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  • AI की गलत खुफिया रिपोर्ट से चीनी जहाज पर कार्रवाई के करीब पहुंची अमेरिकी सेना

    AI की गलत खुफिया रिपोर्ट से चीनी जहाज पर कार्रवाई के करीब पहुंची अमेरिकी सेना

    अमेरिकी सेना कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से तैयार एक गलत खुफिया रिपोर्ट के आधार पर मध्य पूर्व में एक चीनी जहाज को रोकने की तैयारी तक पहुंच गई थी। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में दावा किया गया था कि जहाज परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़े उपकरण ले जा रहा है। बाद में अधिकारियों की जांच में यह दावा गलत पाया गया और नियोजित सैन्य कार्रवाई टाल दी गई।

    यह खुफिया रिपोर्ट ईरान के साथ युद्ध के बीच इस वसंत अमेरिकी सेना में प्रसारित हुई थी। चार सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट सामने आने के बाद जहाज को रोकने की योजना बनाई गई। दो सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र अमेरिकी सैन्यकर्मी जहाज पर चढ़ने की तैयारी कर रहे थे। एक सूत्र और घटना की जानकारी रखने वाले एक अन्य व्यक्ति के अनुसार, सैन्य विमान भी हवा में थे।

    कार्रवाई से पहले सामने आई रिपोर्ट की खामी

    नियोजित अभियान से ठीक पहले अधिकारियों ने स्पेशल ऑपरेशंस कमांड के एक विश्लेषक की रिपोर्ट की गहराई से जांच की। इसमें पता चला कि रिपोर्ट तैयार करने में AI का इस्तेमाल हुआ था और विश्लेषक द्वारा उपयोग किए गए चैटबॉट ने जहाज पर मौजूद सामग्री की गलत पहचान की थी। गलत पहचाने गए माल के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है।

    एक सूत्र ने रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि इससे लगभग युद्ध शुरू हो सकता था। चीनी जहाज के खिलाफ किसी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष का जोखिम पैदा हो सकता था। अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड पैसिफिक और पेंटागन ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।

    चैटबॉट ने अलग-अलग सूचनाओं को जोड़ा

    विश्लेषक ने जहाज के माल संबंधी विवरण पर एक चैटबॉट से सवाल किया था। यह खुफिया जानकारी हवाई स्थित अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड पैसिफिक से आई थी। यह स्पष्ट नहीं है कि इस्तेमाल किया गया चैटबॉट व्यावसायिक रूप से उपलब्ध था या अमेरिकी सरकार का उत्पाद था।

    चैटबॉट ने सार्वजनिक स्रोतों की जानकारी को सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद गोपनीय सिग्नल इंटेलिजेंस के साथ जोड़कर जहाज के माल के बारे में निष्कर्ष निकाला। इसके बाद विश्लेषक ने निष्कर्षों को एक मानक खुफिया रिपोर्ट का रूप देने के लिए दोबारा AI का इस्तेमाल किया और उसे प्रसारित कर दिया। सैन्य और खुफिया विश्लेषकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली AI प्रणालियों की जानकारी रखने वाले एक पूर्व वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि आंतरिक उपकरण काफी हद तक व्यावसायिक प्रणालियों की प्रतियां हैं।

    अमेरिकी सेना में बढ़ रहा AI का इस्तेमाल

    अमेरिकी सेना और खुफिया समुदाय कच्ची खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण, हमलों के लिए लक्ष्य चुनने, बजट प्रबंधन, रसद और आपूर्ति शृंखला सहित कई क्षेत्रों में AI का उपयोग बढ़ा रहे हैं। इसके समर्थकों का कहना है कि तकनीक युद्धक्षेत्र में लक्ष्य और सैन्य संसाधनों से जुड़े फैसले तेजी से लेने में मदद कर सकती है। अधिकारियों के अनुसार, चीन या किसी अन्य प्रतिद्वंद्वी के साथ संभावित संघर्ष की स्थिति को देखते हुए अमेरिका AI के एकीकरण में पीछे नहीं रह सकता।

    रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जनवरी में विभाग की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सेलरेशन स्ट्रैटेजी जारी की थी। रणनीति की घोषणा करते हुए उन्होंने प्रयोग बढ़ाने, नौकरशाही बाधाएं हटाने और सैन्य AI में नेतृत्व सुनिश्चित करने की बात कही थी। इससे संबंधित ज्ञापन में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये सभी वर्गीकृत स्तरों पर विभाग के 30 लाख असैन्य और सैन्य कर्मचारियों तक AI मॉडल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया।

