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  • मयंक अग्रवाल ने डरहम से किया करार, काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी चरण में खेलेंगे

    मयंक अग्रवाल ने डरहम से किया करार, काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी चरण में खेलेंगे

    भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे अनुभवी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने काउंटी चैंपियनशिप के मौजूदा सीजन के आखिरी चरण के लिए डरहम क्रिकेट क्लब से करार किया है। 35 वर्षीय मयंक टीम के बचे हुए मुकाबलों में खेलेंगे। डिवीजन टू में डरहम ने अब तक 10 मैचों में सात जीत दर्ज की हैं, जबकि उसके तीन मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। टीम के पास डिवीजन वन में वापसी का मौका है।

    डेविड बेडिंघम की जगह टीम में शामिल

    मयंक अग्रवाल को साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड बेडिंघम की जगह टीम में शामिल किया गया है। बेडिंघम साउथ अफ्रीका के रेड-बॉल सीजन के कारण इस सप्ताह अपने देश लौट रहे हैं। उन्होंने हाल ही में ग्लूस्टरशायर के खिलाफ शतक लगाकर डरहम की 10 विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

    मयंक के लिए इंग्लिश काउंटी क्रिकेट की परिस्थितियां नई नहीं हैं। उन्होंने 2025 सीजन के आखिरी तीन मुकाबलों में यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व किया था। भारतीय टीम के लिए उन्होंने 2018 से 2021 के बीच 21 टेस्ट मैच खेले और 41.33 की औसत से 1,488 रन बनाए। उनके नाम चार टेस्ट शतक हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 243 रन रहा, जो उन्होंने 2019 में इंदौर टेस्ट में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था।

    घरेलू क्रिकेट में भी बनाए रन

    रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में मयंक ने कर्नाटक के लिए 678 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक लगाया और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 160 रन रहा। डरहम को सीजन के निर्णायक चरण में उनके अनुभव और बल्लेबाजी से मदद मिलने की उम्मीद है।

    हेड कोच रयान कैंपबेल ने जताई खुशी

    डरहम के हेड कोच रयान कैंपबेल ने मयंक के टीम से जुड़ने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बेडिंघम के साउथ अफ्रीका लौटने के बाद टीम को एक अनुभवी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज की जरूरत थी और मयंक के रूप में उसे अच्छा विकल्प मिला है। मयंक अब बचे हुए मुकाबलों में डरहम के डिवीजन वन में पहुंचने के अभियान में योगदान देंगे।

  • जंतर-मंतर प्रदर्शन की 13 FIR रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस

    जंतर-मंतर प्रदर्शन की 13 FIR रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस

    दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास 20 से 25 जुलाई 2026 के बीच हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ी 13 FIR रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पुलिस ने यशोवर्धन आजाद और अन्य की याचिका में दाखिल अर्जी में कहा है कि केंद्र सरकार के 25 जुलाई 2026 के फैसले के बाद वह इन मामलों में आगे कार्रवाई नहीं करना चाहती। इसके साथ ही पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े 2,873 लोगों की भूमिका की सीमित जांच के लिए अलग FIR दर्ज करने की अनुमति मांगी है।

    दंगा, हत्या की कोशिश और तोड़फोड़ के आरोप

    अर्जी के साथ दिए गए चार्ट के अनुसार, ये FIR 21, 22, 25 और 26 जुलाई को अलग-अलग थानों में दर्ज की गई थीं। इनमें दंगा, हत्या की कोशिश और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं। एक FIR में लूट का आरोप भी दर्ज किया गया है।

    2,873 लोगों की भूमिका की जांच की मांग

    दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान गंभीर आपराधिक मामलों में पहले शामिल रहे 2,873 लोगों की भूमिका की जांच जरूरी है। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के डेटा में है। प्रस्तावित अलग FIR की जांच यह पता लगाने तक सीमित रहेगी कि प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति की हिंसा या सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में कोई भूमिका थी या नहीं।

    पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अर्जी में शामिल घटनाओं को लेकर इसके बाद कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। यदि इन्हीं घटनाओं से जुड़ी कोई अन्य FIR सामने आती है तो प्रभावित पक्ष के इसी तरह की राहत मांगने पर पुलिस उसका विरोध नहीं करेगी।

    अनुच्छेद 142 के तहत राहत का अनुरोध

    दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए 13 FIR रद्द करने और 2,873 लोगों से जुड़ी सीमित जांच के लिए नई FIR दर्ज करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। पुलिस ने कहा है कि आदेश मौजूदा मामले की विशेष परिस्थितियों तक सीमित रखा जाए और भविष्य के मामलों में इसे मिसाल के तौर पर इस्तेमाल न किया जाए। यह अर्जी 31 अगस्त 2026 को दाखिल की गई और इसके साथ दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर अजय कृष्ण शर्मा का हलफनामा भी लगाया गया है।

  • मयंक अग्रवाल ने काउंटी चैंपियनशिप के लिए डरहम से किया करार

    मयंक अग्रवाल ने काउंटी चैंपियनशिप के लिए डरहम से किया करार

    भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे अनुभवी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने काउंटी चैंपियनशिप के मौजूदा सीजन के आखिरी चरण के लिए डरहम क्रिकेट क्लब से करार किया है। 35 वर्षीय मयंक टीम के शेष मुकाबलों में खेलेंगे। डिवीजन टू में डरहम ने अब तक 10 मैचों में सात जीत दर्ज की हैं, जबकि उसके तीन मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। टीम के पास डिवीजन वन में वापसी का मौका है।

    डेविड बेडिंघम की जगह टीम में शामिल

    मयंक अग्रवाल को दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड बेडिंघम की जगह टीम में शामिल किया गया है। बेडिंघम दक्षिण अफ्रीका के रेड-बॉल सीजन के कारण इस सप्ताह स्वदेश लौट रहे हैं। उन्होंने हाल में ग्लूस्टरशायर के खिलाफ शतक लगाया था और डरहम की 10 विकेट से जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

    मयंक इससे पहले भी इंग्लिश काउंटी क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने 2025 सीजन के आखिरी तीन मुकाबलों में यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व किया था। भारतीय टीम के लिए उन्होंने 2018 से 2021 के बीच 21 टेस्ट मैचों में 41.33 की औसत से 1,488 रन बनाए। उनके नाम चार शतक हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर 243 रन है, जो उन्होंने 2019 में इंदौर में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था।

    घरेलू क्रिकेट में भी मयंक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में उन्होंने कर्नाटक के लिए 678 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक निकला और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 160 रन रहा।

    हेड कोच रयान कैंपबेल ने जताई खुशी

    डरहम के हेड कोच रयान कैंपबेल ने मयंक के टीम से जुड़ने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बेडिंघम के दक्षिण अफ्रीका लौटने के बाद टीम को एक अनुभवी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज की जरूरत थी और मयंक के रूप में उसे अच्छा विकल्प मिला है। अब मयंक काउंटी चैंपियनशिप के अंतिम चरण में डरहम के लिए योगदान देंगे।

  • नेपाल बाढ़ की वजह पर नई थ्योरी, वैज्ञानिक रॉकस्लाइड की संभावना की कर रहे जांच

    नेपाल बाढ़ की वजह पर नई थ्योरी, वैज्ञानिक रॉकस्लाइड की संभावना की कर रहे जांच

    काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ की वजह को लेकर वैज्ञानिक जांच जारी है। नेपाल सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट विशाल नाथ उप्रेती के अनुसार, शुरुआती जांच में तिब्बत की किसी ग्लेशियर झील के फटने की पुष्टि नहीं हुई है। वैज्ञानिक अब बड़े रॉकस्लाइड यानी चट्टान खिसकने की संभावना सहित दूसरी थ्योरी पर काम कर रहे हैं।

