अभिनेत्री मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा से सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड आने के बाद उनके लापता होने की खबर सामने आई थी, जिससे परिवार, प्रशंसकों और शुभचिंतकों की चिंता बढ़ गई थी। मुंबई एयरपोर्ट पर मानसी को देखकर उनका परिवार भावुक हो गया।
मानसी उन 93 यात्रियों के साथ मुंबई लौटीं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे और जिनके बारे में तीन-चार दिनों से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। सुरक्षित वापसी के बाद उन्होंने यात्रा के दौरान आई त्रासदी और उससे जुड़े अनुभव साझा किए।
तिब्बत-नेपाल सीमा के हालात का किया जिक्र
मानसी पारेख ने बताया कि यह सफर लंबा और कठिन रहा। उनके अनुसार, तिब्बत और नेपाल की सीमा पर स्थित एक बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग से यात्रियों ने सात दिन पहले चीन में प्रवेश किया था। कैलाश यात्रा पूरी होने के बाद वे चीन से निकलने वाले थे, लेकिन इससे करीब 24 घंटे पहले हादसा हो गया।
उन्होंने कहा कि हादसे के वीडियो देखने और उसके बारे में जानकारी मिलने के बाद यात्रियों को समझ नहीं आया कि आगे क्या किया जाए। मानसी के मुताबिक, बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग और पूरा गांव बह गया था। उन्होंने इस अनुभव को बेहद खराब बताते हुए कहा कि इस घटना ने जीवन की अनिश्चितता का अहसास कराया।
घटना को बताया दुखद और डरावना
मानसी ने बताया कि पूरा इलाका मिट्टी में डूब चुका था और वहां लोगों का मिल पाना बेहद मुश्किल था। उनके अनुसार, बहाव इतना तेज था कि लोग 300 किलोमीटर दूर तक बह गए। उन्होंने इसे प्रकृति का ऐसा प्रकोप बताया जिसे रोकना किसी के हाथ में नहीं था।
अभिनेत्री ने कहा कि किसी ने इस तरह की घटना की कल्पना नहीं की थी और पूरे घटनाक्रम पर विश्वास करना मुश्किल था। उन्होंने इस अनुभव को अत्यंत दुखद बताया।
लापता होने की खबर से बढ़ी थी चिंता
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान मानसी पारेख के लापता होने की खबर आने के बाद उनके परिवार और प्रशंसकों में चिंता का माहौल था। उनके शुभचिंतक सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे थे। मानसी ने नेपाल त्रासदी से कुछ घंटे पहले मानसरोवर यात्रा की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा की थीं। अब उनके सुरक्षित भारत लौटने से परिवार, मित्रों और प्रशंसकों ने राहत की सांस ली है।

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