    समान सत्यापन मानकों की कमी

    कई अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, AI अपनाने की प्रक्रिया विकेंद्रीकृत है। सरकार के विभिन्न हिस्से अलग-अलग निर्देशों और सुरक्षा मानकों के तहत अलग उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। इन प्रणालियों से तैयार सूचना के सत्यापन के लिए कोई एक समान मानक नहीं है, इसलिए सेना और खुफिया समुदाय में इस्तेमाल हो रही प्रणालियों की विश्वसनीयता और क्षमता में व्यापक अंतर है।

    सूत्रों के अनुसार, लक्ष्य चयन में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन मानवीय निगरानी से नागरिकों की मौत या अपने ही सैनिकों पर हमले जैसी घटनाओं को रोकने के संबंध में स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं है। एक सूत्र ने कहा कि इस मामले में सामने आई AI की गलत जानकारी कोई अकेली घटना नहीं है और सरकारी संस्थानों में इन उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के बाद खुफिया समुदाय में ऐसी दूसरी घटनाएं भी हुई हैं।

    कुछ वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों का मानना है कि AI ने विश्लेषकों पर सूचनाएं तेजी से तैयार और प्रसारित करने का दबाव बढ़ाया है, जिससे गलतियों की आशंका भी बढ़ती है। कई सूत्रों ने कहा कि युवा विश्लेषक इन उपकरणों के नियमित उपयोग के कारण उन पर बिना पर्याप्त जांच के भरोसा कर सकते हैं। एक सूत्र के शब्दों में, AI किसी गलत विचार तक पहुंचने की गति बढ़ा सकता है।

  • ईशान किशन ने वैभव सूर्यवंशी को बताया ‘फ्यूचर कैप्टन’, बल्लेबाजी की भी तारीफ

    ईशान किशन ने वैभव सूर्यवंशी को बताया ‘फ्यूचर कैप्टन’, बल्लेबाजी की भी तारीफ

    दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब जीतने के बाद ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन और उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें ईशान ने वैभव के डीआरएस फैसले, कप्तानी की संभावनाओं और उनके खेल को लेकर बात की। ईस्ट जोन ने 10 सितंबर को पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को पीछे छोड़ते हुए तीसरी बार दलीप ट्रॉफी अपने नाम की।

    डीआरएस के फैसले पर हुई नोकझोंक

    बीसीसीआई डोमेस्टिक के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में वैभव से सवाल पूछे जा रहे थे, तभी ईशान बातचीत में शामिल हो गए। इसके बाद दोनों के बीच फाइनल में डीआरएस लेने के फैसले का श्रेय लेने को लेकर मजेदार नोकझोंक हुई। ईशान ने कहा कि रिव्यू लेने का इरादा उनका था, लेकिन वैभव ऐन मौके पर आकर श्रेय ले गए। उन्होंने यह भी माना कि वैभव ने जिम्मेदारी अच्छी तरह संभाली और वह उनके लिए खुश हैं।

    वैभव ने जवाब देते हुए कहा कि जब ईशान मैदान से बाहर गए थे, तब बाहर बैठकर रिव्यू के फैसले कौन ले रहा था, यह भी बताया जाना चाहिए। दोनों खिलाड़ियों की यह बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा में रही।

    वैभव में कप्तानी की संभावना देखते हैं ईशान

    ईशान ने वैभव की तारीफ करते हुए कहा कि वह भविष्य में भारतीय टीम के कप्तान बन सकते हैं। उनके मुताबिक वैभव बेहतरीन खिलाड़ी होने के साथ अच्छे इंसान भी हैं और टीम के साथियों का ध्यान रखते हैं। ईशान ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में वैभव और अधिक खतरनाक बल्लेबाज बन सकते हैं।

    फाइनल में ईशान किशन ने बनाए 270 रन

    फाइनल की पहली पारी में वैभव सूर्यवंशी ने 37 गेंदों पर 44 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में वह 16 गेंदों पर आठ रन बनाकर आउट हुए। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने पहली पारी में 270 रन की पारी खेली, जिससे टीम ने 708 रन बनाए। इस प्रदर्शन के लिए ईशान को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता।

    https://twitter.com/BCCIdomestic/status/2098275416813511029
  • छतरपुर में मां और आठ महीने के बच्चे संग महिला लापता, पति ने नकदी-गहने गायब होने का लगाया आरोप