    ग्लेशियर झील फटने की थ्योरी छोड़ी गई

    उप्रेती ने बताया कि शुरुआत में इस घटना को ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) माना गया था। बाद में पता चला कि तिब्बत में कोई झील नहीं फटी थी, जिसके बाद अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने इस थ्योरी को छोड़ दिया। इसके बाद यह आशंका जताई गई कि भूकंप के कारण बर्फ और चट्टानें गिरी होंगी, लेकिन USGS के आकलन में घटनाक्रम इसके उलट बताया गया। इसके मुताबिक घाटी में बड़ी मात्रा में बर्फ और चट्टानें गिरने से भूकंप उत्पन्न हुआ था। भूकंप की तीव्रता पहले 4.2 बताई गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 5.2 कर दिया गया।

    उप्रेती के मुताबिक, पहली घटना के लगभग तीन घंटे और आठ मिनट बाद एक और भूस्खलन हुआ। इससे बना बांध टूटने पर एक छोटी बाढ़ आई, लेकिन पानी धीरे-धीरे बहने के कारण कोई बड़ी आपदा नहीं हुई। उन्होंने उत्तराखंड के चमोली की घटना का भी उल्लेख किया, जहां लगभग दो किलोमीटर की ऊंचाई से बर्फ और चट्टानें गिरने के बाद मलबा बहा था और करीब 200 लोगों की मौत हुई थी।

    मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका

    उप्रेती ने कहा कि नेपाल की इस आपदा में 5,000 से अधिक लोगों के मारे जाने या लापता होने की खबर है। उन्होंने आशंका जताई कि यह आंकड़ा 7,000 या 10,000 तक पहुंच सकता है। बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं, जबकि 39 देशों के करीब 590 विदेशी नागरिक अब भी लापता बताए गए हैं।

    सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर चल रही जांच

    उप्रेती के अनुसार, इस घटना में ग्लेशियर झील से लाखों क्यूबिक मीटर पानी तेजी से घाटी में आने के बजाय बर्फ और चट्टानें नीचे गिरीं। घटनास्थल तक अभी कोई नहीं पहुंचा है, इसलिए जांच मुख्य रूप से सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित है। एक शुरुआती थ्योरी में इसे बहुत बड़ा रॉकस्लाइड माना जा रहा है, जिसमें बर्फ खिसकती हुई चट्टान के ऊपर मौजूद थी और ग्लेशियर स्वयं नीचे नहीं खिसका था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक जांच पूरी नहीं हुई है और फिलहाल इस थ्योरी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

  • जंतर-मंतर प्रदर्शन की 13 एफआईआर रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस

    जंतर-मंतर प्रदर्शन की 13 एफआईआर रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस

    दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास 20 से 25 जुलाई 2026 के बीच हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ी 13 एफआईआर रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पुलिस ने यशोवर्धन आजाद और अन्य की याचिका में यह अर्जी दाखिल की है। साथ ही पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोगों की भूमिका की सीमित जांच के लिए अलग एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी गई है।

    दिल्ली पुलिस ने अर्जी में कहा है कि 25 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार की ओर से लिए गए फैसले के बाद वह इन 13 एफआईआर में आगे कार्रवाई नहीं करना चाहती। इसलिए पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से इन मामलों को समाप्त करने की मांग की है।

    एफआईआर में दंगा और तोड़फोड़ समेत कई आरोप

    अर्जी के साथ दिए गए चार्ट के अनुसार, ये एफआईआर 21, 22, 25 और 26 जुलाई को अलग-अलग थानों में दर्ज की गई थीं। इनमें दंगा, हत्या की कोशिश और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए थे। एक एफआईआर में लूट का आरोप भी दर्ज है।

