Author: evenpixels

  • भ्रामक खबरों पर सुधीर शर्मा का ऐतराज, अखबारों और पोर्टलों को भेजे कानूनी नोटिस

    भ्रामक खबरों पर सुधीर शर्मा का ऐतराज, अखबारों और पोर्टलों को भेजे कानूनी नोटिस

    धर्मशाला के विधायक एवं भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने जमीन की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में प्रकाशित खबरों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति को उनका करीबी, कुक या ड्राइवर बताकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अखबारों और सोशल मीडिया पोर्टलों को कानूनी नोटिस भेजने की जानकारी दी है।

    सुधीर शर्मा ने कहा कि इन खबरों के माध्यम से उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार राजनीतिक रंजिश के कारण उन्हें निशाना बना रही है। शर्मा के अनुसार, पहले भी उनके घर और बैंक खातों की पड़ताल की जा चुकी है तथा चुनाव के दौरान उन्होंने हलफनामे में अपनी संपत्ति और वित्तीय विवरण सार्वजनिक किए थे। उन्होंने कहा कि उनका परिवार पांच दशक से राजनीति में सक्रिय है और इससे पहले उन पर इस तरह के आरोप नहीं लगे।

    मानहानि का मामला दर्ज कराने की बात

    विधायक ने कहा कि भ्रामक खबरों से उनकी मानहानि हुई है और इसी कारण संबंधित समाचार पत्रों एवं पोर्टलों को कानूनी नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कथित भ्रामक प्रेस नोट भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई है। शर्मा ने कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करवाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया

    सुधीर शर्मा ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ने और तथ्यों को प्रदेश की जनता के सामने रखने की बात कही। शर्मा ने दावा किया कि संबंधित मामले में विजिलेंस अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है।

    प्रदेश के भाजपा नेताओं ने भी सुधीर शर्मा के खिलाफ कथित भ्रामक प्रचार की निंदा की है। पार्टी ने कहा कि यदि विधायक को राजनीतिक रंजिश के कारण निशाना बनाया गया तो जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

  • भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ठाकुर द्वारा मंदिर भदसाली अप्पर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं विशाल संत सम्मेलन में भाग लिया। यह धार्मिक आयोजन 29 अगस्त से 5 सितंबर तक चला।

    मंदिर और सामुदायिक भवन के लिए धनराशि की घोषणा

    मुकेश अग्निहोत्री ने ठाकुर द्वारा मंदिर भदसाली अप्पर के विकास के लिए प्रथम चरण में 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण पर कुल 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने भदसाली अप्पर में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये और पंचायत में सड़क निर्माण के लिए 15 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।

    उप मुख्यमंत्री ने गूगा जाहर पीर मंदिर भदसाली अप्पर और तपस्थान संत देविआ सिख गुरुद्वारा के लिए 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा की। गूगा नवमी के अवसर पर उन्होंने गूगा जाहर पीर मंदिर में माथा टेका और तपस्थान संत देविआ सिख गुरुद्वारा में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।

    धार्मिक स्थलों को बताया सांस्कृतिक विरासत का केंद्र

    मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    ठाकुर द्वारा मंदिर भदसाली अप्पर पहुंचने पर मंदिर कमेटी के प्रधान मोहन सिंह जसवाल ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भदसाली अप्पर के प्रधान अश्वनी जसवाल, लोअर भदसाली के प्रधान सूरम सिंह, गुरुद्वारा सिंह सभा भदसाली के प्रधान यशपाल सिंह साका, जसपाल जस्सा, मंजीत कौर साका, जोगिंदर सिंह पाठी, सुरजीत सिंह, गुरदीप सिंह और दर्शन सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविदों से हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। वह लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना के सभागार में आयोजित संस्थान के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    उन्होंने कहा कि एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें दुनिया को तेजी से बदल रही हैं। युवा प्रौद्योगिकीविदों को अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग ऐसे समाधान तैयार करने में करना चाहिए, जिनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे।

    राज्यपाल ने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन होने के साथ नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री उनकी मंजिल नहीं, बल्कि आगे की यात्रा की नींव है।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखते रहने और ज्ञान का उपयोग समाज तथा देश के हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी, जिम्मेदार नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता को भी महत्वपूर्ण बताया।

    युवाओं से रोजगार सृजक बनने का आह्वान

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है, जो नए विचारों, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने, संविधान के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से देश के लिए और बेहतर करने की भावना के साथ आगे बढ़ने को कहा।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला व तकनीक के माध्यम से समाज तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने हिमाचल की प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने और इसे दूरदराज क्षेत्रों सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    समारोह के दौरान स्नातकों ने सत्यनिष्ठा, देश, पेशे एवं संस्थान की गरिमा, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और समाज की सेवा में अपने ज्ञान का उपयोग करने की शपथ ली।

