DEV185 डायरेक्ट शेड्यूल टेस्ट।
Category: Blog
Your blog category
-

कांग्रेस विचार विभाग की शिमला में बैठक, संगठन मजबूत करने पर जोर
शिमला में 28 सितंबर को राजीव भवन में कांग्रेस विचार विभाग की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई। अखिल भारतीय कांग्रेस विचार विभाग के राष्ट्रीय चेयरपर्सन कैप्टन प्रवीण डावर ने पदाधिकारियों से प्रदेश में कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करने और उसके प्रचार-प्रसार के लिए अधिक से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को विभाग के साथ जोड़ने का आह्वान किया।
बैठक को संबोधित करते हुए डावर ने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी कर उसके नेताओं को बदनाम करने का षड्यंत्र रच रही है। उन्होंने कहा कि इसे सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए। उन्होंने देश की स्वतंत्रता में कांग्रेस के योगदान का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यकाल की विदेश नीति की प्रशंसा की। डावर ने मौजूदा केंद्र सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताते हुए उसकी आलोचना भी की।
विभाग के पुनर्गठन और विस्तार की तैयारी
प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के प्रदेशाध्यक्ष विजय पाल ने बताया कि विभाग का गठन प्रदेश, संसदीय क्षेत्र, जिला और ब्लॉक स्तर पर किया जा चुका है। सभी जिलों में जिला चेयरपर्सन और कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए सुझावों और दिशा-निर्देशों के आधार पर कार्यकारिणी में संभावित बदलाव एवं विस्तार कर जल्द पुनर्गठन किया जाएगा।
विजय पाल के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के मार्गदर्शन में विभाग को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस के साथ बुद्धिजीवी समाज के अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में जिला चेयरपर्सन, संसदीय कोऑर्डिनेटर और कार्यकारिणी डेलिगेट्स मौजूद रहे। इस दौरान कामगार बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, एसआईडीसी के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, विनीत गौतम, एचपीएमसी के निर्देशक जोगिंदर गुलेरिया, डॉक्टर दिनेश शर्मा, चंद्रशेखर, जितेंद्र ठाकुर और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
-

पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस कार्यक्रम, टीकाकरण के लिए मिलीं 300 वैक्सीन डोज
पांवटा साहिब के उपमंडलीय पशु चिकित्सालय में 25 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य रेबीज की रोकथाम, पशुओं के टीकाकरण, जिम्मेदार पालतू पशु पालन और संक्रमण से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने किया।
इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी नागरिक पांवटा साहिब द्विज गोयल, पशुपालन एवं प्रजनन विभाग नाहन के उप निदेशक डॉ. राजीव वालिया, रोटरी क्लब पांवटा साहिब के अध्यक्ष यशपाल धीमान और उपमंडलीय पशु चिकित्सालय के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित महाजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पशु चिकित्सा अधिकारियों, पशुपालन विभाग के कर्मचारियों, रोटरी क्लब के सदस्यों, पशु प्रेमियों और स्वयंसेवकों ने भी भाग लिया।
पशु कल्याण में योगदान देने वालों को सम्मान
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने पांवटा साहिब क्षेत्र में पशु कल्याण और रेबीज की रोकथाम के लिए काम कर रहे व्यक्तियों, संस्थाओं और पशु प्रेमियों के प्रयासों की सराहना की। पशु कल्याण में उल्लेखनीय योगदान के लिए तिरुपति ग्रुप के एमडी अशोक गोयल और रोटरी क्लब पांवटा साहिब को प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। क्षेत्र में लगातार योगदान दे रहे पशु प्रेमियों और अन्य सहयोगियों को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
निःशुल्क टीकाकरण के लिए 300 डोज
विश्व रेबीज दिवस और रोटरी अगेंस्ट रेबीज एक्सपोजर कार्यक्रम के तहत रोटरी क्लब पांवटा साहिब ने प्रथम चरण के लिए एंटी-रेबीज वैक्सीन की 300 डोज उपलब्ध करवाईं। पशुपालन विभाग के माध्यम से इनका इस्तेमाल स्ट्रीट और पालतू कुत्तों तथा बिल्लियों के निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण के लिए किया जाएगा।
डॉ. राजीव वालिया ने रेबीज जागरूकता और रोकथाम पर प्रस्तुति दी। इसमें रेबीज संक्रमण, पशुओं के नियमित टीकाकरण, जिम्मेदार पालतू पशु पालन, पशु काटने की घटनाओं में जरूरी सावधानियों और संक्रमण के संपर्क में आने के बाद तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने रेबीज नियंत्रण में सामुदायिक भागीदारी और विभाग की गतिविधियों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में बताया गया कि रेबीज रोकथाम योग्य, लेकिन घातक जूनोटिक बीमारी है। कुत्तों और बिल्लियों का समय पर टीकाकरण, आवारा पशुओं के साथ अनावश्यक संपर्क से बचाव और पशु के काटने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना महत्वपूर्ण है। लोगों से रेबीज रोकथाम अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने और सामूहिक प्रयासों से ‘वन हेल्थ एवं जीरो रेबीज डेथ्स’ लक्ष्य में सहयोग देने का आह्वान किया गया।
-

