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  • उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं प्रधानमंत्री मोदी की तीन कविताएं

    उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं प्रधानमंत्री मोदी की तीन कविताएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान उनकी लिखी कविताएं विशेष चर्चा में रहीं। ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के छात्रों ने प्रधानमंत्री के सामने तीन कविताएं हिंदी और उज्बेक भाषा में प्रस्तुत कीं। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से कुकसरॉय पैलेस में आयोजित अनौपचारिक रात्रिभोज में भी मोदी की कविता “अभी तो सूरज उगा है” पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति दी गई।

    उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और रक्षा सहयोग को लेकर अहम समझौते हुए। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे।

    छात्रों ने दो भाषाओं में प्रस्तुत कीं कविताएं

    ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में छात्रों और अकादमिक समुदाय के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई। छात्रों ने मोदी की लिखी तीन कविताएं “अभी तो सूरज उगा है”, “नए भारत के नए संकल्प” और “मानवता को कहीं न लग जाए दाग” हिंदी तथा उज्बेक भाषा में सुनाईं।

    इन छात्रों ने दी प्रस्तुति

    चौथे वर्ष के छात्र केल्डियोरोव दिलहुशबेक ने हिंदी में “अभी तो सूरज उगा है” सुनाई, जबकि इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा दिलशोदा जुराबोएवा ने प्रस्तुत किया। “नए भारत के नए संकल्प” को चौथे वर्ष के छात्र ओटाबेक अमीरोव ने हिंदी में सुनाया और तीसरे वर्ष के छात्र इकरोमखुजा सादिल्लाएव ने इसका उज्बेक अनुवाद प्रस्तुत किया।

    इंसानियत, दया और शांति पर आधारित कविता “मानवता को कहीं न लग जाए दाग” को तीसरे वर्ष की छात्रा ओरज़ू कुलदोशेवा ने हिंदी में सुनाया। इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा फयोजा अब्दुरसुलोवा ने प्रस्तुत किया।

  • नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा से मुंबई लौटीं मानसी पारेख

    नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा से मुंबई लौटीं मानसी पारेख

    अभिनेत्री मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा से सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड आने के बाद उनके लापता होने की खबर सामने आई थी, जिससे परिवार, प्रशंसकों और शुभचिंतकों की चिंता बढ़ गई थी। मुंबई एयरपोर्ट पर मानसी को देखकर उनका परिवार भावुक हो गया।

    मानसी उन 93 यात्रियों के साथ मुंबई लौटीं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे और जिनके बारे में तीन-चार दिनों से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। सुरक्षित वापसी के बाद उन्होंने यात्रा के दौरान आई त्रासदी और उससे जुड़े अनुभव साझा किए।

    तिब्बत-नेपाल सीमा के हालात का किया जिक्र

    मानसी पारेख ने बताया कि यह सफर लंबा और कठिन रहा। उनके अनुसार, तिब्बत और नेपाल की सीमा पर स्थित एक बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग से यात्रियों ने सात दिन पहले चीन में प्रवेश किया था। कैलाश यात्रा पूरी होने के बाद वे चीन से निकलने वाले थे, लेकिन इससे करीब 24 घंटे पहले हादसा हो गया।

    उन्होंने कहा कि हादसे के वीडियो देखने और उसके बारे में जानकारी मिलने के बाद यात्रियों को समझ नहीं आया कि आगे क्या किया जाए। मानसी के मुताबिक, बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग और पूरा गांव बह गया था। उन्होंने इस अनुभव को बेहद खराब बताते हुए कहा कि इस घटना ने जीवन की अनिश्चितता का अहसास कराया।

    घटना को बताया दुखद और डरावना

    मानसी ने बताया कि पूरा इलाका मिट्टी में डूब चुका था और वहां लोगों का मिल पाना बेहद मुश्किल था। उनके अनुसार, बहाव इतना तेज था कि लोग 300 किलोमीटर दूर तक बह गए। उन्होंने इसे प्रकृति का ऐसा प्रकोप बताया जिसे रोकना किसी के हाथ में नहीं था।

    अभिनेत्री ने कहा कि किसी ने इस तरह की घटना की कल्पना नहीं की थी और पूरे घटनाक्रम पर विश्वास करना मुश्किल था। उन्होंने इस अनुभव को अत्यंत दुखद बताया।