    206 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया।

    शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं से तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं से तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान

    राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविदों से हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। वह गुरुवार को लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना के सभागार में आयोजित संस्थान के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें तेजी से दुनिया को बदल रही हैं और इनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचना चाहिए।

    उन्होंने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन और नई जिम्मेदारियों से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से बदलती तकनीक के साथ लगातार सीखने और विकसित भारत-2047 के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। राज्यपाल ने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी, जिम्मेदार नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रीय एकता और अखंडता को भी महत्वपूर्ण बताया।

    सांसदों ने युवाओं को दिया नवाचार और उद्यमिता का संदेश

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है और यह नए विचारों, नवाचार, तकनीक तथा उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने, संविधान के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से देश के लिए बेहतर कार्य करने की भावना के साथ आगे बढ़ने को कहा।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला तथा तकनीक के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल की प्राकृतिक चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने और इसे दूरदराज क्षेत्रों सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया। समारोह के दौरान स्नातकों ने सत्यनिष्ठा, देश, पेशे और संस्थान की गरिमा बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता तथा समाज सेवा में अपने ज्ञान के उपयोग की शपथ ली।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं से तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान

    206 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए। संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र की उपलब्धियां बताईं।

    बी.टेक. में 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट

    बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया। शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थियों को पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने युवाओं से बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविद आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप समाधान तैयार कर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। राज्यपाल ऊना के लता मंगेशकर कला केंद्र में आयोजित आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा की सार्थकता ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ने में है। एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें तेजी से दुनिया को बदल रही हैं। ऐसे में युवा प्रौद्योगिकीविदों को अपनी दक्षता का उपयोग उन समाधानों के विकास में करना चाहिए, जिनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    उन्होंने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन होने के साथ नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री मंजिल नहीं, बल्कि उनकी यात्रा की नींव है। संस्थान से निकलने वाले युवा माता-पिता का विश्वास, शिक्षकों की अपेक्षाएं और राष्ट्र की आशाएं अपने साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

    राज्यपाल ने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज तथा देश के हित में करने को कहा। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को भी महत्वपूर्ण बताया। विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता और समाज के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    युवाओं से रोजगार सृजक बनने का आह्वान

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज का युवा भारत का भविष्य ही नहीं, बल्कि भारत का भाग्य भी है। शिक्षा नए विचारों, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने और विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने को कहा। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को देश के लिए और बेहतर करने की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने कहा कि देश का युवा 21वीं सदी के भारत का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला एवं तकनीक के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने हिमाचल में बर्फबारी, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने तथा इसे दूरदराज क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

    दीक्षांत समारोह में स्नातकों ने शपथ लेकर सत्यनिष्ठा, देश, पेशे और संस्थान की गरिमा बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और समाज की सेवा में अपने ज्ञान का उपयोग करने का संकल्प भी लिया।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    206 विद्यार्थियों को प्रदान की गईं उपाधियां

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए। संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी।

    बी.टेक. बैच की प्लेसमेंट दर 95.86 प्रतिशत

    बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम पैकेज और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने हिस्सा लिया। शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थियों को पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह: राज्यपाल ने युवाओं से हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजने का किया आह्वान

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह: राज्यपाल ने युवाओं से हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजने का किया आह्वान

    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविदों से बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। वह लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना में आयोजित संस्थान के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। तकनीकी शिक्षा की सार्थकता ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ने में है। उन्होंने एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

    उन्होंने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री मंजिल नहीं, बल्कि आगे की यात्रा की नींव है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से विकसित भारत-2047 के निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ लगातार सीखने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के हित में करने को कहा। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी, जिम्मेदार नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता को भी महत्वपूर्ण बताया।

    युवाओं से रोजगार सृजक बनने का आह्वान

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है और यह नए विचारों, नवाचार, तकनीक तथा उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने, संविधान के मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं को देश के लिए और बेहतर करने का संदेश दिया।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला व तकनीक के माध्यम से समाज तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देने को कहा। उन्होंने हिमाचल की प्राकृतिक चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने और उसे दूरदराज क्षेत्रों एवं समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया। समारोह में स्नातकों ने सत्यनिष्ठा, देश, पेशे एवं संस्थान की गरिमा, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और समाज सेवा में अपने ज्ञान के उपयोग की शपथ ली।

    206 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए।

    संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी दी। बी.टेक. स्नातक बैच की प्लेसमेंट दर 95.86 प्रतिशत रही। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। उच्चतम पैकेज 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष और औसत पैकेज 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया।

    शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत दर्ज की गई।

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • धर्मशाला कॉलेज के शताब्दी वर्ष पर रेडक्रॉस-ओएसए लकी ड्रॉ शुरू, मिलेंगे 100 पुरस्कार