कांग्रेस विचार विभाग से अधिक कार्यकर्ताओं को जोड़ने का आह्वान: प्रवीण डावर
शिमला में 28 सितंबर 2026 को कांग्रेस विचार विभाग की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित हुई। अखिल भारतीय कांग्रेस विचार विभाग के राष्ट्रीय चेयरपर्सन कैप्टन प्रवीण डावर ने पदाधिकारियों से प्रदेश में कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करने और उसके प्रचार-प्रसार के लिए अधिक से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को विभाग से जोड़ने का आह्वान किया।
राजीव भवन में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए डावर ने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी कर उसके नेताओं को बदनाम करने का षड्यंत्र रच रही है। उन्होंने कहा कि इसे सफल नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने देश की स्वतंत्रता में कांग्रेस के योगदान का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की विदेश नीति की सराहना की।
डावर ने मोदी सरकार के कार्यकाल में देश की विदेश नीति कमजोर होने का आरोप लगाया। उन्होंने अमेरिका के संदर्भ में भी केंद्र सरकार की नीति की आलोचना की।
विभाग के पुनर्गठन और विस्तार की तैयारी
प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के प्रदेशाध्यक्ष विजय पाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए बताया कि प्रदेश, संसदीय क्षेत्र, जिला और ब्लॉक स्तर पर विभाग का गठन किया जा चुका है। सभी जिलों में जिला चेयरपर्सन और कोऑर्डिनेटर नियुक्त कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए सुझावों और दिशा-निर्देशों के आधार पर कार्यकारिणी में बदलाव एवं विस्तार के साथ जल्द पुनर्गठन भी किया जाएगा।
विजय पाल ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में विभाग को मजबूत किया जा रहा है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए बुद्धिजीवी समाज के अधिक लोगों को प्रदेश कांग्रेस के साथ जोड़ने की योजना है।
बैठक में सभी जिला चेयरपर्सन, संसदीय कोऑर्डिनेटर और कार्यकारिणी डेलिगेट्स मौजूद रहे। इसके अलावा कामगार बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, एसआईडीसी के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, विनीत गौतम, एचपीएमसी के निर्देशक जोगिंदर गुलेरिया, डॉक्टर दिनेश शर्मा, चंद्रशेखर, जितेंद्र ठाकुर और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
-

दिल्ली के बेला एस्टेट में 727 नाम काटने का आरोप, चुनाव आयोग ने बताया कैसे जुड़ेंगे वोटर लिस्ट में नाम
दिल्ली के यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट में SIR के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि इलाके के सैकड़ों लोगों के नाम सूची से काट दिए गए और केवल एक मतदाता का नाम बचा है। उन्होंने इसे वोट के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने स्थानीय लोगों के हवाले से क्या कहा
राहुल गांधी के अनुसार, बेला एस्टेट के लोगों ने उन्हें बताया कि वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं। इन लोगों ने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान भी किया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे, लेकिन वे इलाका छोड़कर कहीं नहीं गए।
राहुल गांधी ने एसडीएम से फोन पर बात करते हुए कहा कि मकान होने या न होने का वोट देने के अधिकार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि बेघरों के लिए ‘हाउस नंबर 0’ की व्यवस्था है, इसके बावजूद 727 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। राहुल गांधी ने इस प्रक्रिया को वोट चोरी का तरीका करार दिया और कहा कि जिन लोगों के पास पहले से सबसे कम है, उनसे उनकी एकमात्र ताकत छीनी जा रही है।
चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा कि बेला एस्टेट के पुराने मतदान केंद्र संख्या 33 की वोटर लिस्ट की जांच की गई है। आयोग के अनुसार, ज्यादातर मतदाताओं के पते ‘एग्रीकल्चर’ के रूप में दर्ज थे, जबकि कुछ मतदाताओं के पते पर ही मकान नंबर मौजूद थे।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया
चुनाव आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, वे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 19 के तहत निर्धारित योग्यताएं पूरी करने पर आवेदन कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए 31 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
राहुल गांधी ने इस मामले में केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के बजाय ज्ञानेश कुमार को ‘अंपायर’ बनाकर चुनावों में ‘मैच-फिक्सिंग’ की जिम्मेदारी दी गई है।
-