    छतरपुर में मां और आठ महीने के बच्चे संग महिला लापता, पति ने नकदी-गहने गायब होने का लगाया आरोप

    मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के हामा गांव से एक महिला अपनी बुजुर्ग मां और आठ महीने के बच्चे के साथ लापता हो गई है। महिला के पति नरेंद्र विश्वकर्मा ने सिटी कोतवाली पुलिस से संपर्क कर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने घर से नकदी और सोने के गहने गायब होने का भी आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं की है।

    मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए हुआ था परिचय

    नरेंद्र की शिकायत के अनुसार, वह ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से प्रियंका मुकुटी के संपर्क में आए थे। बताया गया है कि दोनों का परिचय करीब पांच साल पुराना था और शादी का फैसला करने से पहले उनके बीच लगभग चार महीने तक बातचीत हुई थी। नरेंद्र का दावा है कि प्रियंका ने शादी से पहले बताया था कि बुजुर्ग मां के अलावा उनके परिवार में कोई अन्य सदस्य नहीं है। शादी के बाद प्रियंका की मां भी उनके साथ रहने लगीं और बाद में दंपती के दो बच्चे हुए।

    घर के CCTV कैमरे बंद मिले

    शिकायत के मुताबिक, 10 सितंबर को प्रियंका, उनकी मां और आठ महीने का बच्चा घर पर नहीं मिले। नरेंद्र ने बताया कि उस दिन उनका बड़ा बच्चा स्कूल गया था। दोपहर करीब तीन बजे घर पहुंचने पर उन्हें तीनों के गायब होने का पता चला। घर में लगे CCTV कैमरे भी बंद मिले। इसके बाद उन्होंने आसपास के क्षेत्रों में तलाश की और रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। शिकायत के अनुसार, प्रियंका और उनकी मां के मोबाइल फोन भी बंद थे।

    एक लाख रुपये और गहने गायब होने का आरोप

    नरेंद्र का आरोप है कि घर से करीब एक लाख रुपये नकद, सोने का मंगलसूत्र और सोने की बालियां गायब हैं। पुलिस ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि कथित रूप से गायब नकदी और गहने महिला अपने साथ ले गई या कोई अन्य घटना हुई है। नरेंद्र ने पुलिस को यह भी बताया कि प्रियंका अक्सर फोन पर किसी से बंगाली भाषा में बात करती थीं, लेकिन भाषा समझ नहीं आने के कारण वह बातचीत के बारे में जानकारी नहीं जुटा सके।

    पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी की रिपोर्ट

    नरेंद्र की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर प्रियंका, उनकी मां और बच्चे की तलाश शुरू कर दी है। महिला के घर से जाने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस नकदी और गहने गायब होने संबंधी आरोपों की भी जांच कर रही है।

  • त्यागराज स्टेडियम मामले में IAS रिंकू दुग्गा की बहाली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

    त्यागराज स्टेडियम मामले में IAS रिंकू दुग्गा की बहाली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को कथित रूप से कुत्ता टहलाने के लिए खाली कराने के मामले से चर्चा में आईं IAS अधिकारी रिंकू दुग्गा की बहाली पर रोक लगा दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से दी गई उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति को रद्द कर दिया था। केंद्र ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

    CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार की अपील पर रिंकू दुग्गा को नोटिस जारी किया। पीठ ने 7 सितंबर के आदेश में कहा कि इस बीच प्रतिवादी की बहाली पर रोक जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी पेश हुईं।

    CAT के आदेश को हाईकोर्ट ने रखा था बरकरार

    रिंकू दुग्गा ने केंद्र सरकार के अनिवार्य सेवानिवृत्ति के फैसले को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण यानी CAT में चुनौती दी थी। CAT ने उनकी बहाली का आदेश दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी 15 अप्रैल को न्यायाधिकरण के इस फैसले को बरकरार रखा था। अब सुप्रीम कोर्ट ने बहाली पर रोक लगाते हुए मामले में नोटिस जारी किया है।

    त्यागराज स्टेडियम से जुड़ा है विवाद

    यह विवाद 2022 का है। रिंकू दुग्गा और उनके पति, जो स्वयं भी IAS अधिकारी हैं, पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने कुत्ते को टहलाने के लिए दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को खाली कराया था। घटना से संबंधित तस्वीरें और वीडियो प्रसारित होने के बाद इस मामले को लेकर आक्रोश सामने आया था।

