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  • AI जल्द हासिल कर सकता है सुपर-ह्यूमन क्षमता, जानें एलन मस्क के दावे का आधार

    AI जल्द हासिल कर सकता है सुपर-ह्यूमन क्षमता, जानें एलन मस्क के दावे का आधार

    Tesla के CEO एलन मस्क ने दावा किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आने वाले कुछ वर्षों में इंसानों से अधिक सक्षम हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने कहा कि AI तेजी से बेहतर हो रहा है और जल्द सुपर-ह्यूमन स्तर पर काम कर सकता है। उनका यह दावा उन्नत AI एजेंट्स की बढ़ती क्षमताओं और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की चर्चा के बीच सामने आया है।

    Vercel के CEO की पोस्ट पर दी प्रतिक्रिया

    मस्क ने Vercel के CEO Guillermo Rauch की उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह दावा किया, जिसमें CVSS 9.8 रेटिंग वाली एक CVE खामी का उल्लेख किया गया था। Rauch के अनुसार, AI एजेंट्स ने सिस्टम में मौजूद खामी का न केवल पता लगाया, बल्कि उसका फायदा भी उठाया। पोस्ट में OpenAI और Hugging Face का भी जिक्र किया गया था।

    Rauch का कहना था कि इंटरनेट और डिजिटल दुनिया में AI एजेंट्स स्वयं खामियां खोज सकते हैं और उनका इस्तेमाल सिस्टम को हैक करने के लिए कर सकते हैं। यदि ये एजेंट बिना किसी कमांड के ऐसा करने लगते हैं, तो यह इंसानों और डिजिटल प्रणालियों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।

    https://twitter.com/rauchg/status/2094122005193003077

    AI हैकिंग में सुपर-ह्यूमन क्षमता का दावा

    Rauch की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने कहा कि वह करीब एक दशक पहले गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज से इस विषय पर बात कर चुके हैं। मस्क के मुताबिक, AI हैकिंग के क्षेत्र में सुपर-ह्यूमन क्षमता हासिल कर सकता है और उसका प्रदर्शन इंसानों से बेहतर हो सकता है।

    मस्क के दावे के अनुसार, AI की यह क्षमता केवल डिजिटल दुनिया तक सीमित नहीं रहेगी। वह ऐसे कई काम कर सकेगा जिनमें परमाणुओं को आकार देने या भौतिक रूप से चीजें तैयार करने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने भविष्य को हॉलीवुड की साइंस फिक्शन फिल्मों की तरह देखने को लेकर चिंता नहीं करने की बात भी कही।

    OpenAI की सुरक्षा रिपोर्ट में क्या दावा किया गया

    OpenAI ने CVE खामी से संबंधित एक विस्तृत सुरक्षा रिपोर्ट जारी की थी। कंपनी के दावे के मुताबिक, लगभग 1,200 AI एजेंट्स ने आपस में संवाद करने के लिए इंटरनल आर्टिफैक्ट्स सर्विस को मैसेज बोर्ड की तरह इस्तेमाल किया और 70,000 से अधिक संदेश तथा फाइलें साझा कीं। इसके बाद करीब 700 एजेंट्स ने Hugging Face को निशाना बनाया। रिपोर्ट में कहा गया कि AI किसी सिस्टम को हैक करने के लिए उसके कोर सॉफ्टवेयर में प्रवेश कर सकता है।

    AI से तैयार सामग्री की पहचान भी चुनौती

    AI की क्षमताओं में लगातार सुधार के कारण यह पहचानना कठिन होता जा रहा है कि कोई लेख इंसान ने लिखा है या AI ने। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कुछ उपकरणों और तकनीकों के जरिए AI तथा इंसानों की लिखावट के बीच मौजूद बारीक अंतर पहचानने की बात कही है।

  • ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को मिला ‘A’ सर्टिफिकेट, इंटीमेट दृश्यों में हुई कटौती

    ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को मिला ‘A’ सर्टिफिकेट, इंटीमेट दृश्यों में हुई कटौती

