Author: evenpixels

  • इंग्लैंड दौरे से रिजवान और इमाम को वापस भेज सकता है पाकिस्तान, PCB की घोषणा का इंतजार

    इंग्लैंड दौरे से रिजवान और इमाम को वापस भेज सकता है पाकिस्तान, PCB की घोषणा का इंतजार

    इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो बड़ी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और ओपनर इमाम-उल-हक को इंग्लैंड दौरे से वापस पाकिस्तान भेजा जा सकता है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी PCB ने अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

    वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले स्थान पर मौजूद पाकिस्तान को लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पारी और 103 रन से हराया था। इसके बाद लॉर्ड्स में हुए दूसरे टेस्ट में भी पाकिस्तान को 194 रन से हार का सामना करना पड़ा। इन दोनों नतीजों के साथ पाकिस्तान सीरीज गंवा चुका है।

    PCB अधिकारियों की बैठक में प्रदर्शन पर चर्चा

    जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों ने एक अहम बैठक की। इसमें PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी, COO सुमैर अहमद, PSL CEO सलमान नसीर, पूर्व खिलाड़ी एवं वरिष्ठ सिलेक्टर आकिब जावेद और सीमित ओवर क्रिकेट के हेड कोच माइक हेसन शामिल हुए। बताया गया है कि बैठक में इंग्लैंड दौरे पर टीम के प्रदर्शन और इंटरनेशनल मीडिया में पाकिस्तान टीम को लेकर हो रही चर्चा पर चिंता जताई गई। रिपोर्ट में टीम के मौजूदा हालात को लेकर शीर्ष स्तर पर नाराजगी का दावा भी किया गया है।

    इमाम की चोट पर सवाल, अब्दुल्ला फजल को मिल सकता है मौका

    दूसरे टेस्ट के पहले दिन फील्डिंग के दौरान चोट लगने के बाद इमाम-उल-हक बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतरे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी चोट को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। इस बीच 23 वर्षीय अब्दुल्ला फजल को इंग्लैंड भेजे जाने की संभावना है। वह अब तक पाकिस्तान के लिए दो टेस्ट मैच खेल चुके हैं।

    https://twitter.com/ICC/status/2094105435863408991

    टेस्ट टीम की कोचिंग व्यवस्था में भी बदलाव संभव

    बैठक में पाकिस्तान की टेस्ट टीम की कोचिंग व्यवस्था पर भी चर्चा होने की खबर है। सीमित ओवर क्रिकेट टीम के हेड कोच माइक हेसन को टेस्ट टीम की जिम्मेदारी देने की संभावना पर विचार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हेसन इंग्लैंड दौरे के बाकी हिस्से में टीम के साथ बने रह सकते हैं। ऐसा होने पर दौरे के बीच पाकिस्तान टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और टेस्ट टीम के हेड कोच सरफराज अहमद के भविष्य को लेकर सवाल बढ़ सकते हैं। फिलहाल PCB की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

  • पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में ABVP के अंकित बिढान अध्यक्ष निर्वाचित

    पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में ABVP के अंकित बिढान अध्यक्ष निर्वाचित

    पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवार अंकित बिढान अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 2,879 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में ABVP समर्थकों ने जश्न मनाया और नारेबाजी की।

    संगठन ने अध्यक्ष पद पर मिली जीत को छात्रों के बीच अपने समर्थन की जीत बताया है। नतीजों के बाद यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

    रवनीत बिट्टू ने दी बधाई

    पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद रवनीत बिट्टू ने अंकित बिढान और ABVP को जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह संगठन की लगातार दूसरी जीत है और अंतिम 48 घंटों में SOI की ओर से ABVP उम्मीदवार को मिले समर्थन ने इसे खास बनाया। बिट्टू के अनुसार, भारी बहुमत छात्रों के बीच ABVP के नेतृत्व और दृष्टिकोण पर भरोसे को दर्शाता है।

    पीएचडी शोधार्थी हैं अंकित बिढान

    अंकित बिढान मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले हैं। जींद से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी के विधि विभाग से कानून की पढ़ाई की। वर्तमान में वह पंजाब यूनिवर्सिटी के सामाजिक समावेशन अध्ययन केंद्र में पीएचडी शोधार्थी हैं।

    https://twitter.com/RavneetBittu/status/2094412875767144771
  • सिंधु जल संधि पर भारत ने हेग मध्यस्थता अदालत का फैसला खारिज किया