मास्टर चाबी क्या होती है, क्या इससे हर ताला खोला जा सकता है?
मास्टर चाबी को अक्सर ऐसी चाबी माना जाता है, जिससे कोई भी ताला खोला जा सकता है। हालांकि, वास्तविकता में यह एक खास लॉकिंग व्यवस्था का हिस्सा होती है। लॉक और सुरक्षा प्रणाली बनाने वाली कंपनियों के मुताबिक, मास्टर चाबी केवल उसी सिस्टम के पहले से निर्धारित कई ताले खोल सकती है, जिसके लिए उसे तैयार किया गया हो।
क्या मास्टर चाबी हर ताला खोल सकती है?
मास्टर चाबी हर तरह का ताला नहीं खोल सकती। दॉर्माकाबा के मुताबिक, मास्टर की सिस्टम में चयनित चाबियां पहले से तय दरवाजों या तालों को खोलने के लिए डिजाइन की जाती हैं। इसलिए उनकी पहुंच संबंधित लॉकिंग सिस्टम तक ही सीमित रहती है। मास्टर लॉक भी स्पष्ट करता है कि ऐसी कोई एक मास्टर चाबी नहीं है, जिससे उसके सभी उत्पाद खोले जा सकें।
एक चाबी से कई ताले कैसे खुलते हैं?
इसके पीछे ताले की डिजाइन और की-प्लानिंग की भूमिका होती है। मास्टर की सिस्टम में अलग-अलग तालों और चाबियों को एक निर्धारित पदानुक्रम के अनुसार बनाया जाता है। एएसएसए एब्लॉय के मुताबिक, किसी सिस्टम में इंडिविजुअल की केवल एक दरवाजा खोल सकती है, जबकि डिपार्टमेंट की से कुछ खास क्षेत्रों और मास्टर की से कई जोन तक पहुंच मिल सकती है।
उदाहरण के लिए, किसी बड़े कार्यालय में कर्मचारियों के पास अपने-अपने कमरे की चाबी हो सकती है। वहीं सुरक्षा प्रबंधक या किसी अधिकृत अधिकारी के पास ऐसी मास्टर चाबी हो सकती है, जिससे उसी सिस्टम के कई कमरों के दरवाजे खोले जा सकें। इस तरह अलग-अलग लोगों को उनकी जिम्मेदारी और जरूरत के अनुसार पहुंच दी जाती है।
कहां इस्तेमाल होता है मास्टर की सिस्टम?
मास्टर की सिस्टम का इस्तेमाल कार्यालयों, अपार्टमेंट, स्कूलों, अस्पतालों और बड़े वाणिज्यिक या आवासीय परिसरों में किया जा सकता है। इसका उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को जरूरत के अनुसार प्रवेश की अनुमति देना और अधिकृत लोगों को आवश्यकता पड़ने पर कई स्थानों तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
दॉर्माकाबा के अनुसार, यह व्यवस्था आपात स्थिति में भी उपयोगी हो सकती है। ऐसी परिस्थिति में सुरक्षा कर्मचारियों या अन्य अधिकृत कर्मियों को किसी इमारत के कई कमरों तक तेजी से पहुंचने की जरूरत पड़ सकती है।
क्या यह यूनिवर्सल मास्टर चाबी है?
आम तौर पर मास्टर चाबी को यूनिवर्सल चाबी नहीं कहा जा सकता। एएसएसए एब्लॉय के अनुसार, प्रत्येक चाबी की पहुंच उसके निर्धारित पदानुक्रम और अनुमति पर निर्भर करती है। किसी इमारत के लिए बनाई गई मास्टर चाबी उस इमारत या संबंधित लॉकिंग सिस्टम के कई ताले खोल सकती है, लेकिन उससे किसी दूसरे और अलग सिस्टम के ताले खुलें, यह जरूरी नहीं है।
इसलिए मास्टर चाबी का अर्थ हर ताला खोलने वाली चाबी नहीं, बल्कि किसी विशेष लॉकिंग सिस्टम में कई अधिकृत ताले खोलने वाली चाबी है। इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि व्यवस्थित लॉकिंग सिस्टम में अलग-अलग लोगों की पहुंच नियंत्रित रखते हुए जरूरत के अनुसार कई ताले एक चाबी से खोले जा सकते हैं।
-