    ओटीटी फ्रेंचाइजी ‘मिर्जापुर’ अब फिल्म के रूप में सिनेमाघरों में आने के लिए तैयार है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की प्रमाणन प्रक्रिया पूरी कर ली है। फिल्म को ‘A’ प्रमाणपत्र के साथ मंजूरी मिली है और यह 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    फिल्म की अवधि 3 घंटे 17 मिनट

    सीबीएफसी की रिवाइजिंग कमेटी ने समीक्षा के बाद फिल्म को वयस्क दर्शकों के लिए ‘A’ प्रमाणपत्र दिया है। इसकी कुल अवधि 197 मिनट यानी 3 घंटे 17 मिनट निर्धारित की गई है। मुख्य कहानी में कोई बड़ा कट नहीं लगाया गया, हालांकि कुछ संवादों और दृश्यों में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं।

    संवादों और इंटीमेट दृश्यों में बदलाव

    प्रमाणन के दौरान चार स्थानों पर अपशब्द म्यूट किए गए हैं, जबकि छह जगह आपत्तिजनक शब्द बदले गए हैं। एक जातिगत संदर्भ में भी बदलाव का निर्देश दिया गया। फिल्म के पहले हिस्से में एक शब्द को ‘कमर’ से बदला गया, जबकि दूसरे हिस्से से ‘लंठ’ शब्द हटाया गया।

    बोर्ड ने इंटरवल से पहले और बाद के दो इंटीमेट एवं संवेदनशील दृश्यों का दृश्य और ऑडियो प्रभाव 50 प्रतिशत तक कम करने को कहा है। इससे करीब 35 सेकंड के इंटीमेट कंटेंट में कटौती हुई है। फिल्म के हिंसक या खून-खराबे वाले दृश्यों में कोई कटौती नहीं की गई है।

    पंकज त्रिपाठी ने बताया बड़े पर्दे का अनुभव

    फिल्म में कालीन भैया की भूमिका निभा रहे पंकज त्रिपाठी ने कहा कि किसी कला को समूह या समुदाय के साथ देखने पर उसका प्रभाव बदल जाता है। उनके मुताबिक, पहले अकेले देखी जाने वाली ‘मिर्जापुर’ अब सिनेमाघरों में सामूहिक रूप से ‘पार्टी मोड’ जैसा अनुभव देगी। फिल्म में दुनिया और किरदार वही रहेंगे, लेकिन कहानी नई और कैनवास बड़ा होगा।

    4 सितंबर 2026 को होगी रिलीज

    गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी फिल्म को पुनीत कृष्णा ने लिखा है। इसका निर्माण रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने किया है, जबकि इसे अमेजॉन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं।

    फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रसिका दुगल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, श्रिया पिलगांवकर, जितेंद्र कुमार, रवि किशन और अभिषेक बनर्जी प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

  • ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को मिला ‘A’ सर्टिफिकेट, इंटीमेट दृश्यों में कटौती के बाद 4 सितंबर को रिलीज

    ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को मिला ‘A’ सर्टिफिकेट, इंटीमेट दृश्यों में कटौती के बाद 4 सितंबर को रिलीज

    ओटीटी फ्रेंचाइजी ‘मिर्जापुर’ अब बड़े पर्दे पर आने के लिए तैयार है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की प्रक्रिया पूरी कर ली है। फिल्म को ‘A’ प्रमाणपत्र दिया गया है और यह 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    फिल्म की अवधि 3 घंटे 17 मिनट

    सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी ने फिल्म को वयस्क दर्शकों के लिए प्रमाणित किया है। इसकी कुल अवधि 197 मिनट यानी 3 घंटे 17 मिनट है। फिल्म की मुख्य कहानी में कोई बड़ा कट नहीं लगाया गया, हालांकि कुछ संवादों और दृश्यों में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं।