    2,873 लोगों की भूमिका की जांच के लिए अलग मांग

    पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान गंभीर आपराधिक मामलों में पहले शामिल रहे 2,873 लोगों की भूमिका की जांच जरूरी है। पुलिस के मुताबिक, इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के डेटा में है। प्रस्तावित एफआईआर की जांच केवल यह पता लगाने तक सीमित रहेगी कि प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति की हिंसा या सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में कोई भूमिका थी या नहीं।

    दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि अर्जी में शामिल घटनाओं को लेकर इसके बाद कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। यदि इन्हीं घटनाओं से जुड़ी कोई अन्य एफआईआर सामने आती है तो प्रभावित पक्ष की ओर से इसी तरह की राहत मांगे जाने पर पुलिस उसका विरोध नहीं करेगी।

    अनुच्छेद 142 के तहत राहत की अपील

    पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर 13 एफआईआर रद्द करने और 2,873 लोगों से जुड़ी सीमित जांच के लिए नई एफआईआर की अनुमति देने का अनुरोध किया है। पुलिस ने यह भी कहा है कि आदेश मौजूदा मामले की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दिया जाए और इसे भविष्य के मामलों में मिसाल के रूप में इस्तेमाल न किया जाए। यह अर्जी 31 अगस्त 2026 को दाखिल की गई और इसके साथ दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर अजय कृष्ण शर्मा का हलफनामा लगाया गया है।

  • AI जल्द हासिल कर सकता है सुपर-ह्यूमन क्षमता, जानें एलन मस्क के दावे का आधार

    AI जल्द हासिल कर सकता है सुपर-ह्यूमन क्षमता, जानें एलन मस्क के दावे का आधार

    Tesla के CEO एलन मस्क ने दावा किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आने वाले कुछ वर्षों में इंसानों से अधिक सक्षम हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने कहा कि AI तेजी से बेहतर हो रहा है और जल्द सुपर-ह्यूमन स्तर पर काम कर सकता है। उनका यह दावा उन्नत AI एजेंट्स की बढ़ती क्षमताओं और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की चर्चा के बीच सामने आया है।

    Vercel के CEO की पोस्ट पर दी प्रतिक्रिया

    मस्क ने Vercel के CEO Guillermo Rauch की उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह दावा किया, जिसमें CVSS 9.8 रेटिंग वाली एक CVE खामी का उल्लेख किया गया था। Rauch के अनुसार, AI एजेंट्स ने सिस्टम में मौजूद खामी का न केवल पता लगाया, बल्कि उसका फायदा भी उठाया। पोस्ट में OpenAI और Hugging Face का भी जिक्र किया गया था।

    Rauch का कहना था कि इंटरनेट और डिजिटल दुनिया में AI एजेंट्स स्वयं खामियां खोज सकते हैं और उनका इस्तेमाल सिस्टम को हैक करने के लिए कर सकते हैं। यदि ये एजेंट बिना किसी कमांड के ऐसा करने लगते हैं, तो यह इंसानों और डिजिटल प्रणालियों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।

    https://twitter.com/rauchg/status/2094122005193003077

    AI हैकिंग में सुपर-ह्यूमन क्षमता का दावा

    Rauch की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने कहा कि वह करीब एक दशक पहले गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज से इस विषय पर बात कर चुके हैं। मस्क के मुताबिक, AI हैकिंग के क्षेत्र में सुपर-ह्यूमन क्षमता हासिल कर सकता है और उसका प्रदर्शन इंसानों से बेहतर हो सकता है।

    मस्क के दावे के अनुसार, AI की यह क्षमता केवल डिजिटल दुनिया तक सीमित नहीं रहेगी। वह ऐसे कई काम कर सकेगा जिनमें परमाणुओं को आकार देने या भौतिक रूप से चीजें तैयार करने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने भविष्य को हॉलीवुड की साइंस फिक्शन फिल्मों की तरह देखने को लेकर चिंता नहीं करने की बात भी कही।

