पहाड़ी इलाके में हुआ हादसा

    स्थानीय मीडिया के अनुसार, हेलीकॉप्टर लोकप्रिय पर्यटन स्थल माउंट ओलोलोकवे की तलहटी के एक दुर्गम इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। स्थानीय कंपनी लेडी लोरी हेलीकॉप्टर्स का यह हेलीकॉप्टर यात्रा कंपनी बियॉन्ड के मेहमानों को लेकर जा रहा था। उड्डयन प्राधिकरण ने दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मॉडल यूरोकॉप्टर ईसी130 बी4 बताया है।

    अभियान में सहायता के लिए भेजे गए दो हेलीकॉप्टर

    स्थानीय सफारी संचालक ट्रॉपिक एयर केन्या ने खोज एवं बचाव अभियान में सहायता के लिए अपने दो हेलीकॉप्टर भेजे। केन्या रेड क्रॉस के अनुसार, उसकी आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें विभिन्न एजेंसियों के अभियान में शामिल हुईं और बचाव दल ने दुर्घटनास्थल तक पहुंचने का प्रयास किया। फरवरी में भी पश्चिमी केन्या के एक पहाड़ी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में एक सांसद सहित छह लोगों की मौत हुई थी।

  • दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर से सुरक्षा घेरा और अवैध ढांचे हटाए गए

    दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर से सुरक्षा घेरा और अवैध ढांचे हटाए गए

    भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ी कूटनीतिक तल्खी के बीच नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर से सुरक्षा घेरा, अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत ढांचे हटा दिए गए हैं। यह कार्रवाई इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर लगे सुरक्षा ढांचे और पार्किंग पोल हटाए जाने के तीन दिन बाद हुई है।

    वीजा अनुभाग के पास बने ढांचों पर कार्रवाई

    अधिकारियों ने पाकिस्तान हाई कमीशन के वीजा अनुभाग के पास बने उन ढांचों को बुलडोजर से हटा दिया, जो मिशन के निर्धारित परिसर की सीमा के बाहर थे। कार्रवाई के बाद दोनों देशों के राजनयिक परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव देखने को मिला है।

    इससे तीन दिन पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर लगे पार्किंग पोल और अन्य सुरक्षा ढांचे हटा दिए थे। इसके बाद नई दिल्ली में हुई कार्रवाई को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर जवाबी कदम के रूप में देखा जा रहा है।

    कूटनीतिक सूत्रों ने बताया संतुलित जवाब

    कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली की कार्रवाई सोची-समझी और संतुलित प्रतिक्रिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है तथा दोनों देशों की औपचारिक कूटनीतिक गतिविधियां लगभग ठप हैं।

    सर्जियो गोर के बयान पर पाकिस्तान का विरोध

    इस बीच जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। इसके बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिका के कार्यवाह राजदूत को तलब कर उनके बयान का विरोध किया। नई दिल्ली और इस्लामाबाद में राजनयिक परिसरों के बाहर हुई कार्रवाइयों को इसी कूटनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।

    https://twitter.com/ANI/status/2090248681601826941
  • Test #322: ईरान की मदद करने वाले देशों को सख्त आर्थिक सजा की ट्रंप ने दी चेतावनी

    Test #322: ईरान की मदद करने वाले देशों को सख्त आर्थिक सजा की ट्रंप ने दी चेतावनी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने के लिए नया अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की मदद या उसके साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान को अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के उद्देश्य से की जाएगी।

    ईरान की मदद करने वाले देशों को चेतावनी

    ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि ईरान को समझौता करने के पर्याप्त अवसर दिए गए, लेकिन उसने उनका लाभ नहीं उठाया। उन्होंने ईरान की नौसेना, वायुसेना, सैन्य कारखानों और मुद्रा की स्थिति को लेकर भी कई दावे किए। ट्रंप के अनुसार, जो देश अपने वित्तीय संस्थानों, व्यवसायों, हवाई अड्डों या सरकारी संस्थाओं के माध्यम से ईरान को किसी भी तरह की सहायता देगा, उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेल की तस्करी, स्वैप लाइन, नकद हस्तांतरण, एक्सचेंज हाउस, जहाजों के पंजीकरण और फ्रंट कंपनियों के माध्यम से होने वाली सहायता रोकने को कहा। उन्होंने इस कार्रवाई को ‘इकोनॉमिक D-DAY’ बताते हुए सहयोगी देशों से समर्थन मांगा। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