    सिंधु जल संधि पर भारत ने हेग मध्यस्थता अदालत का फैसला खारिज किया

    भारत ने सिंधु जल संधि पर हेग स्थित परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस मध्यस्थता अदालत को गैर-कानूनी तरीके से गठित बताते हुए कहा कि उसके फैसले का भारत के संप्रभु कार्यों या चल रही परियोजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंत्रालय के अनुसार, सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का फैसला लागू रहेगा।

    मध्यस्थता अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि सिंधु जल संधि अब भी पूरी तरह लागू है और भारत को जम्मू-कश्मीर में एक पनबिजली परियोजना पर काम सीमित करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा कि तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के पास उसके संप्रभु फैसलों पर निर्णय सुनाने का अधिकार क्षेत्र नहीं है।

    मध्यस्थता अदालत ने फैसले में क्या कहा

    परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने कहा कि भारत के पास संधि को खत्म करने या रोकने का उचित कारण नहीं था। अदालत के अनुसार, भारत को संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए। इनमें पश्चिमी नदियों पर बनाई जा रही पनबिजली परियोजनाओं के डिजाइन और संचालन से संबंधित दायित्व भी शामिल हैं।

    अदालत ने कहा कि विश्व बैंक की ओर से नियुक्त एक निष्पक्ष विशेषज्ञ जुलाई 2027 तक तय करेगा कि हिमालयी क्षेत्र में हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्लांट का निर्माण संधि के अनुरूप है या नहीं। पाकिस्तान की मांग स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि निष्पक्ष विशेषज्ञ के फैसले के 90 दिन बाद तक भारत को रातले हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्लांट में तय स्तर से ऊपर बांध की दीवार और पावर इनटेक स्ट्रक्चर बनाने की अनुमति नहीं होगी।

    भारत ने अदालत के गठन पर उठाए सवाल

    भारत ने कहा कि इस मध्यस्थता अदालत का गठन विश्व बैंक ने सिंधु जल संधि की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए किया था। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने इस संस्था को कभी कानूनी मान्यता नहीं दी और न ही वह इसके सामने पेश हुआ। भारत ने इसके पहले के फैसलों को भी स्वीकार नहीं किया है।

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि गैर-कानूनी तरीके से गठित इस तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने सिंधु जल संधि के तहत अंतरिम उपायों और स्थिति से संबंधित फैसला जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार, इस संस्था के मौजूदा या भविष्य के किसी भी फैसले का भारत की ओर से चलाई जा रही परियोजनाओं से जुड़े कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    1960 में हुआ था सिंधु जल समझौता

    भारत ने स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का उसका फैसला अब भी लागू है। स्रोत के अनुसार, पहलगाम हमले के बाद पिछले साल अप्रैल में भारत ने संधि रोक दी थी। सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितंबर 1960 को विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ जल-बंटवारा समझौता है। इस पर भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे। यह संधि पाकिस्तान के 80 प्रतिशत खेतों के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करती है।

  • लियोनेल मेसी ने 39 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान किया

    लियोनेल मेसी ने 39 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान किया

    अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने 39 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान किया है। अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के लिए दो दशक से अधिक समय तक खेलने वाले मेसी ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद मुश्किल था। हालांकि, वह क्लब स्तर पर खेलना जारी रखेंगे।

    विदाई संदेश में कही दिल की बात

    मेसी ने इंस्टाग्राम पर जारी संदेश में कहा कि फाइनल के बाद काफी सोच-विचार करने पर उन्होंने राष्ट्रीय टीम से संन्यास लेने का निर्णय किया। उन्होंने बताया कि इस फैसले से उन्हें गहरा दुख हुआ, लेकिन अब उन्हें यही सही समय लगा। मेसी के मुताबिक, उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी के लिए हमेशा कड़ी मेहनत की और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया।

    2022 में अर्जेंटीना को बनाया विश्व विजेता

    मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे यादगार पल 2022 में आया, जब उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने कतर में फीफा विश्व कप जीता। यह 1986 के बाद अर्जेंटीना का पहला विश्व कप खिताब था। मेसी ने उस टूर्नामेंट में सात गोल किए और टीम की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने 2021 और 2024 में लगातार दो बार कोपा अमेरिका का खिताब भी अपने नाम किया।

    अर्जेंटीना ने 2026 विश्व कप में भी मेसी की कप्तानी में फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन खिताबी मुकाबले में स्पेन से हार गया। यह मेसी का छठा विश्व कप था। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीन विश्व कप फाइनल खेले। वर्ष 2014 में अर्जेंटीना को जर्मनी से हार मिली थी, जबकि 2022 में टीम चैंपियन बनी और 2026 में उपविजेता रही। अपने आखिरी विश्व कप में मेसी ने आठ गोल किए और चार गोल में सहायता की।

