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  • पश्चिम बंगाल में सप्ताह में दो दिन सरकारी कार्यालयों में लगेगा जनता दरबार

    पश्चिम बंगाल में सप्ताह में दो दिन सरकारी कार्यालयों में लगेगा जनता दरबार

    पश्चिम बंगाल सरकार ने जन शिकायतों के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन जनता दरबार आयोजित करने का निर्देश दिया है। अब फील्ड स्तर के अधिकारी प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को लोगों से सीधे मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। यह व्यवस्था ‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ पहल के तहत लागू की जाएगी।

    सुबह 10:30 से दोपहर 1 बजे तक सुनवाई

    जनता दरबार मंगलवार और गुरुवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों में लगेगा। जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त, एसडीओ, बीडीओ, पुलिस अधिकारी और अन्य जमीनी अधिकारियों को इस दौरान उपलब्ध रहने के लिए कहा गया है। निर्धारित अवधि में कोई बैठक या अन्य आधिकारिक कार्यक्रम नहीं रखा जाएगा और जनता दरबार जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

    कार्यालयों और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी जानकारी

    अधिकारियों के बैठने का दिन और समय, उनके मोबाइल नंबर तथा ईमेल आईडी सरकारी कार्यालयों के बाहर और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जाएंगे। शिकायत सुनने के बाद की गई कार्रवाई का पूरा विवरण ‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। कार्मिक तथा प्रशासनिक सुधार विभाग इस प्रक्रिया की निगरानी करेगा।

    यह व्यवस्था उन लोगों के लिए भी उपयोगी मानी जा रही है जो ऑनलाइन सेवाओं या डिजिटल ऐप का इस्तेमाल करने में सहज नहीं हैं। ऐसे नागरिक सरकारी कार्यालय जाकर अधिकारियों से आमने-सामने मिल सकेंगे और अपनी समस्या बता सकेंगे।

    शिकायत निवारण पहल का विस्तार

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लोगों की शिकायतें सीधे सुनने के लिए ‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ यानी ‘आपकी सरकार आपके साथ’ पहल शुरू की थी। इसके तहत साप्ताहिक जनता दरबार और शिकायतों के लिए ऑनलाइन प्रणाली की व्यवस्था की गई है। अब फील्ड स्तर के अधिकारियों को भी सप्ताह में दो बार जनता दरबार लगाने का निर्देश देकर इस पहल का विस्तार किया जा रहा है।

  • ईरान युद्ध के बाद पहली बार मिले पीएम मोदी और मसूद पेजेश्कियान, बिश्केक में हुई मुलाकात

    ईरान युद्ध के बाद पहली बार मिले पीएम मोदी और मसूद पेजेश्कियान, बिश्केक में हुई मुलाकात

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। दोनों नेता शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक पहुंचे हैं। फरवरी में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद मोदी और पेजेश्कियान की यह पहली मुलाकात है। दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों ने भी मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

    प्रधानमंत्री मोदी फरवरी से ईरानी नेतृत्व के संपर्क में हैं। उन्होंने विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति पर लगातार जोर दिया है। मोदी ने मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित होने से बचाने की आवश्यकता भी बताई है। 30 जून को राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी। इस दौरान मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेजेश्कियान को धन्यवाद दिया था।

    अमेरिका और ईरान के बीच फिर सैन्य कार्रवाई

    मोदी और पेजेश्कियान की मुलाकात से कुछ घंटे पहले अमेरिका और ईरान के बीच करीब एक महीने बाद फिर सैन्य कार्रवाई हुई। अमेरिका ने लारक द्वीप पर ईरानी सैन्य रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिका के अनुसार, ईरान को हार्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने से रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

    इसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हॉर्मुज के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया। इसके बाद ईरानी नेतृत्व ने संघर्ष बढ़ने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन हमला होने पर हमलावरों को निर्णायक जवाब देगा।

    पेजेश्कियान ने दी कड़े जवाब की चेतावनी

    SCO शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले पेजेश्कियान ने कहा था कि ईरान किसी भी तरह की आक्रामकता का पूरी ताकत और दृढ़ता से जवाब देगा। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व की नियति, इतिहास और सभ्यता हजारों साल पुरानी है तथा क्षेत्र के देशों के बीच संवाद, सह-अस्तित्व और विकास की परंपरा रही है। उनके अनुसार, शांति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सभ्यता इसी भूमि से विकसित हुई हैं और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए।

  • बिश्केक में मिले पीएम मोदी और मसूद पेजेश्कियान, ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद पहली मुलाकात