    हाईकोर्ट ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति को क्यों माना था गलत

    दिल्ली हाईकोर्ट ने रिंकू दुग्गा के पक्ष में फैसला देते हुए कहा था कि स्टेडियम की घटना के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई में उन्हें मामूली सजा दी गई थी। अदालत ने बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के आरोप का भी संज्ञान लिया था। अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश में इन दोनों घटनाओं का उल्लेख किया गया था।

    हाईकोर्ट ने पाया था कि समीक्षा समिति ने दुग्गा को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की सिफारिश करते समय उनके सेवा रिकॉर्ड से जुड़ी कई आवश्यक बातों पर गौर नहीं किया। इनमें उनकी सालाना प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट यानी APAR में कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं होना, पिछले वर्ष की बेहतरीन ग्रेडिंग और पदोन्नति के लिए उनके नाम पर विचार किया जाना शामिल था।

    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का उद्देश्य ऐसे अधिकारियों को सेवा से हटाना है जिन्हें अयोग्य या अनुपयोगी माना जाता है। अदालत के अनुसार यह सिद्धांत रिंकू दुग्गा के मामले में लागू नहीं होता।

  • नशा कम होने के सरकारी दावों पर सवाल, विज्ञापनों को बताया नाकाफी

    नशा कम होने के सरकारी दावों पर सवाल, विज्ञापनों को बताया नाकाफी

    सरकार के नशा कम होने के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि बड़े-बड़े विज्ञापन देने से नशे की समस्या समाप्त नहीं होगी। इस बयान के जरिए सरकारी दावों और नशे की वास्तविक स्थिति पर प्रश्न उठाए गए हैं।

  • कांगड़ा में 14 सितंबर को गणेश प्रतिमा विसर्जन, प्रशासन ने जारी किए सुरक्षा निर्देश

    कांगड़ा में 14 सितंबर को गणेश प्रतिमा विसर्जन, प्रशासन ने जारी किए सुरक्षा निर्देश

    धर्मशाला, 11 सितंबर: गणेश उत्सव के तहत 14 सितंबर को जिला कांगड़ा के विभिन्न स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सभी उपमंडलाधिकारियों और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने सभी विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के पर्याप्त प्रबंध करने, यातायात का सुचारू संचालन बनाए रखने तथा विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की व्यवस्था, स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय और पर्यावरण एवं जल स्रोतों की स्वच्छता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

  • स्मॉल हाइव बीटल से नुकसान की जल्द रिपोर्ट तैयार करें: केवल सिंह पठानिया

    स्मॉल हाइव बीटल से नुकसान की जल्द रिपोर्ट तैयार करें: केवल सिंह पठानिया

    शाहपुर, 11 सितम्बर। मिनी सचिवालय शाहपुर में वीरवार को बागवानी विभाग ने मधुमक्खी पालकों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किया। शिविर की अध्यक्षता शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने की। इसमें स्मॉल हाइव बीटल से मधुमक्खियों को होने वाले नुकसान और इसकी रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई।

    केवल सिंह पठानिया ने एसडीएम शाहपुर को संबंधित पंचायतों के पटवारियों के माध्यम से नुकसान का आकलन करवाकर जल्द विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले को मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि प्रभावित मधुमक्खी पालकों को सहायता दिलाई जा सके।

    29 पंजीकृत मधुमक्खी पालकों की सोसायटी बनाने का सुझाव

    केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है और कांगड़ा का शहद देशभर में अपनी पहचान रखता रहा है। उन्होंने शाहपुर क्षेत्र के 29 पंजीकृत मधुमक्खी पालकों की सोसायटी गठित करने का सुझाव दिया और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    शाहपुर क्षेत्र में करीब 40 प्रतिशत नुकसान का आकलन

    बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. कमलशील नेगी ने स्मॉल हाइव बीटल और इसकी रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तरी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अब तक 14 जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। जिला कांगड़ा में स्मॉल हाइव बीटल के कारण मधुमक्खी पालकों को लगभग 32 प्रतिशत, जबकि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 40 प्रतिशत नुकसान का आकलन किया गया है। जिला में मधुमक्खी पालकों की सहायता के लिए बी-कीपिंग सेल भी स्थापित किया गया है।