    लापता होने की खबर से बढ़ी थी चिंता

    कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान मानसी पारेख के लापता होने की खबर आने के बाद उनके परिवार और प्रशंसकों में चिंता का माहौल था। उनके शुभचिंतक सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे थे। मानसी ने नेपाल त्रासदी से कुछ घंटे पहले मानसरोवर यात्रा की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा की थीं। अब उनके सुरक्षित भारत लौटने से परिवार, मित्रों और प्रशंसकों ने राहत की सांस ली है।

  • यूपी चुनाव 2027 की तैयारी तेज, लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बड़ी बैठकें

    यूपी चुनाव 2027 की तैयारी तेज, लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बड़ी बैठकें

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने सोमवार को लखनऊ में अलग-अलग बैठकें बुलाई हैं। तीनों दल संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। बीजेपी का जोर बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर है, जबकि बसपा संगठन और सामाजिक आधार को मजबूत करने तथा सपा मतदाता सूची से जुड़े काम पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    बीजेपी का बूथ स्तर तक संगठन सक्रिय करने पर जोर

    बीजेपी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला आयोजित कर रही है। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह शामिल होंगे। कार्यशाला में करीब 700 पदाधिकारियों के साथ सभी जिलाध्यक्षों और प्रत्येक जिले से सांसद-विधायक को बुलाया गया है। प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन में शामिल उत्तर प्रदेश के नेता भी इसमें भाग लेंगे।

    पार्टी का मुख्य फोकस राज्य सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने, संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने और मिशन 2027 के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक जिले से पांच-पांच पदाधिकारी बुलाए गए हैं। सभी जिलाध्यक्षों और मोर्चों के अध्यक्षों के साथ हर जिले से एक विधायक और सांसद को भी आमंत्रित किया गया है। बैठक में पार्टी और सरकार के कामकाज तथा आगामी राजनीतिक अभियानों को जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति पर चर्चा होगी।

    बसपा की बैठक में जिलाध्यक्षों से ली जाएगी रिपोर्ट

    बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इसमें संगठन को मजबूत करने, पार्टी की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी। विधानसभा चुनाव की तैयारी, संभावित प्रत्याशियों के चयन और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर भी मंथन किया जाएगा। अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद इस बैठक को बसपा की चुनावी तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मायावती जिलाध्यक्षों से जमीनी स्थिति की रिपोर्ट लेने के साथ संभावित प्रत्याशियों यानी विधानसभा प्रभारियों के नामों पर विचार कर रही हैं। पार्टी की योजना कैडर में नए युवाओं को जोड़ने, संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने और अपने कैडर वोट बैंक के साथ सर्वसमाज, विशेषकर ब्राह्मण और मुस्लिम वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की है। बसपा 2027 के चुनाव से पहले अपने पुराने सामाजिक आधार को दोबारा मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

    सपा का मतदाता सूची और तकनीकी तैयारी पर फोकस

    समाजवादी पार्टी ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सभी जिला और महानगर अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ तकनीकी तैयारी पर भी जोर दिया जाएगा। सभी विधानसभा क्षेत्रों से कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले और फॉर्म-6 भरने के काम से जुड़े एक-एक व्यक्ति को बैठक में शामिल किया जाएगा।

    हर विधानसभा क्षेत्र से आईटी विशेषज्ञों और नया मतदाता जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाकर पार्टी मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन के काम की समीक्षा करेगी। इस बैठक के जरिए सपा बूथ स्तर पर अपनी तैयारी मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक तथा चुनावी रोडमैप तैयार करने में जुटी है।

    लखनऊ में एक ही दिन हो रही बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकों से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में तेजी दिखाई दे रही है। तीनों दल अपनी अलग-अलग रणनीतियों के तहत संगठन, बूथ प्रबंधन और चुनावी कार्यक्रमों को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।

  • KBC 18 में विशाल राठौड़ ने सुनाया दिहाड़ी मजदूरी का संघर्ष, भावुक हुए अमिताभ बच्चन

    KBC 18 में विशाल राठौड़ ने सुनाया दिहाड़ी मजदूरी का संघर्ष, भावुक हुए अमिताभ बच्चन

    अमिताभ बच्चन के क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में महाराष्ट्र के विशाल प्रेमचंद राठौड़ ने अपने परिवार के आर्थिक संघर्ष के बारे में बताया। उनकी बातें सुनकर स्टूडियो में मौजूद लोग भावुक हो गए और अमिताभ बच्चन भी भावुक दिखाई दिए।