    संवादों और इंटीमेट दृश्यों में बदलाव

    सीबीएफसी के निर्देश पर चार स्थानों पर अपशब्द म्यूट किए गए हैं, जबकि छह जगह आपत्तिजनक शब्द बदले गए हैं। जाति से जुड़े एक संदर्भ में भी बदलाव किया गया है। इसके अलावा इंटरवल से पहले और बाद के दो दृश्यों में इंटीमेट तथा संवेदनशील सामग्री का दृश्य और ऑडियो प्रभाव 50 प्रतिशत तक कम किया गया है। इससे करीब 35 सेकंड का इंटीमेट कंटेंट प्रभावित हुआ है। फिल्म के हिंसक या खूनी दृश्यों में कोई कटौती नहीं की गई है।

    पंकज त्रिपाठी ने बताया थिएटर अनुभव

    फिल्म में कालीन भैया की भूमिका निभा रहे पंकज त्रिपाठी ने कहा कि किसी कला को समूह या समुदाय के साथ देखने पर उसका प्रभाव बदल जाता है। उनके अनुसार, पहले अकेले देखी जाने वाली ‘मिर्जापुर’ अब सिनेमाघरों में सामूहिक अनुभव देगी। फिल्म में दुनिया और किरदार वही होंगे, लेकिन कहानी नई और उसका कैनवास बड़ा होगा।

    निर्देशन, निर्माण और प्रमुख कलाकार

    फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसे पुनीत कृष्णा ने लिखा है। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने इसका निर्माण किया है, जबकि इसे अमेजॉन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रसिका दुगल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, श्रिया पिलगांवकर, जितेंद्र कुमार, रवि किशन और अभिषेक बनर्जी प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

  • IPL इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर फिर बहस, BCCI ने सभी फ्रेंचाइजियों से मांगी राय

    IPL इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर फिर बहस, BCCI ने सभी फ्रेंचाइजियों से मांगी राय

    इंडियन प्रीमियर लीग में इम्पैक्ट प्लेयर नियम एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सभी IPL फ्रेंचाइजियों से इस नियम पर फीडबैक मांगा है। टीमों को अपनी राय भेजने के लिए सोमवार, 31 अगस्त तक का समय दिया गया है। पिछले सीजन में कई बड़े स्कोर बनने के बाद गेंदबाजों पर इस नियम के असर को लेकर सवाल उठे थे।

    IPL में 12वें खिलाड़ी के तौर पर इस्तेमाल होने वाले इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय है। आलोचकों का मानना है कि अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प मिलने से गेंदबाजों की चुनौती बढ़ जाती है। रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और शुभमन गिल सहित कई खिलाड़ी इस नियम के विरोध में अपनी राय रख चुके हैं, जबकि लीग में इसके समर्थक भी मौजूद हैं।

    क्रिकेट संचालन के अन्य मुद्दों पर भी सुझाव

    रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने फ्रेंचाइजियों से इम्पैक्ट प्लेयर नियम के अलावा क्रिकेट संचालन से जुड़े अन्य विषयों पर भी सुझाव मांगे हैं। इनमें PMOA से जुड़े मामले, अंपायरिंग, अभ्यास सत्र और खेल की परिस्थितियां शामिल हैं। हालांकि, बोर्ड की इस प्रक्रिया में सबसे अधिक ध्यान इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर है।

    हर IPL सीजन के बाद फ्रेंचाइजियों से फीडबैक लेना सामान्य प्रक्रिया है। इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अलग से राय मांगना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल कप्तानों की बैठक में संकेत दिए गए थे कि यह नियम कम से कम एक और सीजन तक जारी रहेगा। BCCI के हालिया पत्र में भी उस बैठक का उल्लेख किया गया है।

    बोर्ड ने फ्रेंचाइजियों से अपनी क्रिकेट ऑपरेशंस टीमों के साथ इन विषयों पर चर्चा करके संयुक्त फीडबैक भेजने को कहा है। सभी सुझावों के आधार पर अगले सीजन से पहले समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

    मैच डे सुरक्षा भी समीक्षा के दायरे में

    पिछले IPL सीजन में मैच डे सुरक्षा भी एक प्रमुख मुद्दा रही थी। PMOA क्षेत्र में अनधिकृत लोगों के पहुंचने की घटनाओं के बाद BCCI को खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और टीम मालिकों के लिए सीजन के बीच नए दिशा-निर्देश जारी करने पड़े थे। अब फ्रेंचाइजियों के जवाब के बाद यह स्पष्ट होगा कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम अगले IPL सीजन में जारी रहेगा या बोर्ड इसमें बदलाव करेगा।

  • उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं पीएम मोदी की तीन कविताएं

    उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं पीएम मोदी की तीन कविताएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के छात्रों ने उनकी लिखी तीन कविताएं हिंदी और उज्बेक भाषा में प्रस्तुत कीं। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से कुकसरॉय पैलेस में आयोजित अनौपचारिक रात्रि भोज में भी मोदी की कविता “अभी तो सूरज उगा है” पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति दी गई।

    प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे। उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और रक्षा सहयोग को लेकर अहम समझौते हुए। इस बीच छात्रों की ओर से दी गई उनकी कविताओं की प्रस्तुति भी चर्चा में रही।

    दो भाषाओं में प्रस्तुत की गईं तीन कविताएं

    ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में छात्रों और अकादमिक समुदाय के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के दौरान उज्बेक छात्रों ने उनकी लिखी कविताएं गाकर और सुनाकर प्रस्तुत कीं। छात्रों ने कुल तीन कविताएं पेश कीं और प्रत्येक कविता का पाठ हिंदी तथा उज्बेक भाषा में किया गया।

    इन छात्रों ने किया कविताओं का पाठ

    विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के छात्र केल्डियोरोव दिलहुशबेक ने हिंदी में “अभी तो सूरज उगा है” कविता सुनाई, जबकि इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा दिलशोदा जुराबोएवा ने प्रस्तुत किया। “नए भारत के नए संकल्प” कविता का हिंदी पाठ चौथे वर्ष के छात्र ओटाबेक अमीरोव ने किया और इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष के छात्र इकरोमखुजा सादिल्लाएव ने सुनाया।

    इंसानियत, दया और शांति पर आधारित कविता “मानवता को कहीं न लग जाए दाग” का हिंदी पाठ तीसरे वर्ष की छात्रा ओरज़ू कुलदोशेवा ने किया। इसका उज्बेक अनुवाद विश्वविद्यालय की तीसरे वर्ष की छात्रा फयोजा अब्दुरसुलोवा ने प्रस्तुत किया।

  • पश्चिम बंगाल में सप्ताह में दो दिन सरकारी कार्यालयों में लगेगा जनता दरबार

    पश्चिम बंगाल में सप्ताह में दो दिन सरकारी कार्यालयों में लगेगा जनता दरबार

    पश्चिम बंगाल सरकार ने जन शिकायतों के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन जनता दरबार आयोजित करने का निर्देश दिया है। अब फील्ड स्तर के अधिकारी प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को लोगों से सीधे मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। यह व्यवस्था ‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ पहल के तहत लागू की जाएगी।

    सुबह 10:30 से दोपहर 1 बजे तक सुनवाई

    जनता दरबार मंगलवार और गुरुवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों में लगेगा। जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त, एसडीओ, बीडीओ, पुलिस अधिकारी और अन्य जमीनी अधिकारियों को इस दौरान उपलब्ध रहने के लिए कहा गया है। निर्धारित अवधि में कोई बैठक या अन्य आधिकारिक कार्यक्रम नहीं रखा जाएगा और जनता दरबार जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

    कार्यालयों और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी जानकारी

    अधिकारियों के बैठने का दिन और समय, उनके मोबाइल नंबर तथा ईमेल आईडी सरकारी कार्यालयों के बाहर और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जाएंगे। शिकायत सुनने के बाद की गई कार्रवाई का पूरा विवरण ‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। कार्मिक तथा प्रशासनिक सुधार विभाग इस प्रक्रिया की निगरानी करेगा।

    यह व्यवस्था उन लोगों के लिए भी उपयोगी मानी जा रही है जो ऑनलाइन सेवाओं या डिजिटल ऐप का इस्तेमाल करने में सहज नहीं हैं। ऐसे नागरिक सरकारी कार्यालय जाकर अधिकारियों से आमने-सामने मिल सकेंगे और अपनी समस्या बता सकेंगे।