    OpenAI की सुरक्षा रिपोर्ट में क्या दावा किया गया

    OpenAI ने CVE खामी से संबंधित एक विस्तृत सुरक्षा रिपोर्ट जारी की थी। कंपनी के दावे के मुताबिक, लगभग 1,200 AI एजेंट्स ने आपस में संवाद करने के लिए इंटरनल आर्टिफैक्ट्स सर्विस को मैसेज बोर्ड की तरह इस्तेमाल किया और 70,000 से अधिक संदेश तथा फाइलें साझा कीं। इसके बाद करीब 700 एजेंट्स ने Hugging Face को निशाना बनाया। रिपोर्ट में कहा गया कि AI किसी सिस्टम को हैक करने के लिए उसके कोर सॉफ्टवेयर में प्रवेश कर सकता है।

    AI से तैयार सामग्री की पहचान भी चुनौती

    AI की क्षमताओं में लगातार सुधार के कारण यह पहचानना कठिन होता जा रहा है कि कोई लेख इंसान ने लिखा है या AI ने। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कुछ उपकरणों और तकनीकों के जरिए AI तथा इंसानों की लिखावट के बीच मौजूद बारीक अंतर पहचानने की बात कही है।

  • ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को मिला ‘A’ सर्टिफिकेट, इंटीमेट दृश्यों में हुई कटौती

    ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को मिला ‘A’ सर्टिफिकेट, इंटीमेट दृश्यों में हुई कटौती

    ओटीटी फ्रेंचाइजी ‘मिर्जापुर’ अब फिल्म के रूप में सिनेमाघरों में आने के लिए तैयार है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की प्रमाणन प्रक्रिया पूरी कर ली है। फिल्म को ‘A’ प्रमाणपत्र के साथ मंजूरी मिली है और यह 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    फिल्म की अवधि 3 घंटे 17 मिनट

    सीबीएफसी की रिवाइजिंग कमेटी ने समीक्षा के बाद फिल्म को वयस्क दर्शकों के लिए ‘A’ प्रमाणपत्र दिया है। इसकी कुल अवधि 197 मिनट यानी 3 घंटे 17 मिनट निर्धारित की गई है। मुख्य कहानी में कोई बड़ा कट नहीं लगाया गया, हालांकि कुछ संवादों और दृश्यों में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं।

    संवादों और इंटीमेट दृश्यों में बदलाव

    प्रमाणन के दौरान चार स्थानों पर अपशब्द म्यूट किए गए हैं, जबकि छह जगह आपत्तिजनक शब्द बदले गए हैं। एक जातिगत संदर्भ में भी बदलाव का निर्देश दिया गया। फिल्म के पहले हिस्से में एक शब्द को ‘कमर’ से बदला गया, जबकि दूसरे हिस्से से ‘लंठ’ शब्द हटाया गया।

    बोर्ड ने इंटरवल से पहले और बाद के दो इंटीमेट एवं संवेदनशील दृश्यों का दृश्य और ऑडियो प्रभाव 50 प्रतिशत तक कम करने को कहा है। इससे करीब 35 सेकंड के इंटीमेट कंटेंट में कटौती हुई है। फिल्म के हिंसक या खून-खराबे वाले दृश्यों में कोई कटौती नहीं की गई है।

    पंकज त्रिपाठी ने बताया बड़े पर्दे का अनुभव

    फिल्म में कालीन भैया की भूमिका निभा रहे पंकज त्रिपाठी ने कहा कि किसी कला को समूह या समुदाय के साथ देखने पर उसका प्रभाव बदल जाता है। उनके मुताबिक, पहले अकेले देखी जाने वाली ‘मिर्जापुर’ अब सिनेमाघरों में सामूहिक रूप से ‘पार्टी मोड’ जैसा अनुभव देगी। फिल्म में दुनिया और किरदार वही रहेंगे, लेकिन कहानी नई और कैनवास बड़ा होगा।

    4 सितंबर 2026 को होगी रिलीज

    गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी फिल्म को पुनीत कृष्णा ने लिखा है। इसका निर्माण रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने किया है, जबकि इसे अमेजॉन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं।

    फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रसिका दुगल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, श्रिया पिलगांवकर, जितेंद्र कुमार, रवि किशन और अभिषेक बनर्जी प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

  • ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को मिला ‘A’ सर्टिफिकेट, इंटीमेट दृश्यों में कटौती के बाद 4 सितंबर को रिलीज

    ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को मिला ‘A’ सर्टिफिकेट, इंटीमेट दृश्यों में कटौती के बाद 4 सितंबर को रिलीज

    ओटीटी फ्रेंचाइजी ‘मिर्जापुर’ अब बड़े पर्दे पर आने के लिए तैयार है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की प्रक्रिया पूरी कर ली है। फिल्म को ‘A’ प्रमाणपत्र दिया गया है और यह 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    फिल्म की अवधि 3 घंटे 17 मिनट

    सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी ने फिल्म को वयस्क दर्शकों के लिए प्रमाणित किया है। इसकी कुल अवधि 197 मिनट यानी 3 घंटे 17 मिनट है। फिल्म की मुख्य कहानी में कोई बड़ा कट नहीं लगाया गया, हालांकि कुछ संवादों और दृश्यों में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं।

    संवादों और इंटीमेट दृश्यों में बदलाव

    सीबीएफसी के निर्देश पर चार स्थानों पर अपशब्द म्यूट किए गए हैं, जबकि छह जगह आपत्तिजनक शब्द बदले गए हैं। जाति से जुड़े एक संदर्भ में भी बदलाव किया गया है। इसके अलावा इंटरवल से पहले और बाद के दो दृश्यों में इंटीमेट तथा संवेदनशील सामग्री का दृश्य और ऑडियो प्रभाव 50 प्रतिशत तक कम किया गया है। इससे करीब 35 सेकंड का इंटीमेट कंटेंट प्रभावित हुआ है। फिल्म के हिंसक या खूनी दृश्यों में कोई कटौती नहीं की गई है।

    पंकज त्रिपाठी ने बताया थिएटर अनुभव

    फिल्म में कालीन भैया की भूमिका निभा रहे पंकज त्रिपाठी ने कहा कि किसी कला को समूह या समुदाय के साथ देखने पर उसका प्रभाव बदल जाता है। उनके अनुसार, पहले अकेले देखी जाने वाली ‘मिर्जापुर’ अब सिनेमाघरों में सामूहिक अनुभव देगी। फिल्म में दुनिया और किरदार वही होंगे, लेकिन कहानी नई और उसका कैनवास बड़ा होगा।

    निर्देशन, निर्माण और प्रमुख कलाकार

    फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसे पुनीत कृष्णा ने लिखा है। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने इसका निर्माण किया है, जबकि इसे अमेजॉन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रसिका दुगल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, श्रिया पिलगांवकर, जितेंद्र कुमार, रवि किशन और अभिषेक बनर्जी प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

  • IPL इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर फिर बहस, BCCI ने सभी फ्रेंचाइजियों से मांगी राय

    IPL इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर फिर बहस, BCCI ने सभी फ्रेंचाइजियों से मांगी राय

    इंडियन प्रीमियर लीग में इम्पैक्ट प्लेयर नियम एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सभी IPL फ्रेंचाइजियों से इस नियम पर फीडबैक मांगा है। टीमों को अपनी राय भेजने के लिए सोमवार, 31 अगस्त तक का समय दिया गया है। पिछले सीजन में कई बड़े स्कोर बनने के बाद गेंदबाजों पर इस नियम के असर को लेकर सवाल उठे थे।

    IPL में 12वें खिलाड़ी के तौर पर इस्तेमाल होने वाले इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय है। आलोचकों का मानना है कि अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प मिलने से गेंदबाजों की चुनौती बढ़ जाती है। रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और शुभमन गिल सहित कई खिलाड़ी इस नियम के विरोध में अपनी राय रख चुके हैं, जबकि लीग में इसके समर्थक भी मौजूद हैं।

