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  • Google में नौकरी कैसे पाएं: आवेदन, इंटरव्यू और सैलरी की पूरी जानकारी

    Google में नौकरी कैसे पाएं: आवेदन, इंटरव्यू और सैलरी की पूरी जानकारी

    गूगल में नौकरी के लिए हर साल बड़ी संख्या में युवा आवेदन करते हैं। कंपनी का वर्क कल्चर, सैलरी और कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं उम्मीदवारों को आकर्षित करती हैं। हालांकि, चयन के लिए सही रिज्यूमे, संबंधित कौशल और भर्ती प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी होना जरूरी है।

    आवेदन से पहले तैयार करें प्रभावी रिज्यूमे

    गूगल में आवेदन करने से पहले एक अच्छा रिज्यूमे तैयार करना अहम है। इसमें जानकारी की मात्रा से अधिक उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। उम्मीदवार को अपने संबंधित कौशल, अनुभव और उपलब्धियों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना चाहिए। कंपनी में डिग्री से अधिक कौशल को महत्व दिए जाने की बात कही गई है, लेकिन तकनीकी भूमिकाओं के लिए कुछ शैक्षणिक योग्यताएं जरूरी हो सकती हैं। इनमें B.E या B.Tech कंप्यूटर साइंस, MCA और कुछ पदों के लिए B.Sc या M.Sc कंप्यूटर साइंस शामिल हैं।

    Google Careers के माध्यम से आवेदन

    उम्मीदवारों को सबसे पहले Google Careers पर उपलब्ध पदों की जानकारी देखनी होती है। उपयुक्त पद चुनने के बाद आवेदन के साथ रिज्यूमे अपलोड करना होता है। रिज्यूमे शॉर्टलिस्ट होने पर HR उम्मीदवार से संपर्क करता है। इसके बाद संबंधित भूमिका के अनुसार टेस्ट लिया जा सकता है और सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। चयन प्रक्रिया में कई दौर हो सकते हैं।

    रेफरल से बढ़ सकती है शॉर्टलिस्टिंग की संभावना

    कई बार योग्यता और मेहनत के बावजूद रिज्यूमे शॉर्टलिस्ट नहीं हो पाता। ऐसे में गूगल में कार्यरत किसी परिचित कर्मचारी से रेफरल मांगा जा सकता है। रेफरल से रिज्यूमे के शॉर्टलिस्ट होने की संभावना बढ़ सकती है, लेकिन इसका अर्थ अंतिम चयन की गारंटी नहीं है।

    इंटरव्यू में कौशल के साथ व्यवहार का भी आकलन

    शॉर्टलिस्ट होने के बाद उम्मीदवार को वास्तविक चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसमें केवल काम से जुड़े कौशल नहीं देखे जाते, बल्कि टीम के साथ व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया का भी आकलन किया जाता है। इसलिए उम्मीदवार को तकनीकी तैयारी के साथ व्यवहार संबंधी प्रश्नों और अलग-अलग परिस्थितियों पर आधारित सवालों के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

    फ्रेशर्स और इंटर्न को कितनी सैलरी

    स्रोत में दी गई जानकारी के अनुसार, गूगल में फ्रेशर्स को करीब 15 लाख से 40 लाख रुपये तक का सालाना पैकेज मिल सकता है। वहीं, इंटर्नशिप करने वालों को लगभग 50 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक प्रतिमाह भुगतान मिलने की बात कही गई है।

  • सचिन तेंदुलकर ने परिवार के साथ मनाया मां रजनी का जन्मदिन, साझा किया खास संदेश

    सचिन तेंदुलकर ने परिवार के साथ मनाया मां रजनी का जन्मदिन, साझा किया खास संदेश

    पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपनी मां रजनी तेंदुलकर का जन्मदिन परिवार के साथ मनाया। इस अवसर पर सारा तेंदुलकर, अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक समेत परिवार के करीबी सदस्य मौजूद रहे। सचिन ने जन्मदिन समारोह की झलकियां साझा करते हुए मां के प्रति अपना प्यार भी जाहिर किया।