    बिश्केक में मिले पीएम मोदी और मसूद पेजेश्कियान, ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद पहली मुलाकात

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। फरवरी में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक है। दोनों पक्षों ने अभी तक मुलाकात में हुई चर्चा को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

    प्रधानमंत्री मोदी फरवरी से ईरानी नेतृत्व के संपर्क में हैं। उन्होंने विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर देने के साथ मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित होने से बचाने की जरूरत बताई है। 30 जून को पेजेश्कियान के साथ फोन पर बातचीत में भी उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी। मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेजेश्कियान को धन्यवाद भी दिया था।

    अमेरिका और ईरान के बीच फिर सैन्य कार्रवाई

    मोदी और पेजेश्कियान की मुलाकात से कुछ घंटे पहले अमेरिका और ईरान के बीच करीब एक महीने बाद फिर सैन्य कार्रवाई हुई। अमेरिका ने लारक द्वीप पर ईरानी सैन्य रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिका ने कहा कि ईरान को हार्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने से रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

    इसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हॉर्मुज के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया। इसके बाद ईरानी नेतृत्व ने संघर्ष बढ़ाने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन हमला होने पर वह हमलावरों को निर्णायक जवाब देगा।

    पेजेश्कियान ने दी थी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

    SCO शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले पेजेश्कियान ने कहा था कि ईरान किसी भी तरह की आक्रामकता का पूरी ताकत और दृढ़ता से जवाब देगा। उन्होंने मध्य पूर्व के देशों के बीच संवाद, सह-अस्तित्व और विकास की परंपरा का उल्लेख करते हुए शांति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सभ्यता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई थी।

  • दिल्ली में SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, 47.7 लाख नाम शामिल नहीं

    दिल्ली में SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, 47.7 लाख नाम शामिल नहीं

    दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.7 लाख लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगभग 97.5 लाख मतदाता शामिल हैं।

    30 सितंबर तक पेश किए जा सकेंगे दावे

    दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के मुताबिक, जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं हैं, वे 30 सितंबर तक फॉर्म 6 और जरूरी दस्तावेजों के माध्यम से अपने दावे पेश कर सकते हैं। चुनाव आयोग के अपडेटेड शेड्यूल के अनुसार, दावों और आपत्तियों की जांच के साथ नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी।

    घर-घर जाकर जुटाई गई मतदाताओं की जानकारी

    चुनाव आयोग के अनुसार, दिल्ली में घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म और मतदाताओं की जानकारी जुटाने तथा उन्हें डिजिटाइज करने की प्रक्रिया 30 जून को शुरू हुई थी और 17 अगस्त को पूरी हुई। इस दौरान दिल्ली के कुल 1,45,10,299 मतदाताओं में से लगभग 67.18 प्रतिशत के फॉर्म डिजिटाइज किए गए।

    ASDDO श्रेणी में रखे गए 47.7 लाख मतदाता

    शेष 47.7 लाख मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और अन्य यानी ASDDO श्रेणी में जानकारी नहीं मिल पाने वाले मतदाताओं के रूप में रखा गया है। इन मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किया गया। चुनाव आयोग के मुताबिक, SIR का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता को सूची से बाहर नहीं रहने देना और अयोग्य मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाना है।

  • बिश्केक SCO सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग से मुलाकात की संभावना

    बिश्केक SCO सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग से मुलाकात की संभावना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं। वह 31 अगस्त से एक सितंबर तक होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। किर्गिस्तान के मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पारंपरिक किर्गिज नृत्य प्रस्तुत किया गया, जबकि होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

    पुतिन और जिनपिंग से मुलाकात की संभावना

    प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता भाग ले रहे हैं। सम्मेलन की थीम ‘सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना’ है। सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। इनमें किर्गिस्तान के राष्ट्रपति झापारोव के साथ संभावित वार्ता भी शामिल है।

    SCO की स्थापना के 25 वर्ष

    इस सम्मेलन के दौरान 10 सदस्यीय एससीओ की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने का अवसर भी मनाया जा रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में संगठन की स्थापना की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस संगठन में शामिल हुए।

    भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है सम्मेलन

    मध्य एशिया में तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार हैं। भारत लंबे समय से इस क्षेत्र के देशों के साथ संबंध मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत मध्य एशियाई देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाने के साथ नए परिवहन मार्ग विकसित करने पर भी काम कर रहा है। ऐसे में एससीओ सम्मेलन क्षेत्रीय संपर्क, ऊर्जा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से भारत के लिए महत्वपूर्ण है।