    डॉ. सुरेंद्र और डॉ. निशा ने स्मॉल हाइव बीटल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मधुमक्खियों और हाइव को सुरक्षित रखने के उपाय बताए। बागवानी विभाग के उपनिदेशक अलक्ष पठानिया ने विभाग की ओर से विधायक के निर्देशों और सुझावों की अनुपालना सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

    शहद का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की मांग

    मधुमक्खी पालकों ने समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने और कार्रवाई शुरू करवाने के लिए विधायक का आभार जताया। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी शहद का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने और मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने की मांग सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया। शिविर में विभाग की ओर से स्मॉल हाइव बीटल के आक्रमण और प्रबंधन से संबंधित प्रचार सामग्री भी वितरित की गई।

  • चंबा के 25 सरकारी स्कूलों में बनेंगी स्मार्ट कंप्यूटर लैब: हर्ष महाजन

    चंबा के 25 सरकारी स्कूलों में बनेंगी स्मार्ट कंप्यूटर लैब: हर्ष महाजन

    चंबा, 10 सितंबर 2026। राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि चंबा जिले के 25 चयनित सरकारी सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। उनके अनुसार, लगभग ₹2.50 करोड़ की इस परियोजना से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा तथा आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी।

    महाजन ने बताया कि परियोजना को लागू करने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। चयनित विद्यालयों में स्मार्ट कंप्यूटर क्लासरूम और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रत्येक लैब में आधुनिक कंप्यूटर, आवश्यक फर्नीचर और ई-लर्निंग संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

    उन्होंने कहा कि भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण चंबा जिले के कई विद्यार्थी दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में विद्यालय स्तर पर कंप्यूटर और ई-लर्निंग की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों की आधुनिक ज्ञान, नई तकनीक और शिक्षण संसाधनों तक पहुंच बेहतर हो सकेगी।

    पांच क्षेत्रों के विद्यालय परियोजना में शामिल

    परियोजना के तहत जिले के पांच क्षेत्रों से 25 सरकारी विद्यालय चुने गए हैं। इनमें चंबा और चुराह के छह-छह, भरमौर के पांच तथा डलहौजी और भटियात के चार-चार विद्यालय शामिल हैं।

    चंबा क्षेत्र के चयनित विद्यालयों में GSSS करियां, GSSS चनेड़, GSSS सिल्लाघ्राट, GSSS खज्जियार, GSSS कोहलारी और GSSS कोलका शामिल हैं। चुराह क्षेत्र में GSSS बैरागढ़, GSSS बोंदेरी, GSSS चांजू, GSSS जस्सौरगढ़, GSSS थल्ली और GSSS राजनगर को चुना गया है।

    भरमौर क्षेत्र में GSSS मेहला, GSSS गुवां, GSSS होली, GSSS सुनारा और GSSS लयल्ह शामिल हैं। डलहौजी क्षेत्र के चयनित विद्यालय GSSS ग्रांगर, GSSS मंज़ीर, GSSS सुंडला और GSSS हिमगिरी हैं। भटियात क्षेत्र में GSSS तुंडी, GSSS होबार, GSSS सामोटे और GSSS रायपुर को परियोजना में शामिल किया गया है।

    प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री का जताया आभार

    हर्ष महाजन ने परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चंबा के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है तथा प्रयास है कि दूरदराज क्षेत्र में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी डिजिटल शिक्षा और तकनीक के मामले में पीछे न रहें।

    महाजन के अनुसार, स्मार्ट कंप्यूटर लैब स्थापित होने से हजारों विद्यार्थियों को अपने विद्यालय में डिजिटल शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को बदलती तकनीक और भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप तैयारी करने का अवसर मिलेगा।

  • राजकीय महाविद्यालय कण्डाघाट में यूथ रेड क्रॉस सहायता कक्ष का लोकार्पण

    राजकीय महाविद्यालय कण्डाघाट में यूथ रेड क्रॉस सहायता कक्ष का लोकार्पण

    सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने राजकीय महाविद्यालय कण्डाघाट में यूथ रेड क्रॉस यूनिट सहायता कक्ष का लोकार्पण किया। जिला सोलन रेड क्रॉस सोसायटी के सौजन्य से शुरू किए गए इस सहायता कक्ष का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध करवाना है।