    सचिन ने मां के लिए लिखा खास संदेश

    सचिन ने अपनी मां को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, ‘Happy birthday, Aai. Clearly, you are everyone’s favourite!’ इसका अर्थ है, ‘जन्मदिन मुबारक, आई। साफ है कि आप सभी की सबसे पसंदीदा हैं।’ सचिन अपनी मां को प्यार से ‘आई’ कहकर बुलाते हैं।

    समारोह में परिवार के सदस्यों की मौजूदगी ने इस अवसर को खास बनाया। साझा की गई झलकियों में तेंदुलकर परिवार जन्मदिन को साथ और खुशियों के साथ मनाता नजर आया।

    सचिन के सफर में परिवार का साथ

    सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट करियर में परिवार का अहम योगदान रहा है। वह कई अवसरों पर अपनी मां के सहयोग और प्यार का उल्लेख कर चुके हैं। क्रिकेट में कई रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले सचिन के लिए परिवार हमेशा महत्वपूर्ण रहा है और मां के जन्मदिन पर साझा किए गए उनके संदेश में भी यही जुड़ाव दिखाई दिया।

  • यूपी विधानसभा चुनाव 2027: लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकें, बूथ रणनीति पर जोर

    यूपी विधानसभा चुनाव 2027: लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकें, बूथ रणनीति पर जोर

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने सोमवार को लखनऊ में अलग-अलग बैठकें बुलाईं। इन बैठकों में संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर की तैयारी और चुनावी रणनीति पर चर्चा की जा रही है। बीजेपी सत्ता में अपना वर्चस्व बनाए रखने की तैयारी में है, जबकि सपा और बसपा संगठनात्मक समीकरण मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं।

    बीजेपी का बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का प्लान

    बीजेपी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला आयोजित कर रही है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह शामिल होंगे। कार्यशाला में करीब 700 पदाधिकारियों के साथ सभी जिलाध्यक्षों तथा प्रत्येक जिले से सांसद और विधायक को बुलाया गया है। प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन में शामिल उत्तर प्रदेश के नेता भी इसमें भाग लेंगे।

    बैठक में राज्य सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने, संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने और मिशन 2027 के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर जोर रहेगा। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक प्रत्येक जिले से पांच-पांच पदाधिकारी बुलाए गए हैं। सभी जिलाध्यक्षों और मोर्चों के अध्यक्षों के साथ हर जिले से एक विधायक और सांसद को भी आमंत्रित किया गया है। पार्टी और सरकार के कामकाज तथा आगामी राजनीतिक अभियानों को जमीनी स्तर पर एक साथ लागू करने की रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा।

    बसपा की बैठक में सभी 75 जिलाध्यक्ष शामिल

    बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इसमें संगठन को मजबूत करने, पार्टी की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी। विधानसभा चुनाव की तैयारी, संभावित प्रत्याशियों के चयन और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने के मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।

    बसपा अपने पुराने सामाजिक आधार को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रही है। बैठक में जिलाध्यक्षों से जमीनी स्थिति की रिपोर्ट लेकर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है। मायावती संभावित प्रत्याशियों यानी विधानसभा प्रभारियों के नामों पर विचार करने के साथ कैडर में नए युवाओं को जोड़ने की तैयारी कर रही हैं। पार्टी अपने कैडर वोट बैंक के साथ विशेष रूप से ब्राह्मण और मुस्लिम वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रही है।

    सपा का मतदाता सूची और तकनीकी तैयारी पर फोकस

    समाजवादी पार्टी ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सभी जिला और महानगर अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ तकनीकी तैयारी पर जोर दिया जा रहा है। सभी विधानसभा क्षेत्रों से कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले और फॉर्म-6 भरने के काम से जुड़े एक-एक व्यक्ति को भी बैठक में शामिल किया गया है।

    सपा मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन के काम की समीक्षा कर बूथ स्तर पर अपनी तैयारी मजबूत कर रही है। हर विधानसभा क्षेत्र से आईटी विशेषज्ञों और नए मतदाता जोड़ने के लिए फॉर्म-6 से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। तीनों प्रमुख दलों की इन बैठकों के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की संगठनात्मक और चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं।