    सुरक्षा, संपर्क और अवसरों पर जोर

    यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वह मध्य एशिया के लिए भारत के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं, जो ‘सुरक्षा, संपर्क और अवसरों’ पर आधारित है। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खतरे से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही थी। प्रधानमंत्री बिश्केक में छठे विश्व घुमंतू खेल के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।

    प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस यात्रा से मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी, क्षेत्र के साथ सभ्यतागत संबंध गहरे होंगे और शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के साझा प्रयास आगे बढ़ेंगे। बिश्केक पहुंचने से पहले उन्होंने उज्बेकिस्तान का दौरा किया, जहां राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार और दोनों देशों की समान सोच व आकांक्षाओं पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपनी चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा बताते हुए दोनों देशों के करीबी समन्वय और गहरी मित्रता का संकेत कहा।

  • उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं प्रधानमंत्री मोदी की तीन कविताएं

    उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं प्रधानमंत्री मोदी की तीन कविताएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान उनकी लिखी कविताएं विशेष चर्चा में रहीं। ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के छात्रों ने प्रधानमंत्री के सामने तीन कविताएं हिंदी और उज्बेक भाषा में प्रस्तुत कीं। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से कुकसरॉय पैलेस में आयोजित अनौपचारिक रात्रिभोज में भी मोदी की कविता “अभी तो सूरज उगा है” पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति दी गई।

    उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और रक्षा सहयोग को लेकर अहम समझौते हुए। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे।

    छात्रों ने दो भाषाओं में प्रस्तुत कीं कविताएं

    ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में छात्रों और अकादमिक समुदाय के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई। छात्रों ने मोदी की लिखी तीन कविताएं “अभी तो सूरज उगा है”, “नए भारत के नए संकल्प” और “मानवता को कहीं न लग जाए दाग” हिंदी तथा उज्बेक भाषा में सुनाईं।

    इन छात्रों ने दी प्रस्तुति

    चौथे वर्ष के छात्र केल्डियोरोव दिलहुशबेक ने हिंदी में “अभी तो सूरज उगा है” सुनाई, जबकि इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा दिलशोदा जुराबोएवा ने प्रस्तुत किया। “नए भारत के नए संकल्प” को चौथे वर्ष के छात्र ओटाबेक अमीरोव ने हिंदी में सुनाया और तीसरे वर्ष के छात्र इकरोमखुजा सादिल्लाएव ने इसका उज्बेक अनुवाद प्रस्तुत किया।

    इंसानियत, दया और शांति पर आधारित कविता “मानवता को कहीं न लग जाए दाग” को तीसरे वर्ष की छात्रा ओरज़ू कुलदोशेवा ने हिंदी में सुनाया। इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा फयोजा अब्दुरसुलोवा ने प्रस्तुत किया।

  • नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा से मुंबई लौटीं मानसी पारेख

    नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा से मुंबई लौटीं मानसी पारेख

    अभिनेत्री मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा से सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड आने के बाद उनके लापता होने की खबर सामने आई थी, जिससे परिवार, प्रशंसकों और शुभचिंतकों की चिंता बढ़ गई थी। मुंबई एयरपोर्ट पर मानसी को देखकर उनका परिवार भावुक हो गया।

    मानसी उन 93 यात्रियों के साथ मुंबई लौटीं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे और जिनके बारे में तीन-चार दिनों से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। सुरक्षित वापसी के बाद उन्होंने यात्रा के दौरान आई त्रासदी और उससे जुड़े अनुभव साझा किए।

    तिब्बत-नेपाल सीमा के हालात का किया जिक्र

    मानसी पारेख ने बताया कि यह सफर लंबा और कठिन रहा। उनके अनुसार, तिब्बत और नेपाल की सीमा पर स्थित एक बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग से यात्रियों ने सात दिन पहले चीन में प्रवेश किया था। कैलाश यात्रा पूरी होने के बाद वे चीन से निकलने वाले थे, लेकिन इससे करीब 24 घंटे पहले हादसा हो गया।

    उन्होंने कहा कि हादसे के वीडियो देखने और उसके बारे में जानकारी मिलने के बाद यात्रियों को समझ नहीं आया कि आगे क्या किया जाए। मानसी के मुताबिक, बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग और पूरा गांव बह गया था। उन्होंने इस अनुभव को बेहद खराब बताते हुए कहा कि इस घटना ने जीवन की अनिश्चितता का अहसास कराया।