    काम नहीं मिलने पर रुक जाती है कमाई

    विशाल ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर हैं और एक दिन में 500 से 600 तक कमा पाते हैं। काम नहीं मिलने पर उन्हें खाली बैठना पड़ता है और उस दिन कोई कमाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्हें छुट्टी से डर लगता है।

    विशाल के अनुसार, वह अपने पिता के साथ मजदूरी के लिए जाते हैं। कई बार दोपहर 12 से एक बजे तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें काम नहीं मिलता। उनकी मां एक कैंटीन में झाड़ू-पोंछा लगाने का काम करती हैं। शो में विशाल के साथ उनके माता-पिता और दो बहनें भी मौजूद थीं।

    पिता को कपड़े नहीं दिला पाने का दुख

    अमिताभ बच्चन ने विशाल से पूछा कि वह अपने पिता को क्या तोहफा देना चाहेंगे। इस पर विशाल ने कहा कि वह अब तक अपने पिता को कपड़े भी नहीं दिला पाए हैं। उन्होंने बताया कि त्योहार पर हर बच्चे की इच्छा होती है कि वह अपने माता-पिता के लिए अच्छे कपड़े लाए, लेकिन वह अभी तक ऐसा नहीं कर सके।

    विशाल ने अपने गांव के छोटे घर की मरम्मत और बहनों की पढ़ाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी बहनें अच्छी तरह पढ़ सकें और वह खुद भी अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। विशाल के संघर्ष के बारे में सुनकर उनके परिजन और स्टूडियो में मौजूद लोग भावुक हो गए।

  • कोटद्वार विवाद: मोहम्मद दीपक के खिलाफ FIR पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक

    कोटद्वार विवाद: मोहम्मद दीपक के खिलाफ FIR पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक

    उत्तराखंड के कोटद्वार में हुए विवाद से जुड़े जिम मालिक मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके साथ ही उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस निर्देश पर भी रोक लगाई गई है, जिसमें दीपक को मामले से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट करने से मना किया गया था।

    दुकान के नाम को लेकर हुआ था विवाद

    मामला कोटद्वार की एक दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। 26 जनवरी को दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर कुछ लोगों का 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार से विवाद हुआ था। दीपक के मुताबिक, वह दुकानदार के समर्थन में मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान भीड़ ने उनसे उनकी पहचान पूछी, जिस पर उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह चर्चा में आए। उनके समर्थन में लोगों ने 100 से 500 रुपये तक की छोटी राशि भी दी थी।

    दीपक और उनके सहयोगी पर लगे आरोप

    घटना के बाद दीपक कुमार और उनके सहयोगी के खिलाफ दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन छीनने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने दीपक समेत 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि घटना के समय दीपक भीड़ को शांत करने के लिए मौके पर मौजूद थे और इस दौरान उनकी भीड़ के साथ धक्का-मुक्की हुई। सरकार ने यह भी बताया था कि घटना से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ पांच मुकदमे पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।

    हाईकोर्ट ने नहीं दी थी राहत

    उत्तराखंड हाईकोर्ट में 20 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान दीपक ने FIR रद्द करने, परिवार को सुरक्षा देने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उस समय उन्हें राहत नहीं दी और जांच में पुलिस का सहयोग करने को कहा था। अदालत ने उन्हें मामले से जुड़ी अनावश्यक सोशल मीडिया गतिविधि से दूर रहने का निर्देश भी दिया था।

    अब सुप्रीम कोर्ट ने FIR पर अंतरिम रोक लगाने के साथ ही सोशल मीडिया गतिविधि से संबंधित हाईकोर्ट के निर्देश पर भी रोक लगा दी है। यह राहत फिलहाल अंतरिम है और मामले में आगे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार होगी।

  • Google में नौकरी कैसे पाएं: आवेदन, इंटरव्यू और सैलरी की पूरी जानकारी

    Google में नौकरी कैसे पाएं: आवेदन, इंटरव्यू और सैलरी की पूरी जानकारी

    गूगल में नौकरी के लिए हर साल बड़ी संख्या में युवा आवेदन करते हैं। कंपनी का वर्क कल्चर, सैलरी और कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं उम्मीदवारों को आकर्षित करती हैं। हालांकि, चयन के लिए सही रिज्यूमे, संबंधित कौशल और भर्ती प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी होना जरूरी है।

