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  • तमिलनाडु सरकार ने छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने का आदेश वापस लिया

    तमिलनाडु सरकार ने छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने का आदेश वापस लिया

    तमिलनाडु सरकार ने सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के छात्रों और युवाओं को राजनीतिक प्रदर्शनों एवं आंदोलनों से दूर रखने से संबंधित अपना निर्देश वापस ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने इस आदेश को गैर-संवैधानिक बताते हुए इसका विरोध किया था और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की थी।

    कॉलेजिएट शिक्षा विभाग ने सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्रिंसिपलों को जारी अपना पिछला निर्देश वापस लिया है। कॉलेज शिक्षा की संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी पी ने आदेश में कहा कि विभाग की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी पिछला आदेश वापस लिया जा रहा है।

    पहले आदेश में क्या निर्देश दिए गए थे

    17 अगस्त को कॉलेज शिक्षा आयुक्त ने कॉलेज प्रिंसिपलों से स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों, पुलिस तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय करने को कहा था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छात्र और युवा विरोध प्रदर्शनों में शामिल न हों। इस निर्देश में 14 अगस्त के एक सरकारी पत्र का उल्लेख भी किया गया था, जिसमें संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्रवाई करने के लिए कहा गया था।

    “बेहद जरूरी” चिह्नित संदेश में कॉलेजों को की गई कार्रवाई की जानकारी तुरंत डायरेक्टरेट ऑफ कॉलेजिएट एजुकेशन को देने का निर्देश था। यह आदेश दो राजनीतिक समूहों के प्रदर्शनों में छात्रों और युवाओं की भागीदारी को लेकर सरकार की चिंता के बीच जारी किया गया था।

    भाजपा नेता ने किया था आदेश का समर्थन

    भाजपा नेता विनोज पी. सेल्वम ने वामपंथी संगठनों और CJP को “अराजकता फैलाने वाले” बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संगठनों के नेता छात्रों को गुमराह करते हैं और परिणामों का सामना करने के लिए उन्हें अकेला छोड़ देते हैं। उन्होंने सरकार के शुरुआती कदम का स्वागत करते हुए कहा था कि इससे छात्रों को अपने करियर पर ध्यान देने में मदद मिलेगी। साथ ही उन्होंने सरकार से CPI(M) के दबाव में अधिसूचना वापस नहीं लेने का आग्रह किया था।

    NEET प्रदर्शनों के बीच बढ़ा विवाद

    यह विवाद ऐसे समय सामने आया, जब तमिलनाडु में NEET को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं और CJP तथा वाम दलों से जुड़े छात्र संगठन इनमें शामिल हैं। छात्रों को इन प्रदर्शनों से दूर रखने का आदेश राजनीतिक बहस का विषय बन गया था। कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध और आदेश वापस लेने की मांग के बाद विजय सरकार ने अपना पिछला निर्देश वापस ले लिया।

  • तमिलनाडु सरकार ने छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने वाला आदेश वापस लिया

    तमिलनाडु सरकार ने छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने वाला आदेश वापस लिया

    तमिलनाडु सरकार ने सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के छात्रों तथा युवाओं को कॉकरोच जनता पार्टी और वामपंथी संगठनों के विरोध प्रदर्शनों से दूर रखने संबंधी आदेश वापस ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने इस निर्देश को गैर-संवैधानिक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की थी।

    कॉलेजिएट शिक्षा विभाग ने बुधवार को अपना पिछला निर्देश वापस लिया। मंगलवार को जारी आदेश में कॉलेज शिक्षा की संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी पी ने कहा कि विभाग की ओर से 17 अगस्त, 2026 को जारी आदेश वापस ले लिया गया है। यह आदेश तमिलनाडु के सभी सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्रिंसिपलों को भेजा गया था।

    पहले आदेश में क्या निर्देश दिए गए थे

    17 अगस्त के पत्र में कॉलेज शिक्षा आयुक्त ने सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्रिंसिपलों से स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों, पुलिस तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय करने को कहा था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छात्र और युवा विरोध प्रदर्शनों एवं आंदोलनों में शामिल न हों।

    तमिलनाडु सरकार ने छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने वाला आदेश वापस लिया

    इस निर्देश में 14 अगस्त के एक सरकारी पत्र का उल्लेख किया गया था, जिसमें विभिन्न विभागों के बीच तालमेल और संयुक्त कार्रवाई करने को कहा गया था। “बेहद जरूरी” के रूप में चिह्नित संदेश में कॉलेजों को की गई कार्रवाई की जानकारी तत्काल डायरेक्टरेट ऑफ कॉलेजिएट एजुकेशन को सौंपने का निर्देश भी दिया गया था।