    घटना को बताया दुखद और डरावना

    मानसी ने बताया कि पूरा इलाका मिट्टी में डूब चुका था और वहां लोगों का मिल पाना बेहद मुश्किल था। उनके अनुसार, बहाव इतना तेज था कि लोग 300 किलोमीटर दूर तक बह गए। उन्होंने इसे प्रकृति का ऐसा प्रकोप बताया जिसे रोकना किसी के हाथ में नहीं था।

    अभिनेत्री ने कहा कि किसी ने इस तरह की घटना की कल्पना नहीं की थी और पूरे घटनाक्रम पर विश्वास करना मुश्किल था। उन्होंने इस अनुभव को अत्यंत दुखद बताया।

    लापता होने की खबर से बढ़ी थी चिंता

    कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान मानसी पारेख के लापता होने की खबर आने के बाद उनके परिवार और प्रशंसकों में चिंता का माहौल था। उनके शुभचिंतक सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे थे। मानसी ने नेपाल त्रासदी से कुछ घंटे पहले मानसरोवर यात्रा की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा की थीं। अब उनके सुरक्षित भारत लौटने से परिवार, मित्रों और प्रशंसकों ने राहत की सांस ली है।

  • यूपी चुनाव 2027 की तैयारी तेज, लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बड़ी बैठकें

    यूपी चुनाव 2027 की तैयारी तेज, लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बड़ी बैठकें

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने सोमवार को लखनऊ में अलग-अलग बैठकें बुलाई हैं। तीनों दल संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। बीजेपी का जोर बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर है, जबकि बसपा संगठन और सामाजिक आधार को मजबूत करने तथा सपा मतदाता सूची से जुड़े काम पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    बीजेपी का बूथ स्तर तक संगठन सक्रिय करने पर जोर

    बीजेपी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला आयोजित कर रही है। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह शामिल होंगे। कार्यशाला में करीब 700 पदाधिकारियों के साथ सभी जिलाध्यक्षों और प्रत्येक जिले से सांसद-विधायक को बुलाया गया है। प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन में शामिल उत्तर प्रदेश के नेता भी इसमें भाग लेंगे।

    पार्टी का मुख्य फोकस राज्य सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने, संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने और मिशन 2027 के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक जिले से पांच-पांच पदाधिकारी बुलाए गए हैं। सभी जिलाध्यक्षों और मोर्चों के अध्यक्षों के साथ हर जिले से एक विधायक और सांसद को भी आमंत्रित किया गया है। बैठक में पार्टी और सरकार के कामकाज तथा आगामी राजनीतिक अभियानों को जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति पर चर्चा होगी।

    बसपा की बैठक में जिलाध्यक्षों से ली जाएगी रिपोर्ट

    बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इसमें संगठन को मजबूत करने, पार्टी की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी। विधानसभा चुनाव की तैयारी, संभावित प्रत्याशियों के चयन और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर भी मंथन किया जाएगा। अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद इस बैठक को बसपा की चुनावी तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मायावती जिलाध्यक्षों से जमीनी स्थिति की रिपोर्ट लेने के साथ संभावित प्रत्याशियों यानी विधानसभा प्रभारियों के नामों पर विचार कर रही हैं। पार्टी की योजना कैडर में नए युवाओं को जोड़ने, संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने और अपने कैडर वोट बैंक के साथ सर्वसमाज, विशेषकर ब्राह्मण और मुस्लिम वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की है। बसपा 2027 के चुनाव से पहले अपने पुराने सामाजिक आधार को दोबारा मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

    सपा का मतदाता सूची और तकनीकी तैयारी पर फोकस

    समाजवादी पार्टी ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सभी जिला और महानगर अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ तकनीकी तैयारी पर भी जोर दिया जाएगा। सभी विधानसभा क्षेत्रों से कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले और फॉर्म-6 भरने के काम से जुड़े एक-एक व्यक्ति को बैठक में शामिल किया जाएगा।

    हर विधानसभा क्षेत्र से आईटी विशेषज्ञों और नया मतदाता जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाकर पार्टी मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन के काम की समीक्षा करेगी। इस बैठक के जरिए सपा बूथ स्तर पर अपनी तैयारी मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक तथा चुनावी रोडमैप तैयार करने में जुटी है।

    लखनऊ में एक ही दिन हो रही बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकों से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में तेजी दिखाई दे रही है। तीनों दल अपनी अलग-अलग रणनीतियों के तहत संगठन, बूथ प्रबंधन और चुनावी कार्यक्रमों को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।