    आवेदन से पहले तैयार करें प्रभावी रिज्यूमे

    गूगल में आवेदन करने से पहले एक अच्छा रिज्यूमे तैयार करना अहम है। इसमें जानकारी की मात्रा से अधिक उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। उम्मीदवार को अपने संबंधित कौशल, अनुभव और उपलब्धियों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना चाहिए। कंपनी में डिग्री से अधिक कौशल को महत्व दिए जाने की बात कही गई है, लेकिन तकनीकी भूमिकाओं के लिए कुछ शैक्षणिक योग्यताएं जरूरी हो सकती हैं। इनमें B.E या B.Tech कंप्यूटर साइंस, MCA और कुछ पदों के लिए B.Sc या M.Sc कंप्यूटर साइंस शामिल हैं।

    Google Careers के माध्यम से आवेदन

    उम्मीदवारों को सबसे पहले Google Careers पर उपलब्ध पदों की जानकारी देखनी होती है। उपयुक्त पद चुनने के बाद आवेदन के साथ रिज्यूमे अपलोड करना होता है। रिज्यूमे शॉर्टलिस्ट होने पर HR उम्मीदवार से संपर्क करता है। इसके बाद संबंधित भूमिका के अनुसार टेस्ट लिया जा सकता है और सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। चयन प्रक्रिया में कई दौर हो सकते हैं।

    रेफरल से बढ़ सकती है शॉर्टलिस्टिंग की संभावना

    कई बार योग्यता और मेहनत के बावजूद रिज्यूमे शॉर्टलिस्ट नहीं हो पाता। ऐसे में गूगल में कार्यरत किसी परिचित कर्मचारी से रेफरल मांगा जा सकता है। रेफरल से रिज्यूमे के शॉर्टलिस्ट होने की संभावना बढ़ सकती है, लेकिन इसका अर्थ अंतिम चयन की गारंटी नहीं है।

    इंटरव्यू में कौशल के साथ व्यवहार का भी आकलन

    शॉर्टलिस्ट होने के बाद उम्मीदवार को वास्तविक चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसमें केवल काम से जुड़े कौशल नहीं देखे जाते, बल्कि टीम के साथ व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया का भी आकलन किया जाता है। इसलिए उम्मीदवार को तकनीकी तैयारी के साथ व्यवहार संबंधी प्रश्नों और अलग-अलग परिस्थितियों पर आधारित सवालों के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

    फ्रेशर्स और इंटर्न को कितनी सैलरी

    स्रोत में दी गई जानकारी के अनुसार, गूगल में फ्रेशर्स को करीब 15 लाख से 40 लाख रुपये तक का सालाना पैकेज मिल सकता है। वहीं, इंटर्नशिप करने वालों को लगभग 50 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक प्रतिमाह भुगतान मिलने की बात कही गई है।

  • सचिन तेंदुलकर ने परिवार के साथ मनाया मां रजनी का जन्मदिन, साझा किया खास संदेश

    सचिन तेंदुलकर ने परिवार के साथ मनाया मां रजनी का जन्मदिन, साझा किया खास संदेश

    पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपनी मां रजनी तेंदुलकर का जन्मदिन परिवार के साथ मनाया। इस अवसर पर सारा तेंदुलकर, अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक समेत परिवार के करीबी सदस्य मौजूद रहे। सचिन ने जन्मदिन समारोह की झलकियां साझा करते हुए मां के प्रति अपना प्यार भी जाहिर किया।

    सचिन ने मां के लिए लिखा खास संदेश

    सचिन ने अपनी मां को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, ‘Happy birthday, Aai. Clearly, you are everyone’s favourite!’ इसका अर्थ है, ‘जन्मदिन मुबारक, आई। साफ है कि आप सभी की सबसे पसंदीदा हैं।’ सचिन अपनी मां को प्यार से ‘आई’ कहकर बुलाते हैं।

    समारोह में परिवार के सदस्यों की मौजूदगी ने इस अवसर को खास बनाया। साझा की गई झलकियों में तेंदुलकर परिवार जन्मदिन को साथ और खुशियों के साथ मनाता नजर आया।

    सचिन के सफर में परिवार का साथ

    सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट करियर में परिवार का अहम योगदान रहा है। वह कई अवसरों पर अपनी मां के सहयोग और प्यार का उल्लेख कर चुके हैं। क्रिकेट में कई रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले सचिन के लिए परिवार हमेशा महत्वपूर्ण रहा है और मां के जन्मदिन पर साझा किए गए उनके संदेश में भी यही जुड़ाव दिखाई दिया।