न्यूयॉर्क टाइम्स के गेमिंग इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, सास-ससुर गिरफ्तार
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के 40 वर्षीय गेमिंग इंजीनियर जोनाथन मैककिन्से की सैन फ्रांसिस्को के पूर्व में स्थित डबलिन के एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की पार्किंग में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में मैककिन्से के सास-ससुर शोयोंग झांग और शिली चेन को गिरफ्तार किया है। अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, मैककिन्से और उनकी पत्नी के बीच तलाक तथा बच्चों की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा था।
डबलिन पुलिस सर्विस की प्रेस रिलीज के अनुसार, शनिवार दोपहर वहां से गुजर रहे एक पुलिस सार्जेंट ने मैककिन्से को जमीन पर पड़ा देखा। उस समय प्रत्यक्षदर्शी 911 पर कॉल कर रहे थे और घटनास्थल के पास मौजूद एक दंपती की ओर इशारा कर रहे थे। पुलिस ने 77 वर्षीय शोयोंग झांग और शिली चेन को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बुधवार सुबह अदालत में पेश किया जाना था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि दोनों ने कोई वकील नियुक्त किया है या नहीं।
तलाक की सुनवाई से एक सप्ताह पहले हुई हत्या
मैककिन्से की हत्या उनकी पत्नी कैंडिस जैंग के साथ चल रहे तलाक के मामले की सुनवाई से एक सप्ताह पहले हुई। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों ने 2012 में शादी की थी और उनके तीन छोटे बच्चे हैं। दस्तावेजों में बताया गया है कि जैंग ने 2023 में पुलिस से शिकायत की थी कि मैककिन्से ने उनके एक बच्चे को धक्का दिया और वह बच्चों के साथ सख्ती से पेश आते थे।
जैंग ने पिछले साल अक्टूबर में मैककिन्से के खिलाफ घरेलू हिंसा से सुरक्षा का आदेश भी हासिल किया था। पुलिस के अनुसार, मैककिन्से ने एक बच्चे को थप्पड़ मारने की बात स्वीकार की थी और उन पर दूसरे बच्चे को खतरे में डालने का आरोप भी लगाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या के समय वह जमानत पर बाहर थे और मेंटल हेल्थ डायवर्जन प्रोग्राम में शामिल होने का प्रयास कर रहे थे।
बच्चों से मुलाकात को लेकर भी चल रहा था विवाद
अलामेडा काउंटी कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, मैककिन्से अपने तीनों बच्चों के साथ अधिक समय बिताने की मांग कर रहे थे। उन्हें सप्ताह में केवल दो घंटे निगरानी में मुलाकात की अनुमति मिली हुई थी। सुरक्षा आदेश के लिए दायर अपनी याचिका में मैककिन्से ने आरोप लगाया था कि चेन ने उनके और उनके एक बच्चे के खिलाफ LGBTQ+ विरोधी अपशब्दों का इस्तेमाल किया। मैककिन्से ट्रांसजेंडर थे और उन्होंने अपनी पत्नी पर ट्रांजिशन से जुड़ी चिकित्सा प्रक्रियाओं के दौरान बुरा व्यवहार करने का आरोप भी लगाया था।
-

देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मंजूरी, वाराणसी-दिल्ली के बीच होगा संचालन
देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मंजूरी मिल गई है। प्रस्तावित योजना के अनुसार यह ट्रेन वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलेगी तथा प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल पर भी इसका ठहराव होगा। इससे पूर्वांचल, मध्य उत्तर प्रदेश और कानपुर के यात्रियों को दिल्ली और वाराणसी के बीच रेल यात्रा का नया विकल्प मिल सकता है।
वाराणसी से दिल्ली का प्रस्तावित समय
प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से रात 8:40 बजे रवाना होगी। यह रात 10:05 बजे प्रयागराज और करीब 11:50 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन सुबह करीब 4:50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इस तरह वाराणसी से नई दिल्ली का सफर लगभग 8 घंटे 10 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली से रात 11:25 बजे वापसी का प्रस्ताव
वापसी में ट्रेन के नई दिल्ली से रात 11:25 बजे रवाना होने का प्रस्ताव है। यह तड़के करीब 3:30 बजे कानपुर और सुबह 5:38 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन सुबह करीब 7:35 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। रेलवे ने अभी इन समयों को आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया है। अंतिम समय-सारणी और संचालन की तारीख की घोषणा पीएमओ से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद होने की बात कही गई है।
कानपुर और आसपास के यात्रियों को लाभ
कानपुर में ट्रेन के ठहराव से शहर और आसपास के जिलों के यात्रियों को दिल्ली और वाराणसी के बीच तेज और आरामदायक रेल संपर्क मिल सकता है। सांसद रमेश अवस्थी ने कानपुर में ट्रेन के ठहराव को शहर के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार इससे व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
16 कोच में उपलब्ध होंगी 823 बर्थ
प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच और करीब 823 बर्थ होंगी। इनमें थर्ड एसी के 11 कोच, सेकेंड एसी के चार कोच और फर्स्ट एसी का एक कोच शामिल होगा। शुरुआत में ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा रखे जाने की जानकारी है, जिसे बाद में बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने की योजना बताई गई है। ट्रेन का रैक ट्रायल के लिए तैयार बताया जा रहा है।
-