    धर्मशाला कॉलेज के शताब्दी वर्ष पर रेडक्रॉस-ओएसए लकी ड्रॉ शुरू, मिलेंगे 100 पुरस्कार

    धर्मशाला में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह के तहत ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने जिला रेडक्रॉस सोसाइटी कांगड़ा के सहयोग से रेडक्रॉस-ओएसए लकी ड्रॉ की शुरुआत की। इस पहल का शुभारंभ उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा की उपस्थिति में किया गया। लकी ड्रॉ में 100 पुरस्कार दिए जाएंगे।

    धर्मशाला कॉलेज के शताब्दी वर्ष पर रेडक्रॉस-ओएसए लकी ड्रॉ शुरू, मिलेंगे 100 पुरस्कार

    उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि महाविद्यालय के शताब्दी समारोह के तहत ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से की जा रही गतिविधियां सराहनीय हैं। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी लकी ड्रॉ की गतिविधि को व्यवस्थित रूप से संचालित करेगी। इससे रेडक्रॉस को मिलने वाली राशि का उपयोग गरीब, जरूरतमंद और बीमार लोगों की सहायता के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 100 पुरस्कारों की यह पहल महाविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने के उत्सव को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास है।

    ‘100 साल 100 पहल’ थीम के तहत आयोजन

    ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव गांधी ने बताया कि महाविद्यालय के शताब्दी वर्ष में एसोसिएशन ‘100 साल 100 पहल’ थीम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के साथ लकी ड्रॉ आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से 100 आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनकी कीमत लाखों रुपये में होगी।

    धर्मशाला कॉलेज के शताब्दी वर्ष पर रेडक्रॉस-ओएसए लकी ड्रॉ शुरू, मिलेंगे 100 पुरस्कार

    संजीव गांधी ने कहा कि एसोसिएशन हर वर्ष लेगेसी अवॉर्ड के माध्यम से उत्कृष्ट विद्यार्थियों को लाखों रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान करती है। इस वर्ष सामाजिक जिम्मेदारी का विस्तार करते हुए रेडक्रॉस के साथ जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए संयुक्त पहल की गई है। सेंटेनरी वर्ष के दौरान 100 स्माइल्स, 100 ड्रॉज, 100 चांस, 100 स्टार्स, 100 ड्रीम्स, 100 चीयर, 100 मोमेंट्स, 100 मेमोरीज, 100 रीजन्स और 100 रिवार्ड्स सहित कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

    कार्यक्रम में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव ओपी शर्मा, ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन के महासचिव अश्वनी कौल, संयुक्त सचिव परविदर सिंह, मीडिया प्रभारी दिनेश शर्मा, प्रेस सचिव पवन शर्मा तथा सदस्य आरके महाजन, एनडी शर्मा और द्वारका प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

  • धर्मशाला कॉलेज के शताब्दी वर्ष पर रेडक्रॉस-ओएसए लकी ड्रॉ शुरू, मिलेंगे 100 पुरस्कार

    धर्मशाला कॉलेज के शताब्दी वर्ष पर रेडक्रॉस-ओएसए लकी ड्रॉ शुरू, मिलेंगे 100 पुरस्कार

    धर्मशाला, 3 सितंबर: राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह के तहत ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (ओएसए) ने जिला रेडक्रॉस सोसाइटी कांगड़ा के सहयोग से ‘रेडक्रॉस-ओएसए लकी ड्रॉ’ की शुरुआत की। इस पहल का शुभारंभ उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा की उपस्थिति में किया गया। लकी ड्रॉ में 100 पुरस्कार दिए जाएंगे।

    उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि महाविद्यालय के शताब्दी समारोह के तहत ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित की जा रही गतिविधियां सराहनीय हैं। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सहयोग से लकी ड्रॉ का व्यवस्थित संचालन किया जाएगा। इससे रेडक्रॉस को मिलने वाली राशि का उपयोग गरीब, जरूरतमंद और बीमार लोगों की सहायता के लिए किया जा सकेगा।

    उन्होंने कहा कि 100 पुरस्कारों की यह पहल महाविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने के उत्सव को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का बेहतर प्रयास है। उन्होंने इस पहल के लिए ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन को शुभकामनाएं भी दीं।

    ‘100 साल 100 पहल’ थीम पर गतिविधियां

    ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव गांधी ने बताया कि महाविद्यालय के शताब्दी वर्ष में एसोसिएशन ‘100 साल 100 पहल’ की थीम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर रही है। इसी क्रम में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के साथ लकी ड्रॉ आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से 100 आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनकी कीमत लाखों में होगी।