    भाजपा नेता ने किया था आदेश का समर्थन

    आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता विनोज़ पी. सेल्वम ने वामपंथी संगठनों और सीजेपी को “अराजकता फैलाने वाले” बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संगठनों के नेता छात्रों को गुमराह करते हैं और बाद में उन्हें परिणामों का सामना करने के लिए अकेला छोड़ देते हैं। उन्होंने सरकार के कदम का स्वागत करते हुए कहा था कि इससे छात्र विरोध प्रदर्शनों से दूर रहकर अपने करियर पर ध्यान दे सकेंगे।

    विनोज़ पी. सेल्वम ने सरकार से आग्रह किया था कि वह सहयोगी पार्टी CPI(M) के दबाव में अधिसूचना वापस न ले। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी ने आदेश को गैर-संवैधानिक बताते हुए इसका विरोध किया और विजय सरकार से इसे तत्काल रद्द करने की मांग की थी।

    NEET प्रदर्शनों के बीच उठा विवाद

    यह विवाद ऐसे समय सामने आया, जब तमिलनाडु में NEET को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं और सीजेपी तथा वामपंथ से जुड़े छात्र संगठन इनमें भाग ले रहे हैं। छात्रों को इन प्रदर्शनों से दूर रखने का निर्देश राजनीतिक बहस का मुद्दा बनने के बाद सरकार ने इसे वापस ले लिया।

  • सहजन की फलियां फ्रिज में 10-15 दिन तक ताजा रखने का तरीका

    सहजन की फलियां फ्रिज में 10-15 दिन तक ताजा रखने का तरीका

    मोरिंगा यानी सहजन की फलियों को बिना काटे और बिना ढके सीधे फ्रिज में रखने से वे जल्दी सूख सकती हैं। फ्रिज की ठंडी हवा फलियों की नमी सोख लेती है, जिससे वे कड़ी और बेजान हो जाती हैं। मोरिंगा के पराठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद में शामिल बताए गए हैं। सहजन की फलियों को लंबे समय तक हरा और रसीला रखने के लिए उन्हें सही तरीके से काटकर एयरटाइट डिब्बे में रखा जा सकता है।

    स्टोर करने से पहले फलियों को ऐसे काटें

    सबसे पहले ताजी सहजन की फलियों के दोनों सिरों को चाकू से काटकर अलग कर दें। इसके बाद फलियों को जरूरत के अनुसार लगभग दो से तीन इंच लंबे बराबर टुकड़ों में काट लें। इन्हें रखने के लिए साफ और पूरी तरह सूखा कांच या प्लास्टिक का एयरटाइट डिब्बा इस्तेमाल करें। डिब्बे में पानी या नमी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे फलियां सड़ सकती हैं।

    टिश्यू पेपर के साथ एयरटाइट डिब्बे में रखें

    डिब्बे के निचले हिस्से में टिश्यू पेपर या किचन टॉवल बिछाएं और उसके ऊपर सहजन के कटे हुए टुकड़े रखें। फलियों को ऊपर से एक और टिश्यू पेपर से अच्छी तरह ढक दें। इसके बाद डिब्बे का ढक्कन मजबूती से बंद करके उसे फ्रिज में रख दें। टिश्यू पेपर अतिरिक्त नमी सोखने में मदद करता है। यही तरीका हरा धनिया रखने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

    10 से 15 दिन तक ताजा रहने का दावा

    मेघा महेश्वरी के अनुसार, इस तरीके से मोरिंगा की फलियां 10 से 15 दिन बाद भी हरी, रसीली और ताजा रह सकती हैं। सहजन का उपयोग पराठे, सांभर और सब्जी बनाने में किया जाता है। बाजार से फलियां लाने के बाद उन्हें खुला रखने के बजाय काटकर सूखे टिश्यू पेपर के साथ एयरटाइट डिब्बे में रखना इस भंडारण विधि का मुख्य हिस्सा है।

