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  • जालौन में मंगलसूत्र छीनने का आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

    जालौन में मंगलसूत्र छीनने का आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

    उत्तर प्रदेश के जालौन में रक्षाबंधन के दौरान बीच बाजार एक महिला का मंगलसूत्र छीनकर फरार हुए आरोपी को पुलिस ने एक सितंबर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल उरई भेजा गया।

    फैक्ट्री चौकी क्षेत्र के पास हुई मुठभेड़

    अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने फैक्ट्री चौकी क्षेत्र के पास घेराबंदी की थी। पुलिस को देखकर आरोपी ने फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। दोनों तरफ से दो राउंड फायर होने की जानकारी सामने आई है। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

    तमंचा और मोटरसाइकिल बरामद

    पुलिस के मुताबिक, रक्षाबंधन के दौरान आरोपी महिला का मंगलसूत्र छीनने के बाद भीड़ की आड़ लेकर मौके से फरार हो गया था। इस मामले में कोतवाली उरई में मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक तमंचा और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास और बरामदगी के संबंध में आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • पीएम मोदी पर अमरजीत कौर के बयान को लेकर विवाद, भाजपा ने मांगी माफी

    पीएम मोदी पर अमरजीत कौर के बयान को लेकर विवाद, भाजपा ने मांगी माफी

    नई दिल्ली में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर के बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की है, जबकि अमरजीत कौर ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है।

    भाजपा ने बयान पर किया पलटवार

    रैली को संबोधित करते हुए अमरजीत कौर ने कम्युनिस्टों के बारे में प्रधानमंत्री मोदी की एक कथित टिप्पणी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता ने कम्युनिस्टों और उनके लाल झंडों को खतरनाक बताया था। इसके बाद प्रधानमंत्री को लेकर दिए गए उनके बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

    भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अमरजीत कौर पर नक्सली सोच रखने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सीपीआई की राष्ट्रीय सचिव का बयान उनकी सोच को दिखाता है। भाजपा ने इस मामले में अमरजीत कौर से माफी मांगने की मांग की है।

    अमरजीत कौर ने माफी से किया इनकार

    अमरजीत कौर ने कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और माफी नहीं मांगेंगी। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रधानमंत्री कम्युनिस्टों को खत्म करने की बात कह सकते हैं तो वह अपनी बात क्यों नहीं कह सकतीं। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

    https://twitter.com/pradip103/status/2094761402779177051

    लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन

    प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में कहा था कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है तथा देशभर में परिवारों के सपनों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने हथियारबंद नक्सलवाद के साथ ही ‘दिमागी नक्सल’ को भी बड़ी चुनौती बताते हुए देश को इससे बचाने की बात कही थी।

  • कांगड़ा में 12 सितंबर को लगेंगी राष्ट्रीय लोक अदालतें, आपसी समझौते से निपटेंगे मामले

    कांगड़ा में 12 सितंबर को लगेंगी राष्ट्रीय लोक अदालतें, आपसी समझौते से निपटेंगे मामले

    धर्मशाला में जिला और उपमंडल न्यायालयों में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इन लोक अदालतों में आपसी समझौते के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाएगा। यह जानकारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आर. मिहुल शर्मा ने दी।

    इन मामलों पर होगी सुनवाई

    आर. मिहुल शर्मा ने बताया कि लोक अदालतों में बैंक से संबंधित मामलों, श्रम विवादों, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, चेक बाउंसिंग, पूर्व मुकदमेबाजी और लंबित मामलों पर सुनवाई होगी। मुकदमा शुरू होने से पहले संबंधित व्यक्ति या विभाग से समझौता करने के इच्छुक लोग संबंधित न्यायालय में आवेदन कर सकते हैं।

    जानकारी के लिए संपर्क नंबर

    लोक अदालतों से संबंधित अधिक जानकारी के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 01892-222370 पर संपर्क किया जा सकता है। उपमंडलीय विधिक सेवा समिति धर्मशाला के लिए 01892-222018, कांगड़ा के लिए 01892-264808, देहरा के लिए 01970-233599, पालमपुर के लिए 01894-231614, नूरपुर के लिए 01893-220770, बैजनाथ के लिए 01894-262477, ज्वाली के लिए 01893-264307 और इंदौरा के लिए 01893-241210 नंबर उपलब्ध हैं।

    ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

    आर. मिहुल शर्मा के अनुसार, अपनी समस्या ऑनलाइन भेजने के इच्छुक व्यक्ति राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल करके भी सहायता ली जा सकती है। उन्होंने लोगों से 12 सितंबर को लोक अदालत के माध्यम से अपने मामले सुलझाकर समय और धन की बचत करने का आग्रह किया है।

  • चम्बा में प्रायोजन योजना के 22 नए मामले मंजूर, 92 बच्चों को मिल रहा लाभ

    चम्बा में प्रायोजन योजना के 22 नए मामले मंजूर, 92 बच्चों को मिल रहा लाभ

    चम्बा में उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में 2 सितंबर को मिशन वात्सल्य के तहत प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पात्र बच्चों को आर्थिक एवं सामाजिक सहायता देने, प्रायोजन योजना का लाभ पहुंचाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। समिति ने पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा के बाद 22 नए बच्चों को प्रायोजन योजना का लाभ देने के मामलों को मंजूरी दी।

    उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, कल्याण और समुचित विकास के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र बच्चों की पहचान प्रक्रिया मजबूत करने, सभी मामलों की नियमित समीक्षा करने और सहायता की निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    प्रायोजन कार्यक्रम से 92 बच्चे लाभान्वित

    जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रायोजन कार्यक्रम के अंतर्गत 92 बच्चों को लाभ दिया जा रहा है। योजना का लाभ ले रहे 26 बच्चों के संबंध में बाल कल्याण समिति द्वारा लाभ समाप्त किए जाने के मामलों की जानकारी भी समिति के समक्ष रखी गई।

    उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से बाहर किए गए बच्चों में से पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ‘सुख आश्रय’ अथवा ‘सुख शिक्षा’ योजना के तहत लाभान्वित करने की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और बाल हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।

    69 बच्चों को आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर चर्चा

    बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 69 बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने पात्र बच्चों को नियमानुसार और समयबद्ध रूप से आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बजट की उपलब्धता के लिए महिला एवं बाल विकास निदेशालय के साथ पत्राचार करने को भी कहा।

    बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश राम, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष युगल किशोर मरवाह, बाल संरक्षण अधिकारी रिंकू शर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • चंबा में बाढ़ प्रभावित परिवारों की वित्तीय संवेदनशीलता पर परामर्श कार्यशाला

    चंबा में बाढ़ प्रभावित परिवारों की वित्तीय संवेदनशीलता पर परामर्श कार्यशाला

    चंबा में 2 सितंबर को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण उत्पन्न वित्तीय संवेदनशीलता को कम करने के विषय पर विशेष परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में हुई कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने की।

    कार्यशाला में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रेलिया और क्रेया यूनिवर्सिटी चेन्नई के विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति, आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव, आपदा के बाद दीर्घकालिक पुनर्बहाली और भविष्य की आपदाओं से निपटने की क्षमता मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

    पूर्व तैयारी और जोखिम की पहचान पर जोर

    उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने विशेषज्ञों को जिले की भौगोलिक परिस्थितियों की जानकारी देते हुए कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान कम करने के लिए पूर्व तैयारी और जोखिम की पहचान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययन और स्थानीय जानकारी के समुचित उपयोग से प्रभावित परिवारों की वित्तीय एवं सामाजिक संवेदनशीलता कम करने और उनकी पुनर्बहाली क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

    परियोजना का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को केवल राहत और पुनर्बहाली तक सीमित न रखते हुए पूर्व तैयारी, वित्तीय सुरक्षा, आजीविका की निरंतरता और दीर्घकालिक आपदा-लचीलापन मजबूत करना है। अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने विशेषज्ञों के साथ जिले में बाढ़ से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सहायक अभियंता जल शक्ति गौरव कुमार ने चंबा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उठाए जा रहे विभागीय कदमों की जानकारी दी।

    कार्यशाला में डॉ. सागर, डॉ. सवीना, प्रो. दीपा सरकार, येसमीन, वरिष्ठ शोधकर्ता देवोपरना पोंडर और ऋतुराज महंता सहित विभिन्न विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

  • कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच स्कूलों के उन्नयन को मंजूरी

    कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच स्कूलों के उन्नयन को मंजूरी

    धर्मशाला में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिले में छह नए स्कूल भवनों का निर्माण प्रगति पर है, जबकि पांच मौजूदा स्कूलों को मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में उन्नत करने की स्वीकृति मिली है।