    संजीव गांधी ने कहा कि एसोसिएशन हर वर्ष लेगेसी अवॉर्ड के माध्यम से उत्कृष्ट विद्यार्थियों को लाखों रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान करती है। इस वर्ष सामाजिक जिम्मेदारी का विस्तार करते हुए रेडक्रॉस के साथ संयुक्त रूप से जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए यह पहल की गई है।

    उन्होंने बताया कि सेंटेनरी वर्ष के दौरान एसोसिएशन की ओर से 100 स्माइल्स, 100 ड्रॉज, 100 चांस, 100 स्टार्स, 100 ड्रीम्स, 100 चीयर, 100 मोमेंट्स, 100 मेमोरीज, 100 रीजन्स और 100 रिवार्ड्स सहित कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

    इस अवसर पर जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव ओपी शर्मा, ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन के महासचिव अश्वनी कौल, संयुक्त सचिव परविदर सिंह, मीडिया प्रभारी दिनेश शर्मा, प्रेस सचिव पवन शर्मा तथा सदस्य आरके महाजन, एनडी शर्मा और द्वारका प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

  • जियोर्जिया मेलोनी बनीं इटली की सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री, पीएम मोदी ने दी बधाई

    जियोर्जिया मेलोनी बनीं इटली की सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री, पीएम मोदी ने दी बधाई

    नई दिल्ली: जियोर्जिया मेलोनी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के इटली के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री बन गई हैं। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह इटली की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे और विश्वास को दर्शाती है।

    भारत-इटली साझेदारी का किया उल्लेख

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मेलोनी की मित्रता की अहम भूमिका रही है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्ध भविष्य बनाने के उद्देश्य से करीबी सहयोग जारी रखने की उम्मीद जताई और आने वाले वर्षों के लिए मेलोनी को सफलता की शुभकामनाएं दीं।

    1,413 दिनों तक पद पर रहने का रिकॉर्ड

    49 वर्षीय मेलोनी 22 अक्टूबर 2022 से इटली की प्रधानमंत्री हैं। गुरुवार को पद पर उनके 1,413 दिन पूरे हुए, जिसके साथ वह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देश में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाली नेता बन गईं। मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री भी हैं।

    https://twitter.com/narendramodi/status/2095767631781601386
  • जेसन गिलेस्पी ने आकिब जावेद पर साधा निशाना, कहा- खुद को आईने में देखें

    जेसन गिलेस्पी ने आकिब जावेद पर साधा निशाना, कहा- खुद को आईने में देखें

    इंग्लैंड दौरे के बीच लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने स्क्वाड में शामिल सात खिलाड़ियों को वापस देश बुलाने का फैसला किया। इसके अलावा हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पद से हटा दिया गया। इन फैसलों पर पाकिस्तान टीम के पूर्व हेड कोच जेसन गिलेस्पी ने चेयरमैन ऑफ सिलेक्टर आकिब जावेद की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें खुद को आईने में देखना चाहिए।

    खिलाड़ियों की स्थिति पर जताई चिंता

    साल 2024 में आठ महीने तक पाकिस्तान टीम के हेड कोच रहे गिलेस्पी ने द ऑस्ट्रेलियन न्यूज पेपर को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें खिलाड़ियों के लिए बुरा लगता है, क्योंकि यह उनकी रोजी-रोटी है। उनके मुताबिक, बाहर से देखने पर ऐसा लगता है कि खिलाड़ी डर के साथ खेल रहे हैं। गिलेस्पी के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान ने घरेलू टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड को 2-1 से हराया था।

    गिलेस्पी ने सलमान अली आगा का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में टीम की कप्तानी की, लेकिन दूसरे टेस्ट के लिए उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और तीसरे टेस्ट से पहले वह स्वदेश लौटने वाले विमान में बैठ गए। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा कैसे हो सकता है और इसके लिए आकिब जावेद को जिम्मेदार ठहराया।

    चयन रणनीति पर उठाए सवाल

    गिलेस्पी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों से चयन को लेकर स्पष्ट रणनीति का अभाव दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आकिब जावेद लगातार अपना फैसला बदलते हैं। आकिब जावेद ने पाकिस्तान टीम की स्थिति के लिए गिलेस्पी और पूर्व लिमिटेड ओवर्स कोच गैरी कर्स्टन को जिम्मेदार ठहराया था।

    इस पर गिलेस्पी ने कहा कि आकिब पिछले दो वर्षों से चेयरमैन ऑफ सिलेक्टर हैं, जबकि वह और कर्स्टन वहां मौजूद भी नहीं थे। उन्होंने कहा कि जावेद को खुद को आईने में देखने की जरूरत है। गिलेस्पी ने यह भी दावा किया कि हटाए गए खिलाड़ियों को अपने परिवार, दोस्तों और मीडिया के माध्यम से फैसले की जानकारी मिली, जो उनके लिए अपमानजनक स्थिति रही होगी।