  • यूपी विधानसभा चुनाव 2027: लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकें, बूथ रणनीति पर जोर

    यूपी विधानसभा चुनाव 2027: लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकें, बूथ रणनीति पर जोर

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने सोमवार को लखनऊ में अलग-अलग बैठकें बुलाईं। इन बैठकों में संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर की तैयारी और चुनावी रणनीति पर चर्चा की जा रही है। बीजेपी सत्ता में अपना वर्चस्व बनाए रखने की तैयारी में है, जबकि सपा और बसपा संगठनात्मक समीकरण मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं।

    बीजेपी का बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का प्लान

    बीजेपी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला आयोजित कर रही है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह शामिल होंगे। कार्यशाला में करीब 700 पदाधिकारियों के साथ सभी जिलाध्यक्षों तथा प्रत्येक जिले से सांसद और विधायक को बुलाया गया है। प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन में शामिल उत्तर प्रदेश के नेता भी इसमें भाग लेंगे।

    बैठक में राज्य सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने, संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने और मिशन 2027 के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर जोर रहेगा। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक प्रत्येक जिले से पांच-पांच पदाधिकारी बुलाए गए हैं। सभी जिलाध्यक्षों और मोर्चों के अध्यक्षों के साथ हर जिले से एक विधायक और सांसद को भी आमंत्रित किया गया है। पार्टी और सरकार के कामकाज तथा आगामी राजनीतिक अभियानों को जमीनी स्तर पर एक साथ लागू करने की रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा।

    बसपा की बैठक में सभी 75 जिलाध्यक्ष शामिल

    बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इसमें संगठन को मजबूत करने, पार्टी की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी। विधानसभा चुनाव की तैयारी, संभावित प्रत्याशियों के चयन और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने के मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।

    बसपा अपने पुराने सामाजिक आधार को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रही है। बैठक में जिलाध्यक्षों से जमीनी स्थिति की रिपोर्ट लेकर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है। मायावती संभावित प्रत्याशियों यानी विधानसभा प्रभारियों के नामों पर विचार करने के साथ कैडर में नए युवाओं को जोड़ने की तैयारी कर रही हैं। पार्टी अपने कैडर वोट बैंक के साथ विशेष रूप से ब्राह्मण और मुस्लिम वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रही है।

    सपा का मतदाता सूची और तकनीकी तैयारी पर फोकस

    समाजवादी पार्टी ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सभी जिला और महानगर अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ तकनीकी तैयारी पर जोर दिया जा रहा है। सभी विधानसभा क्षेत्रों से कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले और फॉर्म-6 भरने के काम से जुड़े एक-एक व्यक्ति को भी बैठक में शामिल किया गया है।

    सपा मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन के काम की समीक्षा कर बूथ स्तर पर अपनी तैयारी मजबूत कर रही है। हर विधानसभा क्षेत्र से आईटी विशेषज्ञों और नए मतदाता जोड़ने के लिए फॉर्म-6 से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। तीनों प्रमुख दलों की इन बैठकों के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की संगठनात्मक और चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं।

  • KBC 18 में दिहाड़ी मजदूर विशाल राठौड़ ने सुनाया संघर्ष, भावुक हुए अमिताभ बच्चन

    KBC 18 में दिहाड़ी मजदूर विशाल राठौड़ ने सुनाया संघर्ष, भावुक हुए अमिताभ बच्चन

    अमिताभ बच्चन के क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में महाराष्ट्र के विशाल प्रेमचंद राठौड़ ने अपनी जिंदगी के संघर्ष के बारे में बताया। दिहाड़ी मजदूर विशाल की बातें सुनकर उनके परिजन और स्टूडियो में मौजूद लोग भावुक हो गए। अमिताभ बच्चन भी उनकी आपबीती सुनकर भावुक दिखाई दिए।

    काम नहीं मिलने पर नहीं होती कमाई

    हॉट सीट पर पहुंचे विशाल ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और दिनभर में 500 से 600 तक कमा पाते हैं। काम नहीं मिलने पर उन्हें खाली बैठना पड़ता है और उस दिन कोई कमाई नहीं होती। विशाल ने कहा कि इसी वजह से उन्हें छुट्टी से डर लगता है।