  • KBC 18 में दिहाड़ी मजदूर विशाल राठौड़ ने सुनाया संघर्ष, भावुक हुए अमिताभ बच्चन

    KBC 18 में दिहाड़ी मजदूर विशाल राठौड़ ने सुनाया संघर्ष, भावुक हुए अमिताभ बच्चन

    अमिताभ बच्चन के क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में महाराष्ट्र के विशाल प्रेमचंद राठौड़ ने अपनी जिंदगी के संघर्ष के बारे में बताया। दिहाड़ी मजदूर विशाल की बातें सुनकर उनके परिजन और स्टूडियो में मौजूद लोग भावुक हो गए। अमिताभ बच्चन भी उनकी आपबीती सुनकर भावुक दिखाई दिए।

    काम नहीं मिलने पर नहीं होती कमाई

    हॉट सीट पर पहुंचे विशाल ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और दिनभर में 500 से 600 तक कमा पाते हैं। काम नहीं मिलने पर उन्हें खाली बैठना पड़ता है और उस दिन कोई कमाई नहीं होती। विशाल ने कहा कि इसी वजह से उन्हें छुट्टी से डर लगता है।

    अमिताभ बच्चन के सवाल पर विशाल ने बताया कि वह अपने पिता के साथ काम की तलाश में जाते हैं। कभी-कभी दोनों को दोपहर 12 से एक बजे तक खड़े रहने के बाद भी काम नहीं मिलता। उनकी मां एक कैंटीन में झाड़ू-पोंछा लगाने का काम करती हैं। शो में विशाल के साथ उनके माता-पिता और दो बहनें भी मौजूद थीं।

    पिता को कपड़े नहीं दिला पाने का दर्द

    अमिताभ बच्चन ने विशाल से पूछा कि वह अपने पिता को क्या तोहफा देना चाहेंगे। इस पर विशाल ने कहा कि वह अब तक अपने पिता को कपड़े भी नहीं दिला पाए हैं। उन्होंने बताया कि त्योहारों पर बच्चों की इच्छा होती है कि वे अपने माता-पिता के लिए अच्छे कपड़े लाएं, लेकिन वह अभी तक ऐसा नहीं कर सके। उनकी बात सुनकर उनके पिता सहित परिवार के सदस्य रो पड़े।

    विशाल ने अपने गांव के छोटे घर की मरम्मत और बहनों की पढ़ाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी बहनें अच्छी तरह पढ़ सकें और वह स्वयं भी पढ़ाई पर ध्यान लगा सकें। उनके संघर्ष की कहानी सुनकर स्टूडियो का माहौल भावुक हो गया।

  • यूपी चुनाव 2027: लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकें, जानिए तीनों दलों की रणनीति

    यूपी चुनाव 2027: लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकें, जानिए तीनों दलों की रणनीति

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने सोमवार को लखनऊ में अलग-अलग बैठकें बुलाई हैं। तीनों दल संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने पर मंथन कर रहे हैं। बीजेपी का जोर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर है, जबकि सपा मतदाता सूची और बसपा अपने सामाजिक आधार एवं संगठन के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    बीजेपी की सेवा संकल्प अभियान कार्यशाला

    बीजेपी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला आयोजित कर रही है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के शामिल होने की जानकारी है। कार्यशाला में करीब 700 पदाधिकारियों के साथ सभी जिलाध्यक्षों, सांसदों और विधायकों को बुलाया गया है। प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन में शामिल उत्तर प्रदेश के नेता भी इसमें भाग लेंगे।

    बीजेपी का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाना, संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करना और मिशन 2027 के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना है। बैठक में पार्टी और सरकार के कामकाज के साथ आगामी राजनीतिक अभियानों को जमीन पर उतारने की रणनीति पर चर्चा होगी। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक जिले से पांच पदाधिकारियों के अलावा सभी मोर्चों के अध्यक्ष तथा हर जिले से एक विधायक और एक सांसद को बुलाया गया है।

    बसपा का संगठन और सामाजिक आधार पर जोर

    बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इसमें संगठन को मजबूत करने, पार्टी की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी। विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संभावित प्रत्याशियों के चयन और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने के मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा।