    शिकायत निवारण पहल का विस्तार

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लोगों की शिकायतें सीधे सुनने के लिए ‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ यानी ‘आपकी सरकार आपके साथ’ पहल शुरू की थी। इसके तहत साप्ताहिक जनता दरबार और शिकायतों के लिए ऑनलाइन प्रणाली की व्यवस्था की गई है। अब फील्ड स्तर के अधिकारियों को भी सप्ताह में दो बार जनता दरबार लगाने का निर्देश देकर इस पहल का विस्तार किया जा रहा है।

  • ईरान युद्ध के बाद पहली बार मिले पीएम मोदी और मसूद पेजेश्कियान, बिश्केक में हुई मुलाकात

    ईरान युद्ध के बाद पहली बार मिले पीएम मोदी और मसूद पेजेश्कियान, बिश्केक में हुई मुलाकात

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। दोनों नेता शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक पहुंचे हैं। फरवरी में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद मोदी और पेजेश्कियान की यह पहली मुलाकात है। दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों ने भी मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

    प्रधानमंत्री मोदी फरवरी से ईरानी नेतृत्व के संपर्क में हैं। उन्होंने विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति पर लगातार जोर दिया है। मोदी ने मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित होने से बचाने की आवश्यकता भी बताई है। 30 जून को राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी। इस दौरान मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेजेश्कियान को धन्यवाद दिया था।

    अमेरिका और ईरान के बीच फिर सैन्य कार्रवाई

    मोदी और पेजेश्कियान की मुलाकात से कुछ घंटे पहले अमेरिका और ईरान के बीच करीब एक महीने बाद फिर सैन्य कार्रवाई हुई। अमेरिका ने लारक द्वीप पर ईरानी सैन्य रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिका के अनुसार, ईरान को हार्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने से रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

    इसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हॉर्मुज के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया। इसके बाद ईरानी नेतृत्व ने संघर्ष बढ़ने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन हमला होने पर हमलावरों को निर्णायक जवाब देगा।

    पेजेश्कियान ने दी कड़े जवाब की चेतावनी

    SCO शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले पेजेश्कियान ने कहा था कि ईरान किसी भी तरह की आक्रामकता का पूरी ताकत और दृढ़ता से जवाब देगा। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व की नियति, इतिहास और सभ्यता हजारों साल पुरानी है तथा क्षेत्र के देशों के बीच संवाद, सह-अस्तित्व और विकास की परंपरा रही है। उनके अनुसार, शांति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सभ्यता इसी भूमि से विकसित हुई हैं और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए।

  • बिश्केक में मिले पीएम मोदी और मसूद पेजेश्कियान, ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद पहली मुलाकात

    बिश्केक में मिले पीएम मोदी और मसूद पेजेश्कियान, ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद पहली मुलाकात

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। फरवरी में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक है। दोनों पक्षों ने अभी तक मुलाकात में हुई चर्चा को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

    प्रधानमंत्री मोदी फरवरी से ईरानी नेतृत्व के संपर्क में हैं। उन्होंने विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर देने के साथ मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित होने से बचाने की जरूरत बताई है। 30 जून को पेजेश्कियान के साथ फोन पर बातचीत में भी उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी। मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेजेश्कियान को धन्यवाद भी दिया था।

    अमेरिका और ईरान के बीच फिर सैन्य कार्रवाई

    मोदी और पेजेश्कियान की मुलाकात से कुछ घंटे पहले अमेरिका और ईरान के बीच करीब एक महीने बाद फिर सैन्य कार्रवाई हुई। अमेरिका ने लारक द्वीप पर ईरानी सैन्य रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिका ने कहा कि ईरान को हार्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने से रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

    इसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हॉर्मुज के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया। इसके बाद ईरानी नेतृत्व ने संघर्ष बढ़ाने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन हमला होने पर वह हमलावरों को निर्णायक जवाब देगा।