रेवंत रेड्डी के राम-शिव वाले बयान पर विहिप नेता विनोद बंसल ने साधा निशाना
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के भगवान राम और भगवान शिव को लेकर दिए गए बयान पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने रेड्डी की टिप्पणी को हिंदू आस्था पर हमला बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदू समाज को बांटने का प्रयास कर रही है।
रेवंत रेड्डी ने सोमवार को दिल्ली में एक मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में कहा था, “शिव गरीबों के भगवान हैं, राम अमीरों के भगवान हैं और भाजपा अमीरों की पार्टी है।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस दक्षिण भारत में सफल है, लेकिन उत्तरी राज्यों में संघर्ष करती है क्योंकि “भाजपा ने भगवान राम को चुरा लिया है।” रेड्डी के अनुसार, उत्तर भारत में राम और दक्षिणी राज्यों में शिव की पूजा होती है।
विनोद बंसल ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
रेड्डी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछले 76 वर्षों में जाति, पंथ, संप्रदाय, भाषा और क्षेत्र के आधार पर हिंदू समाज को बांटने की कोशिश की है। उन्होंने इसे अंग्रेजों की “फूट डालो और राज करो” नीति से जोड़ते हुए कहा कि राम को अमीरों और भोलेनाथ को गरीबों का भगवान बताना हिंदू देवी-देवताओं को बांटने का प्रयास है।
बंसल ने कहा कि उन्होंने यह कल्पना नहीं की थी कि कांग्रेस के नेता हिंदू देवी-देवताओं को भी बांटने लगेंगे। उन्होंने हिंदू आस्था से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों को लेकर भी पार्टी पर निशाना साधा।
कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग
विहिप प्रवक्ता ने रेड्डी के उस कथित बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था, “कांग्रेस का मतलब मुस्लिम और मुस्लिम का मतलब कांग्रेस।” बंसल ने सवाल उठाया कि सनातन को समाप्त करने की बात करने वाले अब शिव भक्ति की बात क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से स्पष्ट करने को कहा कि वह इस बयान के लिए माफी मांगेगा या नहीं।
-

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वेतन-भत्ते बढ़ाने वाले विधेयक वापस, उमर अब्दुल्ला ने किया ऐलान
श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने भाजपा विधायकों के एतराज के बाद सदस्यों के वेतन और भत्ते बढ़ाने से जुड़े विधेयक वापस ले लिए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बढ़ोतरी की सिफारिश करने वाली हाउस कमेटी में कोई असहमति नोट नहीं था। इसके बाद सदन ने बहुमत से विधेयक वापस लेने के पक्ष में मतदान किया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सदस्य वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी चाहते थे, लेकिन दिहाड़ी मजदूरों की समस्याओं का हवाला देकर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश भी कर रहे थे। उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं कभी इसके पक्ष में नहीं था। अगर एक भी सदस्य विरोध करता है, तो यह कभी पास नहीं होगा। मैं बिल वापस लेता हूं।”

वेतन, भत्ते और पेंशन बढ़ाने का था प्रस्ताव
इससे पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में पांच विधेयक पेश किए थे। इनमें विधायकों और मंत्रियों के वेतन एवं भत्तों में बढ़ोतरी के साथ पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल था। उमर अब्दुल्ला कानून, न्याय और संसदीय मामलों के मंत्री भी हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के वेतन अधिनियम, 1956 में संशोधन से संबंधित विधेयक पेश किया था।
पंचायत चुनावों की समयसीमा पर भी जवाब
विधानसभा में पंचायत चुनावों की समयसीमा से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उमर अब्दुल्ला ने भाजपा के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें राज्य का दर्जा “सही समय” पर बहाल करने की बात कही जाती रही है। उन्होंने कहा, “आप राज्य के लिए सही समय कहते हैं, हम पंचायत चुनावों के लिए भी यही कहेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भाजपा पंचायत चुनावों के समय को लेकर लगातार सवाल करती है तो सरकार भी जवाब दे सकती है कि चुनाव सही समय पर होंगे। उन्होंने “सही समय” का अर्थ स्पष्ट नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह नहीं बताया गया है कि वह समय कब आएगा या उसका निर्धारण कैसे होगा।