    बसपा 2027 के चुनाव से पहले अपने पुराने सामाजिक आधार को फिर मजबूत करने की कोशिश कर रही है। बैठक में जिलाध्यक्षों से जमीनी स्थिति की रिपोर्ट लेकर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है। अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद पार्टी नए युवाओं को कैडर से जोड़ने और अपने परंपरागत वोट बैंक के साथ ब्राह्मण एवं मुस्लिम वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। संभावित प्रत्याशियों यानी विधानसभा प्रभारियों के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।

    सपा की बैठक में मतदाता सूची पर फोकस

    समाजवादी पार्टी ने लखनऊ स्थित अपने कार्यालय में सभी जिला और महानगर अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ तकनीकी तैयारियों पर भी जोर दिया गया है। सभी विधानसभा क्षेत्रों से कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले और फॉर्म-6 भरने के काम से जुड़े एक-एक प्रतिनिधि को इसमें शामिल किया गया है।

    सपा मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने और संशोधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर बूथ स्तर पर अपनी तैयारी मजबूत कर रही है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से आईटी विशेषज्ञों और फॉर्म-6 से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाना पार्टी की इसी रणनीति का हिस्सा है। तीनों प्रमुख दलों की इन बैठकों ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है।

  • जन्माष्टमी पर घर में बनाएं धनिया पंजीरी, जानें आसान रेसिपी

    जन्माष्टमी पर घर में बनाएं धनिया पंजीरी, जानें आसान रेसिपी

    जन्माष्टमी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में देशभर में मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा। इस अवसर पर लड्डू गोपाल को धनिया पंजीरी का भोग लगाया जाता है। इसे बाजार से खरीदने के बजाय कुछ सामान्य सामग्री की मदद से घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है।

    धनिया पंजीरी के लिए सामग्री

    धनिया पंजीरी बनाने के लिए एक कप ताजा पिसा हुआ धनिया पाउडर, तीन से चार बड़े चम्मच शुद्ध घी, एक कप छोटे टुकड़ों में कटे मखाने और आधा कप कटे हुए बादाम, काजू व पिस्ता लें। इसके अलावा आधा कप घिसा हुआ नारियल, स्वादानुसार आधा कप बूरा या पिसी हुई चीनी, एक बड़ा चम्मच चिरौंजी और आधा छोटा चम्मच हरी इलायची पाउडर की जरूरत होगी।

    धनिया पंजीरी बनाने की विधि

    सबसे पहले भारी तले की कढ़ाई में दो चम्मच शुद्ध घी गर्म करें। इसमें कटे हुए काजू, बादाम और चिरौंजी डालकर मध्यम आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें और फिर एक प्लेट में निकाल लें। उसी कढ़ाई में थोड़ा घी डालकर मखानों को कुरकुरा होने तक भूनें और उन्हें भी अलग रख दें।

    अब कढ़ाई में एक चम्मच घी डालकर धनिया पाउडर मिलाएं। इसे धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें, जब तक अच्छी खुशबू आने लगे और इसका रंग थोड़ा गहरा न हो जाए। इसके बाद घिसा हुआ नारियल मिलाकर गैस बंद कर दें। कढ़ाई की गर्माहट से नारियल भी भुन जाएगा।

    भुने हुए धनिए और नारियल के मिश्रण को एक बड़े बर्तन में निकालें। इसमें भुने हुए मेवे, मखाने और इलायची पाउडर अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें और इसके बाद ही इसमें बूरा या पिसी हुई चीनी मिलाएं। तैयार धनिया पंजीरी को जन्माष्टमी पर भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है।

  • हल छठ 2026 कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

    हल छठ 2026 कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

    हल छठ का पर्व वर्ष 2026 में 2 सितंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि में मनाया जाने वाला यह पर्व भगवान कृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता भगवान बलराम को समर्पित है। महिलाएं इस दिन संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसे संतान प्राप्ति की कामना से भी जोड़ा गया है।

    हल षष्ठी 2026 की तारीख

    षष्ठी तिथि 2 सितंबर 2026 को सुबह 6:12 बजे शुरू होगी और 3 सितंबर को सुबह 4:25 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर हल षष्ठी यानी हरछठ का पर्व 2 सितंबर को मनाया जाएगा। यह पर्व कृष्ण जन्माष्टमी से दो दिन पहले मनाया जाता है।

    हल षष्ठी 2026 के शुभ मुहूर्त

    इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:29 से 5:14 बजे तक और प्रातः संध्या सुबह 4:52 से 5:59 बजे तक रहेगी। विजय मुहूर्त दोपहर 2:28 से 3:18 बजे तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6:42 से 7:04 बजे तक और सायाह्न संध्या शाम 6:42 से 7:50 बजे तक रहेगी। अमृत काल रात 9:06 से 10:38 बजे तक बताया गया है।

    क्यों मनाया जाता है हल छठ का पर्व?