    युवाओं में सेवा और नेतृत्व की भावना विकसित करने पर जोर

    मनमोहन शर्मा ने कहा कि यूनिट के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को सहायता मिलने के साथ युवाओं को आपदा एवं अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में मानवीय मूल्यों, सेवा के प्रति संवेदनशीलता और नेतृत्व की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिले की इस पहली यूनिट से रेड क्रॉस की सेवाओं का विस्तार होगा। रेड क्रॉस प्रदेश, जिला और उपमंडल स्तर पर भी सेवाएं प्रदान कर रही है।

    उपायुक्त ने लोगों से इस सुविधा की जानकारी जरूरतमंदों तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं से अधिक संख्या में रेड क्रॉस सोसायटी से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों में भागीदारी से समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।

    रक्तदान शिविर भी आयोजित

    कार्यक्रम के दौरान रेड क्रॉस सोसायटी के माध्यम से रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया। जिला रेड क्रॉस सोसायटी सोलन के उप संरक्षक लेखराज कौशिक ने बताया कि जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों में 143 जूनियर रेड क्रॉस तथा यूथ रेड क्रॉस यूनिट बनाई गई हैं। इन यूनिटों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जोड़ा गया है।

    इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी कण्डाघाट गोपाल चंद शर्मा, राजकीय महाविद्यालय कण्डाघाट के प्रधानाचार्य डॉ. मदन लाल मनकोटिया, स्वास्थ्य विभाग के डॉ. पीयूष शर्मा और रेड क्रॉस यूनिट कण्डाघाट की प्रभारी राज लक्ष्मी नेगी सहित रेड क्रॉस के सदस्य, कर्मचारी तथा छात्र उपस्थित रहे।

  • राघव चड्ढा ने AAP को बताया ‘एक्स गर्लफ्रेंड’, पंजाब में ड्रग्स को लेकर भी साधा निशाना

    राघव चड्ढा ने AAP को बताया ‘एक्स गर्लफ्रेंड’, पंजाब में ड्रग्स को लेकर भी साधा निशाना

    राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने SIR, पंजाब में ड्रग्स की स्थिति और संगरूर आत्महत्या मामले को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने AAP की तुलना ‘एक्स गर्लफ्रेंड’ से करते हुए कहा कि पार्टी लगातार उनका नाम ले रही है, जबकि वह आगे बढ़ चुके हैं।

    AAP पर राघव चड्ढा का तंज

    चड्ढा ने कहा, ‘AAP मेरे बारे में ही सपना देख रही है और मेरा नाम ले रही है। AAP एक्स गर्लफ्रेंड की तरह बर्ताव कर रही है और बॉयफ्रेंड आगे बढ़ चुका है। मुझे लगता है कि वे मेरे चक्कर में अपनी नस ही न काट लें।’

    पंजाब में ड्रग्स की स्थिति पर उठाए सवाल

    संगरूर आत्महत्या मामले का उल्लेख करते हुए चड्ढा ने पंजाब में नशे की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा लेने वालों की लाइन राशन की लाइन जैसी दिखाई देती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब के शहरों और गांवों में चिट्टा बिक रहा है और इसकी होम डिलीवरी तक हो रही है। चड्ढा ने नशा कम होने के पंजाब सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ड्रग्स की समस्या रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए।

    संगरूर मामले को लेकर सरकार को घेरा

    चड्ढा ने गुलजार सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने बेटे के नशे की वजह से परेशान थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार से सवाल करना अपराध है। चड्ढा ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह को कथित तौर पर अपमानित किया गया, जिसके बाद उन्होंने सल्फास खा लिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी नेता जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तो कार्यकर्ताओं और प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।

    18 से 30 सितंबर तक यात्रा का ऐलान

    राघव चड्ढा ने बताया कि बीजेपी 18 से 30 सितंबर तक ‘नशा मुक्तसर यात्रा’ निकालेगी। उनके अनुसार, यात्रा का समापन पंजाब को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर नशे के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और पंजाब को ड्रग्स की समस्या से बाहर निकालने की कोशिश की जाएगी।

    AAP ने आरोपों पर किया पलटवार

    AAP नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा और बीजेपी पर पंजाब को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि चड्ढा ने 26 अगस्त को दिल्ली में वोट बनवाने के लिए फॉर्म 6 जमा किया था और 2 सितंबर को उनका वोट स्वीकृत होकर जुड़ गया। ढांडा ने सवाल किया कि इसके बाद 3 सितंबर को पंजाब सरकार पर वोट कटवाने का आरोप क्यों लगाया गया।

    https://twitter.com/AamAadmiParty/status/2097968528498598176