    अमिताभ बच्चन के सवाल पर विशाल ने बताया कि वह अपने पिता के साथ काम की तलाश में जाते हैं। कभी-कभी दोनों को दोपहर 12 से एक बजे तक खड़े रहने के बाद भी काम नहीं मिलता। उनकी मां एक कैंटीन में झाड़ू-पोंछा लगाने का काम करती हैं। शो में विशाल के साथ उनके माता-पिता और दो बहनें भी मौजूद थीं।

    पिता को कपड़े नहीं दिला पाने का दर्द

    अमिताभ बच्चन ने विशाल से पूछा कि वह अपने पिता को क्या तोहफा देना चाहेंगे। इस पर विशाल ने कहा कि वह अब तक अपने पिता को कपड़े भी नहीं दिला पाए हैं। उन्होंने बताया कि त्योहारों पर बच्चों की इच्छा होती है कि वे अपने माता-पिता के लिए अच्छे कपड़े लाएं, लेकिन वह अभी तक ऐसा नहीं कर सके। उनकी बात सुनकर उनके पिता सहित परिवार के सदस्य रो पड़े।

    विशाल ने अपने गांव के छोटे घर की मरम्मत और बहनों की पढ़ाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी बहनें अच्छी तरह पढ़ सकें और वह स्वयं भी पढ़ाई पर ध्यान लगा सकें। उनके संघर्ष की कहानी सुनकर स्टूडियो का माहौल भावुक हो गया।

  • यूपी चुनाव 2027: लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकें, जानिए तीनों दलों की रणनीति

    यूपी चुनाव 2027: लखनऊ में बीजेपी, सपा और बसपा की बैठकें, जानिए तीनों दलों की रणनीति

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने सोमवार को लखनऊ में अलग-अलग बैठकें बुलाई हैं। तीनों दल संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने पर मंथन कर रहे हैं। बीजेपी का जोर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर है, जबकि सपा मतदाता सूची और बसपा अपने सामाजिक आधार एवं संगठन के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    बीजेपी की सेवा संकल्प अभियान कार्यशाला

    बीजेपी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला आयोजित कर रही है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के शामिल होने की जानकारी है। कार्यशाला में करीब 700 पदाधिकारियों के साथ सभी जिलाध्यक्षों, सांसदों और विधायकों को बुलाया गया है। प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन में शामिल उत्तर प्रदेश के नेता भी इसमें भाग लेंगे।

    बीजेपी का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाना, संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करना और मिशन 2027 के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना है। बैठक में पार्टी और सरकार के कामकाज के साथ आगामी राजनीतिक अभियानों को जमीन पर उतारने की रणनीति पर चर्चा होगी। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक जिले से पांच पदाधिकारियों के अलावा सभी मोर्चों के अध्यक्ष तथा हर जिले से एक विधायक और एक सांसद को बुलाया गया है।

    बसपा का संगठन और सामाजिक आधार पर जोर

    बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इसमें संगठन को मजबूत करने, पार्टी की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी। विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संभावित प्रत्याशियों के चयन और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने के मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा।

    बसपा 2027 के चुनाव से पहले अपने पुराने सामाजिक आधार को फिर मजबूत करने की कोशिश कर रही है। बैठक में जिलाध्यक्षों से जमीनी स्थिति की रिपोर्ट लेकर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है। अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद पार्टी नए युवाओं को कैडर से जोड़ने और अपने परंपरागत वोट बैंक के साथ ब्राह्मण एवं मुस्लिम वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। संभावित प्रत्याशियों यानी विधानसभा प्रभारियों के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।

    सपा की बैठक में मतदाता सूची पर फोकस

    समाजवादी पार्टी ने लखनऊ स्थित अपने कार्यालय में सभी जिला और महानगर अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ तकनीकी तैयारियों पर भी जोर दिया गया है। सभी विधानसभा क्षेत्रों से कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले और फॉर्म-6 भरने के काम से जुड़े एक-एक प्रतिनिधि को इसमें शामिल किया गया है।

    सपा मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने और संशोधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर बूथ स्तर पर अपनी तैयारी मजबूत कर रही है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से आईटी विशेषज्ञों और फॉर्म-6 से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाना पार्टी की इसी रणनीति का हिस्सा है। तीनों प्रमुख दलों की इन बैठकों ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है।