    धार्मिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी को भगवान बलराम का जन्म हुआ था। इसी कारण यह पर्व बलराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इसे ललही छठ, चन्दन छठ, कमर छठ और खमर छठ के नाम से जाना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में इसके ऊब छठ, चन्द्र छठ, तिनछठी, तिन्नी छठ, चानन छठ और चना छठ जैसे नाम भी प्रचलित हैं।

    हल षष्ठी व्रत की परंपराएं

    हल को भगवान बलराम का शस्त्र माना गया है। इसी मान्यता के कारण व्रत रखने वाली महिलाएं हल से जोती गई फसल से प्राप्त वस्तुओं का सेवन नहीं करतीं। व्रत में सरोवर और तालाब जैसे जलस्रोतों में उगी वस्तुओं का सेवन किया जाता है, जबकि गाय के दूध और दही से बनी चीजें नहीं खाई जातीं। कई क्षेत्रों में महिलाएं इस दिन महुआ की दातुन करने के साथ महुआ का सेवन भी करती हैं।

  • हापुड़ में गंगा एक्सप्रेसवे पर पलटी तेज रफ्तार थार, चार युवकों की मौत

    हापुड़ में गंगा एक्सप्रेसवे पर पलटी तेज रफ्तार थार, चार युवकों की मौत

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर कई बार पलट गई। हादसे में बदायूं के चार युवकों की मौत हो गई, जबकि 17 वर्षीय किशोर को मामूली चोटें आई हैं। वाहन में कुल पांच लोग सवार थे और सभी बदायूं से दिल्ली जा रहे थे।

    सिंभावली क्षेत्र में देर रात हुआ हादसा

    यह दुर्घटना सिंभावली थाना क्षेत्र में देर रात करीब 12 बजे हुई। थार गाड़ी संख्या DL 8C BL 9822 चालक के नियंत्रण से बाहर होने के बाद एक्सप्रेसवे पर कई बार पलटी और सड़क किनारे जा गिरी। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार पांचों लोग अंदर फंस गए।

    पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से निकाला

    सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवा 112 और सिंभावली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला और उन्हें नजदीकी सीएचसी सिखेड़ा पहुंचाया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 17 वर्षीय विष्णु को मामूली चोटें आईं।

    चारों मृतकों की पहचान हुई

    मृतकों की पहचान बदायूं जिले के रहने वाले 26 वर्षीय जोगिंदर, 25 वर्षीय सुखबीर, 20 वर्षीय जसवंत और 20 वर्षीय रवि के रूप में हुई है। घायल विष्णु बदायूं के पालपुर गांव का निवासी है। पुलिस ने चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को क्रेन की सहायता से हटाकर रास्ता साफ कराया गया। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

  • मुज्तबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की, कहा- असली दुश्मन को पहचानें

    मुज्तबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की, कहा- असली दुश्मन को पहचानें

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के दौरान मुस्लिम देशों से एकजुट होकर अमेरिका और इजरायल का मुकाबला करने की अपील की है। उन्होंने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि वे अपने असली दुश्मन को पहचानें, उसकी योजनाओं को समझें और उसका मुकाबला करें।

    ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, खामेनेई ने तेहरान में आयोजित एक धार्मिक सम्मेलन में शामिल नेताओं को भेजे पत्र में अमेरिका और इजरायल को सभी इस्लामी देशों का दुश्मन बताया। करीब छह महीने पहले अमेरिका और इजरायल के हमले में उनके पिता और ईरान के कई वरिष्ठ नेता मारे गए थे। इसके बाद से मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से बहुत कम नजर आए हैं।

    पश्चिम एशिया में बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

    मुज्तबा खामेनेई का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव का असर पूरे पश्चिम एशिया में दिखाई दे रहा है। ईरान की ओर से पड़ोसी खाड़ी अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सीमित किए जाने के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।