  • शिमला के टोलैंड में कार-टैंकर की टक्कर, दो पुलिस जवानों की मौत

    शिमला के टोलैंड में कार-टैंकर की टक्कर, दो पुलिस जवानों की मौत

    शिमला के टोलैंड क्षेत्र में देर रात कार और टैंकर की टक्कर में दो पुलिस जवानों की मौत हो गई। हादसा सीपीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास हुआ। गंभीर रूप से घायल दोनों जवानों को उपचार के लिए आइजीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    मृतकों की पहचान ननखड़ी निवासी प्रवीण और जुब्बल निवासी हेमंत के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलने पर छोटा शिमला थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

    टोलैंड से खलीनी की ओर जा रहे थे दोनों जवान

    जानकारी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मी कार में सवार होकर टोलैंड से खलीनी की ओर जा रहे थे। सीपीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास उनकी कार सामने से आ रहे टैंकर से टकरा गई। टक्कर में कार सवार दोनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

    वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू

    हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की वजह, दुर्घटना के समय दोनों वाहनों की गति और चालक की ओर से संभावित लापरवाही के पहलुओं की जांच की जा रही है।

  • गॉल टेस्ट में 77 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल, तीसरे सेशन में नहीं उतरे

    गॉल टेस्ट में 77 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल, तीसरे सेशन में नहीं उतरे

    श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट के पहले दिन भारतीय ओपनर केएल राहुल 77 रन बनाने के बाद रिटायर्ड हर्ट हो गए। दूसरे सेशन की समाप्ति के बाद वह तीसरे सेशन में बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतरे। राहुल को हाथ और पैरों में खिंचाव तथा ऐंठन की समस्या से परेशान देखा गया।

    दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारत ने 47 रन के स्कोर पर यशस्वी जायसवाल का विकेट गंवा दिया। इसके बाद राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी करते हुए दूसरे सेशन की समाप्ति तक टीम का स्कोर एक विकेट पर 197 रन पहुंचाया।

    खिंचाव और ऐंठन से परेशान दिखे राहुल

    दूसरे सेशन के दौरान राहुल को हाथ और पैर में खिंचाव के कारण परेशानी हुई। सेशन समाप्त होने के बाद वह ड्रेसिंग रूम लौटे और फीजियो की मदद ली। आखिरी सेशन के लिए मैदान पर जाने की कोशिश के दौरान भी उन्हें ऐंठन से परेशान देखा गया, जिसके बाद वह वापस ड्रेसिंग रूम चले गए।

    रिटायर्ड हर्ट होने तक राहुल ने 162 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 77 रन बनाए थे। वह इस पारी में दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई थी।

    शुभमन गिल 16 रन बनाकर आउट

    राहुल के मैदान पर नहीं लौटने के बाद कप्तान शुभमन गिल बल्लेबाजी के लिए उतरे। अच्छी शुरुआत के बावजूद वह 16 रन बनाकर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए। गिल ने अपनी पारी में दो चौके लगाए। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिहाज से भारतीय टीम के लिए यह सीरीज अहम है।

  • पीएम मोदी का ऐलान, देश में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य

    पीएम मोदी का ऐलान, देश में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य

    भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने भाषण की शुरुआत वंदे मातरम् और तिरंगे के उल्लेख के साथ की। महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल होने के बाद अब देश में छह करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

    दिसंबर 2025 तक तीन करोड़ का लक्ष्य पूरा

    ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, दिसंबर 2025 तक तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका था। सरकार अब तीन करोड़ और महिलाओं को स्थायी एवं विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ना चाहती है, ताकि उनकी आय में लगातार बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके।

    क्या है लखपति दीदी योजना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2023 के भाषण में लखपति दीदी योजना की घोषणा की थी और इसकी शुरुआत 2024 में हुई थी। योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की ग्रामीण महिला सदस्यों की वार्षिक घरेलू आय को लगातार एक लाख रुपये या उससे अधिक करना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसे दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लागू किया था।

    किसे माना जाता है लखपति दीदी

    लखपति दीदी स्वयं सहायता समूह की ऐसी सदस्य होती हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये या उससे अधिक हो। इस आय की गणना कम से कम चार कृषि मौसमों और अथवा व्यावसायिक चक्रों के आधार पर की जाती है। आय की निरंतरता के लिए औसत मासिक आय 10 हजार रुपये से अधिक होनी चाहिए।

    लखपति कार्यक्रम के तहत सरकारी विभागों, मंत्रालयों, निजी क्षेत्र और बाजार प्रतिभागियों के बीच समन्वय के माध्यम से आजीविका की विविध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है। रणनीति में योजना, परिसंपत्तियों, वित्त, बाजार और प्रौद्योगिकी से संबंधित समय पर सहायता के साथ सभी स्तरों पर कार्यान्वयन एवं निगरानी शामिल है।