    क्रिकेट संचालन के अन्य मुद्दों पर भी सुझाव

    रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने फ्रेंचाइजियों से इम्पैक्ट प्लेयर नियम के अलावा क्रिकेट संचालन से जुड़े अन्य विषयों पर भी सुझाव मांगे हैं। इनमें PMOA से जुड़े मामले, अंपायरिंग, अभ्यास सत्र और खेल की परिस्थितियां शामिल हैं। हालांकि, बोर्ड की इस प्रक्रिया में सबसे अधिक ध्यान इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर है।

    हर IPL सीजन के बाद फ्रेंचाइजियों से फीडबैक लेना सामान्य प्रक्रिया है। इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अलग से राय मांगना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल कप्तानों की बैठक में संकेत दिए गए थे कि यह नियम कम से कम एक और सीजन तक जारी रहेगा। BCCI के हालिया पत्र में भी उस बैठक का उल्लेख किया गया है।

    बोर्ड ने फ्रेंचाइजियों से अपनी क्रिकेट ऑपरेशंस टीमों के साथ इन विषयों पर चर्चा करके संयुक्त फीडबैक भेजने को कहा है। सभी सुझावों के आधार पर अगले सीजन से पहले समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

    मैच डे सुरक्षा भी समीक्षा के दायरे में

    पिछले IPL सीजन में मैच डे सुरक्षा भी एक प्रमुख मुद्दा रही थी। PMOA क्षेत्र में अनधिकृत लोगों के पहुंचने की घटनाओं के बाद BCCI को खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और टीम मालिकों के लिए सीजन के बीच नए दिशा-निर्देश जारी करने पड़े थे। अब फ्रेंचाइजियों के जवाब के बाद यह स्पष्ट होगा कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम अगले IPL सीजन में जारी रहेगा या बोर्ड इसमें बदलाव करेगा।

  • उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं पीएम मोदी की तीन कविताएं

    उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं पीएम मोदी की तीन कविताएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के छात्रों ने उनकी लिखी तीन कविताएं हिंदी और उज्बेक भाषा में प्रस्तुत कीं। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से कुकसरॉय पैलेस में आयोजित अनौपचारिक रात्रि भोज में भी मोदी की कविता “अभी तो सूरज उगा है” पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति दी गई।

    प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे। उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और रक्षा सहयोग को लेकर अहम समझौते हुए। इस बीच छात्रों की ओर से दी गई उनकी कविताओं की प्रस्तुति भी चर्चा में रही।

    दो भाषाओं में प्रस्तुत की गईं तीन कविताएं

    ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में छात्रों और अकादमिक समुदाय के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के दौरान उज्बेक छात्रों ने उनकी लिखी कविताएं गाकर और सुनाकर प्रस्तुत कीं। छात्रों ने कुल तीन कविताएं पेश कीं और प्रत्येक कविता का पाठ हिंदी तथा उज्बेक भाषा में किया गया।

    इन छात्रों ने किया कविताओं का पाठ

    विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के छात्र केल्डियोरोव दिलहुशबेक ने हिंदी में “अभी तो सूरज उगा है” कविता सुनाई, जबकि इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा दिलशोदा जुराबोएवा ने प्रस्तुत किया। “नए भारत के नए संकल्प” कविता का हिंदी पाठ चौथे वर्ष के छात्र ओटाबेक अमीरोव ने किया और इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष के छात्र इकरोमखुजा सादिल्लाएव ने सुनाया।

    इंसानियत, दया और शांति पर आधारित कविता “मानवता को कहीं न लग जाए दाग” का हिंदी पाठ तीसरे वर्ष की छात्रा ओरज़ू कुलदोशेवा ने किया। इसका उज्बेक अनुवाद विश्वविद्यालय की तीसरे वर्ष की छात्रा फयोजा अब्दुरसुलोवा ने प्रस्तुत किया।