    उपायुक्त कार्यालय के एनआईसी कक्ष में लोक निर्माण और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में हेमराज बैरवा ने कहा कि स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ पेयजल, विद्युत, शौचालय और फायर फाइटिंग सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

    छह स्थानों पर नए स्कूल भवन निर्माणाधीन

    उपायुक्त ने जवाली विधानसभा क्षेत्र के थांगर, ज्वालामुखी के लाहड़ू, पालमपुर के कमलेहड़, नगरोटा बगवां के रन्हूं, फतेहपुर के मंझार और जयसिंहपुर के सोलवनेहर में निर्माणाधीन छह राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के भवनों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इन कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    बैठक में पांच मौजूदा स्कूलों के उन्नयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें जसवां-प्रागपुर का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला बेहड़ तथा शाहपुर के रैत, इंदौरा, देहरा और धर्मशाला के स्कूल शामिल हैं।

    समयबद्ध कार्य और विभागीय समन्वय पर जोर

    हेमराज बैरवा ने कहा कि मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण और उन्नयन कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।

    बैठक में उपनिदेशक उच्च शिक्षा अजय संबयाल ने योजना के तहत जिले में निर्माणाधीन और उन्नयन किए जा रहे स्कूलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधीशासी अभियंता केसी राणा, विनय मेहरा, बीएस ठाकुर, विवेक शर्मा, राजीव कुमार, मनोहर लाल शर्मा, विजय कुमार वर्मा, विनीत कुमार, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य राम किशन, राजीव सेठी, पवन राणा, श्याम, शमशेर सिंह, नरेश कुमार, गिरीश शांडिल्य और नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा सुधीर भाटिया उपस्थित रहे।

  • चम्बा में प्रायोजन योजना के तहत 22 नए बच्चों के मामले मंजूर

    चम्बा में प्रायोजन योजना के तहत 22 नए बच्चों के मामले मंजूर

    चम्बा में उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में 2 सितंबर को मिशन वात्सल्य के तहत प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति की बैठक हुई। समिति ने पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा के बाद 22 नए बच्चों को प्रायोजन योजना का लाभ देने संबंधी मामलों को मंजूरी दी।

    बैठक में बच्चों को दी जा रही आर्थिक एवं सामाजिक सहायता, प्रायोजन योजना के तहत पात्र बच्चों को लाभान्वित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, कल्याण और समुचित विकास के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

    वर्तमान में 92 बच्चों को मिल रहा लाभ

    जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रायोजन कार्यक्रम के तहत 92 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना का लाभ ले रहे 26 बच्चों के संबंध में बाल कल्याण समिति द्वारा लाभ समाप्त किए जाने के मामलों से भी समिति को अवगत कराया गया।

    उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से बाहर किए गए बच्चों में से पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ‘सुख आश्रय’ अथवा ‘सुख शिक्षा’ योजना से लाभान्वित करने की संभावनाओं पर जरूरी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पात्र बच्चों की पहचान प्रक्रिया को मजबूत करने, सभी मामलों की नियमित समीक्षा करने और सहायता की निरंतरता सुनिश्चित करने को भी कहा।

    69 बच्चों को आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर चर्चा

    बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 69 बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपायुक्त ने पात्र बच्चों को नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बजट की उपलब्धता के लिए महिला एवं बाल विकास निदेशालय के साथ पत्राचार करने को भी कहा गया।

    उपायुक्त ने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और बाल हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश राम, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष युगल किशोर मरवाह, बाल संरक्षण अधिकारी रिंकू शर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • चंबा में बाढ़ से जुड़ी वित्तीय संवेदनशीलता पर परामर्श कार्यशाला आयोजित

    चंबा में बाढ़ से जुड़ी वित्तीय संवेदनशीलता पर परामर्श कार्यशाला आयोजित

    चंबा में 2 सितंबर को उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण पैदा होने वाली वित्तीय संवेदनशीलता को कम करने के विषय पर विशेष परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में हुई कार्यशाला में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रेलिया और क्रेया यूनिवर्सिटी चेन्नई के विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

    बाढ़ प्रभावित परिवारों की आजीविका पर चर्चा

    कार्यशाला में बाढ़ प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति, उनकी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव, आपदा के बाद दीर्घकालिक पुनर्बहाली और भविष्य की आपदाओं से निपटने की क्षमता मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। परियोजना का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को राहत और पुनर्बहाली तक सीमित न रखकर पूर्व तैयारी, वित्तीय सुरक्षा, आजीविका की निरंतरता और दीर्घकालिक आपदा-लचीलापन मजबूत करना है।

    उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने विशेषज्ञों को जिले की भौगोलिक परिस्थितियों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पूर्व तैयारी और जोखिम की पहचान आवश्यक है। वैज्ञानिक अध्ययन और स्थानीय जानकारी के समुचित उपयोग से प्रभावित परिवारों की वित्तीय एवं सामाजिक संवेदनशीलता कम करने और उनकी पुनर्बहाली क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

    जिले से जुड़ी जानकारी साझा की

    अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने विशेषज्ञों के साथ जिले में बाढ़ से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सहायक अभियंता जल शक्ति गौरव कुमार ने चंबा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उठाए जा रहे विभागीय कदमों की जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ. सागर, डॉ. सवीना, प्रो. दीपा सरकार, येसमीन, वरिष्ठ शोधकर्ता देवोपरना पोंडर और ऋतुराज महंता सहित विभिन्न विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

  • कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच के उन्नयन को मंजूरी

    कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच के उन्नयन को मंजूरी

    धर्मशाला में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण और उन्नयन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा निर्माण की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    बैठक में बताया गया कि कांगड़ा जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में नए मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के भवनों का निर्माण प्रगति पर है। इसके साथ ही जिले के पांच मौजूदा स्कूलों को मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में उन्नत करने की स्वीकृति दी गई है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा।

    छह स्थानों पर बन रहे नए स्कूल भवन

    उपायुक्त ने जवाली विधानसभा क्षेत्र के थांगर, ज्वालामुखी के लाहड़ू, पालमपुर के कमलेहड़, नगरोटा बगवां के रन्हूं, फतेहपुर के मंझार और जयसिंहपुर के सोलवनेहर में निर्माणाधीन छह नए राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के भवनों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इन निर्माण कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

    पांच मौजूदा स्कूलों का होगा उन्नयन

    बैठक में जसवां-प्रागपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला बेहड़ के साथ शाहपुर के रैत, इंदौरा, देहरा और धर्मशाला के स्कूलों के उन्नयन पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ पेयजल, विद्युत, शौचालय और फायर फाइटिंग सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

    हेमराज बैरवा ने कहा कि मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्माण और उन्नयन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

    उपनिदेशक उच्च शिक्षा अजय संबयाल ने योजना के तहत जिले में निर्माणाधीन और उन्नयन किए जा रहे स्कूलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य और नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा भी उपस्थित रहे।

  • चम्बा में प्रायोजन योजना के तहत 22 नए बच्चों के मामले अनुमोदित

    चम्बा में प्रायोजन योजना के तहत 22 नए बच्चों के मामले अनुमोदित

    चम्बा में उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में 2 सितंबर को मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें बच्चों को दी जा रही आर्थिक एवं सामाजिक सहायता, प्रायोजन योजना के तहत पात्र बच्चों को लाभ देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई।

    उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, कल्याण और समुचित विकास के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र बच्चों की पहचान प्रक्रिया मजबूत करने, सभी मामलों की नियमित समीक्षा करने और सहायता की निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और बाल हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पात्र बच्चों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध करवाने को कहा।

    प्रायोजन कार्यक्रम से 92 बच्चे लाभान्वित

    जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रायोजन कार्यक्रम के अंतर्गत 92 बच्चों को लाभ दिया जा रहा है। योजना से लाभान्वित 26 बच्चों का लाभ समाप्त किए जाने से संबंधित बाल कल्याण समिति के मामलों की जानकारी भी बैठक में रखी गई।

    उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से बाहर किए गए बच्चों में से पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ‘सुख आश्रय’ या ‘सुख शिक्षा’ योजना का लाभ देने की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

    22 नए मामलों को मिला अनुमोदन

    बैठक में 22 नए बच्चों को प्रायोजन योजना का लाभ देने से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। समिति ने पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सभी 22 नए मामलों को अनुमोदित कर दिया।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 69 बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने पात्र बच्चों को नियमानुसार और समयबद्ध रूप से सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बजट की उपलब्धता के लिए महिला एवं बाल विकास निदेशालय के साथ पत्राचार करने को भी कहा।

    बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश राम, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति युगल किशोर मरवाह, बाल संरक्षण अधिकारी रिंकू शर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।