  • पीएम मोदी का विकसित भारत पर जोर

    पीएम मोदी का विकसित भारत पर जोर

    80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया। करीब 75 मिनट के भाषण की शुरुआत उन्होंने वंदे मातरम् और तिरंगे के उल्लेख से की। उन्होंने कहा कि देश नए संकल्पों और उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर को इसलिए भी ऐतिहासिक बताया क्योंकि स्वतंत्रता के बाद पहली बार 15 अगस्त को लाल किले से वंदे मातरम् गूंजा। इस वर्ष वंदे मातरम् के 150 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी सहित स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया। उन्होंने देशवासियों से बड़े सपने देखने का आह्वान करते हुए कहा कि अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा। बड़े सपने सोच और संभावनाओं का विस्तार करते हैं तथा प्रगति की गति बढ़ाते हैं।

    2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखा है। उनके अनुसार, यह लक्ष्य 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयास, परिश्रम और भागीदारी से पूरा होगा। उन्होंने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवधि में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।

    प्रधानमंत्री ने बताया कि रक्षा उत्पादन चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग पांच गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सात गुना, रेलवे कोच निर्माण 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या चार गुना और डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा क्षमता दो गीगावॉट से बढ़कर 160 गीगावॉट हो गई, जबकि पाइप गैस कनेक्शन वाले शहरों की संख्या 70 से बढ़कर 700 हो गई है।

    आत्मनिर्भरता और नई तकनीक पर जोर

    प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, स्वदेशी और लोकल फॉर लोकल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तीन बड़े संयंत्र स्थापित हो चुके हैं और उनसे निर्यात शुरू हो गया है। अगले सात से आठ वर्षों में पांच से आठ अन्य संयंत्र स्थापित करने की योजना है। ऊर्जा सुरक्षा के लिए परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने, इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने और हाइड्रोजन ट्रेन पर आगे बढ़ने का भी उल्लेख किया गया।

    https://twitter.com/narendramodi/status/2088447407713665245

    सप्तधारा से विकास का संकल्प

    प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर की सात शक्ति धाराओं का आह्वान किया। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को वैश्विक आपूर्ति शृंखला का केंद्र बनाने के लिए लागत, गुणवत्ता और उत्पादन के स्तर पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते हो चुके हैं, जिनसे छोटे उद्योगों, किसानों और मछुआरों को लाभ मिलेगा।

    प्रधानमंत्री ने युवा शक्ति को विकसित भारत का सबसे बड़ा इंजन बताया। उन्होंने एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से संबंधित कौशल प्रशिक्षण देने का संकल्प भी व्यक्त किया। इसके साथ ही छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की घोषणा की गई।

  • पटना में नीतीश कुमार से मिले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, आधे घंटे तक हुई बातचीत

    पटना में नीतीश कुमार से मिले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, आधे घंटे तक हुई बातचीत

    पटना में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे।

    मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं

    सम्राट चौधरी ने मुलाकात की तस्वीरें अपने एक्स हैंडल पर साझा कीं। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार के साथ उनकी शिष्टाचार भेंट हुई। सामने आई तीन तस्वीरों में दोनों नेता बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। एक तस्वीर में नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा है, जबकि दूसरी तस्वीर में सीढ़ियों से उतरते समय भी दोनों साथ नजर आ रहे हैं। तीसरी तस्वीर में नीतीश कुमार कुर्सी पर बैठे हैं और उनके सामने मुख्यमंत्री बैठे दिखाई दे रहे हैं।

    बताया गया कि मुलाकात के दौरान सम्राट चौधरी ने राज्य सरकार की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी नीतीश कुमार को दी। उन्होंने अन्य मामलों से जुड़े अपडेट भी साझा किए।

    हवेली खड़गपुर में तिरंगा रैली को दिखाई हरी झंडी

    इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत हवेली खड़गपुर में तिरंगा रैली को हरी झंडी दिखाई और तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया। उन्होंने हवेली खड़गपुर के अंबेडकर चौक पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर को श्रद्धांजलि भी दी।

    https://twitter.com/samrat4bjp/status/2088157659258327073

    मुख्यमंत्री ने अभियान के तहत अपने सरकारी आवास पर भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए जनसेवक के आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। उन्होंने लोगों से अपने घरों में तिरंगा फहराकर अभियान में शामिल होने की अपील की।

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