  • KBC 18 में विशाल राठौड़ ने सुनाया दिहाड़ी मजदूरी का संघर्ष, भावुक हुए अमिताभ बच्चन

    KBC 18 में विशाल राठौड़ ने सुनाया दिहाड़ी मजदूरी का संघर्ष, भावुक हुए अमिताभ बच्चन

    अमिताभ बच्चन के क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में महाराष्ट्र के विशाल प्रेमचंद राठौड़ ने अपने परिवार के आर्थिक संघर्ष के बारे में बताया। उनकी बातें सुनकर स्टूडियो में मौजूद लोग भावुक हो गए और अमिताभ बच्चन भी भावुक दिखाई दिए।

    काम नहीं मिलने पर रुक जाती है कमाई

    विशाल ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर हैं और एक दिन में 500 से 600 तक कमा पाते हैं। काम नहीं मिलने पर उन्हें खाली बैठना पड़ता है और उस दिन कोई कमाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्हें छुट्टी से डर लगता है।

    विशाल के अनुसार, वह अपने पिता के साथ मजदूरी के लिए जाते हैं। कई बार दोपहर 12 से एक बजे तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें काम नहीं मिलता। उनकी मां एक कैंटीन में झाड़ू-पोंछा लगाने का काम करती हैं। शो में विशाल के साथ उनके माता-पिता और दो बहनें भी मौजूद थीं।

    पिता को कपड़े नहीं दिला पाने का दुख

    अमिताभ बच्चन ने विशाल से पूछा कि वह अपने पिता को क्या तोहफा देना चाहेंगे। इस पर विशाल ने कहा कि वह अब तक अपने पिता को कपड़े भी नहीं दिला पाए हैं। उन्होंने बताया कि त्योहार पर हर बच्चे की इच्छा होती है कि वह अपने माता-पिता के लिए अच्छे कपड़े लाए, लेकिन वह अभी तक ऐसा नहीं कर सके।

    विशाल ने अपने गांव के छोटे घर की मरम्मत और बहनों की पढ़ाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी बहनें अच्छी तरह पढ़ सकें और वह खुद भी अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। विशाल के संघर्ष के बारे में सुनकर उनके परिजन और स्टूडियो में मौजूद लोग भावुक हो गए।

  • कोटद्वार विवाद: मोहम्मद दीपक के खिलाफ FIR पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक

    कोटद्वार विवाद: मोहम्मद दीपक के खिलाफ FIR पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक

    उत्तराखंड के कोटद्वार में हुए विवाद से जुड़े जिम मालिक मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके साथ ही उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस निर्देश पर भी रोक लगाई गई है, जिसमें दीपक को मामले से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट करने से मना किया गया था।

    दुकान के नाम को लेकर हुआ था विवाद

    मामला कोटद्वार की एक दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। 26 जनवरी को दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर कुछ लोगों का 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार से विवाद हुआ था। दीपक के मुताबिक, वह दुकानदार के समर्थन में मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान भीड़ ने उनसे उनकी पहचान पूछी, जिस पर उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह चर्चा में आए। उनके समर्थन में लोगों ने 100 से 500 रुपये तक की छोटी राशि भी दी थी।

    दीपक और उनके सहयोगी पर लगे आरोप

    घटना के बाद दीपक कुमार और उनके सहयोगी के खिलाफ दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन छीनने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने दीपक समेत 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि घटना के समय दीपक भीड़ को शांत करने के लिए मौके पर मौजूद थे और इस दौरान उनकी भीड़ के साथ धक्का-मुक्की हुई। सरकार ने यह भी बताया था कि घटना से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ पांच मुकदमे पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।

    हाईकोर्ट ने नहीं दी थी राहत

    उत्तराखंड हाईकोर्ट में 20 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान दीपक ने FIR रद्द करने, परिवार को सुरक्षा देने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उस समय उन्हें राहत नहीं दी और जांच में पुलिस का सहयोग करने को कहा था। अदालत ने उन्हें मामले से जुड़ी अनावश्यक सोशल मीडिया गतिविधि से दूर रहने का निर्देश भी दिया था।

    अब सुप्रीम कोर्ट ने FIR पर अंतरिम रोक लगाने के साथ ही सोशल मीडिया गतिविधि से संबंधित हाईकोर्ट के निर्देश पर भी रोक लगा दी है। यह राहत फिलहाल अंतरिम है और मामले में आगे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार होगी।