    अमेरिकी सेना ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। करीब एक महीने बाद ईरान के खिलाफ यह अमेरिकी सेना की पहली घोषित सैन्य कार्रवाई है। अमेरिका ने इसे सीमित और सटीक कार्रवाई बताते हुए कहा कि निशाने पर ईरानी माइन बिछाने वाली सैन्य इकाइयां थीं। दूसरी ओर, ईरान ने इसके जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा किया।

    जॉर्डन ने आठ मिसाइलें रोकने की जानकारी दी

    जॉर्डन की सेना के अनुसार, सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई आठ मिसाइलों को रोक दिया गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण के दृश्य प्रसारित करते हुए इसे अमेरिकी हमले के जवाब में की गई कार्रवाई बताया।

    ईरानी मीडिया के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास लारक द्वीप के आसपास विस्फोटों की आवाजें भी सुनी गईं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कई सैनिकों और नागरिकों के मारे जाने तथा घायल होने की जानकारी दी है।

    टैंकर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला

    ब्रिटिश सेना द्वारा संचालित यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, शनिवार को ओमान के खसब के उत्तर में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक टैंकर जहाज को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जहाज अंदर की दिशा में जा रहा था। घटना में किसी के हताहत होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है और किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

  • नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा से मुंबई लौटीं मानसी पारेख

    नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा से मुंबई लौटीं मानसी पारेख

    अभिनेत्री मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा से सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड आने के बाद उनके लापता होने की खबर सामने आई थी, जिससे परिवार, प्रशंसकों और शुभचिंतकों की चिंता बढ़ गई थी। मुंबई एयरपोर्ट पर मानसी को देखकर उनका परिवार भावुक हो गया।

    मानसी उन 93 यात्रियों के साथ मुंबई लौटीं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे और जिनके बारे में तीन-चार दिनों से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। सुरक्षित वापसी के बाद उन्होंने यात्रा के दौरान आई त्रासदी और उससे जुड़े अनुभव साझा किए।

    तिब्बत-नेपाल सीमा के हालात का किया जिक्र

    मानसी पारेख ने बताया कि यह सफर लंबा और कठिन रहा। उनके अनुसार, तिब्बत और नेपाल की सीमा पर स्थित एक बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग से यात्रियों ने सात दिन पहले चीन में प्रवेश किया था। कैलाश यात्रा पूरी होने के बाद वे चीन से निकलने वाले थे, लेकिन इससे करीब 24 घंटे पहले हादसा हो गया।

    उन्होंने कहा कि हादसे के वीडियो देखने और उसके बारे में जानकारी मिलने के बाद यात्रियों को समझ नहीं आया कि आगे क्या किया जाए। मानसी के मुताबिक, बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग और पूरा गांव बह गया था। उन्होंने इस अनुभव को बेहद खराब बताते हुए कहा कि इस घटना ने जीवन की अनिश्चितता का अहसास कराया।

    घटना को बताया दुखद और डरावना

    मानसी ने बताया कि पूरा इलाका मिट्टी में डूब चुका था और वहां लोगों का मिल पाना बेहद मुश्किल था। उनके अनुसार, बहाव इतना तेज था कि लोग 300 किलोमीटर दूर तक बह गए। उन्होंने इसे प्रकृति का ऐसा प्रकोप बताया जिसे रोकना किसी के हाथ में नहीं था।

    अभिनेत्री ने कहा कि किसी ने इस तरह की घटना की कल्पना नहीं की थी और पूरे घटनाक्रम पर विश्वास करना मुश्किल था। उन्होंने इस अनुभव को अत्यंत दुखद बताया।

    लापता होने की खबर से बढ़ी थी चिंता

    कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान मानसी पारेख के लापता होने की खबर आने के बाद उनके परिवार और प्रशंसकों में चिंता का माहौल था। उनके शुभचिंतक सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे थे। मानसी ने नेपाल त्रासदी से कुछ घंटे पहले मानसरोवर यात्रा की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा की थीं। अब उनके सुरक्षित भारत लौटने से परिवार, मित्रों और प्रशंसकों ने राहत की सांस ली है।