    पेजेश्कियान ने दी थी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

    SCO शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले पेजेश्कियान ने कहा था कि ईरान किसी भी तरह की आक्रामकता का पूरी ताकत और दृढ़ता से जवाब देगा। उन्होंने मध्य पूर्व के देशों के बीच संवाद, सह-अस्तित्व और विकास की परंपरा का उल्लेख करते हुए शांति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सभ्यता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई थी।

  • दिल्ली में SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, 47.7 लाख नाम शामिल नहीं

    दिल्ली में SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, 47.7 लाख नाम शामिल नहीं

    दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.7 लाख लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगभग 97.5 लाख मतदाता शामिल हैं।

    30 सितंबर तक पेश किए जा सकेंगे दावे

    दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के मुताबिक, जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं हैं, वे 30 सितंबर तक फॉर्म 6 और जरूरी दस्तावेजों के माध्यम से अपने दावे पेश कर सकते हैं। चुनाव आयोग के अपडेटेड शेड्यूल के अनुसार, दावों और आपत्तियों की जांच के साथ नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी।

    घर-घर जाकर जुटाई गई मतदाताओं की जानकारी

    चुनाव आयोग के अनुसार, दिल्ली में घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म और मतदाताओं की जानकारी जुटाने तथा उन्हें डिजिटाइज करने की प्रक्रिया 30 जून को शुरू हुई थी और 17 अगस्त को पूरी हुई। इस दौरान दिल्ली के कुल 1,45,10,299 मतदाताओं में से लगभग 67.18 प्रतिशत के फॉर्म डिजिटाइज किए गए।

    ASDDO श्रेणी में रखे गए 47.7 लाख मतदाता

    शेष 47.7 लाख मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और अन्य यानी ASDDO श्रेणी में जानकारी नहीं मिल पाने वाले मतदाताओं के रूप में रखा गया है। इन मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किया गया। चुनाव आयोग के मुताबिक, SIR का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता को सूची से बाहर नहीं रहने देना और अयोग्य मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाना है।

  • बिश्केक SCO सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग से मुलाकात की संभावना

    बिश्केक SCO सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग से मुलाकात की संभावना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं। वह 31 अगस्त से एक सितंबर तक होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। किर्गिस्तान के मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पारंपरिक किर्गिज नृत्य प्रस्तुत किया गया, जबकि होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

    पुतिन और जिनपिंग से मुलाकात की संभावना

    प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता भाग ले रहे हैं। सम्मेलन की थीम ‘सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना’ है। सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। इनमें किर्गिस्तान के राष्ट्रपति झापारोव के साथ संभावित वार्ता भी शामिल है।

    SCO की स्थापना के 25 वर्ष

    इस सम्मेलन के दौरान 10 सदस्यीय एससीओ की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने का अवसर भी मनाया जा रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में संगठन की स्थापना की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस संगठन में शामिल हुए।

    भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है सम्मेलन

    मध्य एशिया में तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार हैं। भारत लंबे समय से इस क्षेत्र के देशों के साथ संबंध मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत मध्य एशियाई देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाने के साथ नए परिवहन मार्ग विकसित करने पर भी काम कर रहा है। ऐसे में एससीओ सम्मेलन क्षेत्रीय संपर्क, ऊर्जा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से भारत के लिए महत्वपूर्ण है।

    सुरक्षा, संपर्क और अवसरों पर जोर

    यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वह मध्य एशिया के लिए भारत के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं, जो ‘सुरक्षा, संपर्क और अवसरों’ पर आधारित है। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खतरे से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही थी। प्रधानमंत्री बिश्केक में छठे विश्व घुमंतू खेल के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।

    प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस यात्रा से मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी, क्षेत्र के साथ सभ्यतागत संबंध गहरे होंगे और शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के साझा प्रयास आगे बढ़ेंगे। बिश्केक पहुंचने से पहले उन्होंने उज्बेकिस्तान का दौरा किया, जहां राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार और दोनों देशों की समान सोच व आकांक्षाओं पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपनी चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा बताते हुए दोनों देशों के करीबी समन्वय और गहरी मित्रता का संकेत कहा।