    अमेरिका में ट्रंप की आलोचना

    ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब युद्ध के छह महीने पूरे होने वाले हैं और फिलहाल कोई कूटनीतिक या सैन्य समाधान दिखाई नहीं दे रहा। नवंबर में होने वाले चुनावों से पहले ट्रंप को इस युद्ध को लेकर अमेरिका के भीतर राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उनकी टिप्पणी अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उस बयान के करीब एक सप्ताह बाद आई, जिसमें उन्होंने ईरान को अभूतपूर्व तरीके से आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की बात कही थी।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव

    मिसाइल हमलों में हालिया कमी के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली शिपिंग प्रभावित है। यह स्थिति उस समय बनी जब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी शुरुआती सहमति टूट गई। दोनों पक्षों ने हाल के दिनों में संदेशों के आदान-प्रदान की बात कही थी, लेकिन ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि बातचीत बंद हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह सुझाव भी दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिका का नया इलाका बन सकता है।

    शांति वार्ता पर अनिश्चितता

    ट्रंप ने ओमान को भी चेतावनी दी है, जबकि ईरान का कहना है कि वह खाड़ी के इस अरब देश के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन की योजना पर काम कर रहा है। समुद्री रास्ते को पूरी तरह खोलना अमेरिका की प्रमुख मांगों में शामिल है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए तय 60 दिन की बातचीत अवधि समाप्त होने के करीब थी, लेकिन इसे बढ़ाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई थी।

  • तमिलनाडु विधानसभा में भ्रष्टाचार पर बहस, सीएम विजय ने DMK को दी खुलासे की चेतावनी

    तमिलनाडु विधानसभा में भ्रष्टाचार पर बहस, सीएम विजय ने DMK को दी खुलासे की चेतावनी

    चेन्नई में बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि तीन सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट और सबूत उनकी मेज पर हैं। उन्होंने DMK के पूर्व मंत्रियों और विधायकों से कहा कि वे उन्हें इन रिपोर्टों का अभी खुलासा करने के लिए मजबूर न करें। विजय के अनुसार, वह सही समय पर जानकारी सार्वजनिक करेंगे।

    हाउसिंग स्कीम पर आरोप के बाद तीखी बहस

    विधानसभा में विवाद उस समय बढ़ा जब DMK विधायकों ने जल संसाधन विभाग के मंत्री एन. आनंद की टिप्पणियों का विरोध किया। आनंद ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की हाउसिंग स्कीम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और अयोग्य लोगों को भी घर आवंटित किए गए। उन्होंने ये आरोप उस समय लगाए जब पूर्व मंत्री आई. पेरियासामी DMK की योजना ‘कलैगनार कनावु इल्लम थिट्टम’ पर बोल रहे थे।

    बहस में शामिल स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने कहा कि भ्रष्टाचार के सबूत सामने आने पर DMK विधायक चुप हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री पूरी रिपोर्ट जारी कर दें तो DMK नेताओं की प्रतिक्रिया की कल्पना भी नहीं की जा सकती। विपक्षी सदस्यों ने इन टिप्पणियों का कड़ा विरोध करते हुए आरोपों के समर्थन में तत्काल सबूत पेश करने की मांग की।

    मुख्यमंत्री ने कहा—सही समय पर करेंगे खुलासा

    बहस में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष से कहा, “आप सबूत मांग रहे हैं। एक हफ्ते पहले, वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने विधानसभा को बताया था कि तीन विभागों की विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट मुझे सौंपी गई थीं। विस्तृत सबूतों वाली वे रिपोर्ट मेरी मेज पर हैं। मुझे उन्हें खोलने के लिए मजबूर न करें; मैं सही समय पर उनका खुलासा करूंगा।”

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्हें पता है कि कब और कैसे बात करनी है। उन्होंने कहा, “हमने प्यार और स्नेह से बात की, इसीलिए लोगों ने हमें वोट देकर विधानसभा भेजा।” विजय ने यह भी कहा कि वह इसलिए चुप रहे ताकि आने वाले उपचुनावों में किसी की मदद हो सके।

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