    क्लब स्तर पर खेलते रहेंगे मेसी

    इस महीने की शुरुआत में पिता जॉर्ज मेसी के निधन के बाद मेसी ने लंबे समय तक खेल जारी रखने को लेकर संदेह जताया था। उनके पिता का 8 अगस्त को 68 साल की उम्र में निधन हुआ था। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहने के बाद भी मेसी क्लब फुटबॉल खेलते रहेंगे। वह अमेरिका के मेजर लीग सॉकर क्लब इंटर मियामी से जुड़े हैं और उनका मौजूदा करार 2028 एमएलएस सत्र तक है।

  • सिंधु जल संधि पर भारत ने हेग मध्यस्थता अदालत का फैसला खारिज किया

    सिंधु जल संधि पर भारत ने हेग मध्यस्थता अदालत का फैसला खारिज किया

    भारत ने सिंधु जल संधि पर हेग स्थित परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस मध्यस्थता अदालत को गैर-कानूनी तरीके से गठित बताते हुए कहा कि उसके फैसले का भारत के संप्रभु कार्यों या देश की ओर से चलाई जा रही परियोजनाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का फैसला लागू रहेगा।

    मध्यस्थता अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि सिंधु जल संधि अभी भी लागू है। इसके साथ ही भारत को जम्मू-कश्मीर की एक पनबिजली परियोजना पर काम सीमित करने के लिए कहा गया था। भारत ने इस सुनवाई को खारिज करते हुए कहा कि तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के पास उसके संप्रभु फैसलों पर निर्णय देने का अधिकार क्षेत्र नहीं है।

    मध्यस्थता अदालत ने फैसले में क्या कहा

    परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के अनुसार सिंधु जल संधि पूरी तरह लागू है, क्योंकि भारत के पास समझौते को समाप्त या स्थगित करने का कोई उचित कारण नहीं था। अदालत ने कहा कि भारत को संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए। इनमें पश्चिमी नदियों पर पनबिजली परियोजनाओं के डिजाइन और संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शामिल हैं।

    अदालत ने कहा कि विश्व बैंक की ओर से नियुक्त एक निष्पक्ष विशेषज्ञ जुलाई 2027 तक तय करेगा कि हिमालयी क्षेत्र में पनबिजली संयंत्र का निर्माण संधि के अनुरूप है या नहीं। पाकिस्तान की मांग स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि निष्पक्ष विशेषज्ञ का फैसला आने के 90 दिन बाद तक भारत को रातले पनबिजली परियोजना में निर्धारित स्तर से ऊपर बांध की दीवार और पावर इनटेक स्ट्रक्चर बनाने की अनुमति नहीं होगी।

    भारत ने अदालत के गठन पर उठाए सवाल

    भारत ने कहा कि यह अदालत विश्व बैंक द्वारा सिंधु जल संधि की शर्तों के स्पष्ट उल्लंघन में बनाई गई थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार गैर-कानूनी ढंग से गठित तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने संधि के तहत अंतरिम उपायों और स्थिति से संबंधित फैसला जारी किया है, जिसे भारत पूरी तरह खारिज करता है। मंत्रालय ने कहा कि भारत इस संस्था के पहले के फैसलों को भी स्वीकार नहीं करता है।

    भारत सरकार के अनुसार उसने इस मध्यस्थता अदालत को कभी कानूनी मान्यता नहीं दी। भारत का रुख रहा है कि संस्था का गठन ही सिंधु जल संधि का गंभीर उल्लंघन है। इसी कारण भारत न तो इसके सामने पेश हुआ और न ही उसने इसके पिछले फैसलों पर ध्यान दिया। सरकार ने कहा कि अदालत के मौजूदा या भविष्य के फैसलों का भारत की परियोजनाओं से जुड़े कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    1960 में हुआ था सिंधु जल समझौता

    भारत ने स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का उसका फैसला अभी भी लागू है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने पिछले साल अप्रैल में यह संधि रोक दी थी। यह संधि पाकिस्तान के 80 प्रतिशत खेतों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करती है।

    सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे से जुड़ा समझौता है। इस पर 19 सितंबर 1960 को विश्व बैंक की मध्यस्थता में हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते पर भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे।

  • मयंक अग्रवाल ने डरहम से किया करार, काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी चरण में खेलेंगे

    मयंक अग्रवाल ने डरहम से किया करार, काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी चरण में खेलेंगे

    भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे अनुभवी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने काउंटी चैंपियनशिप के मौजूदा सीजन के आखिरी चरण के लिए डरहम क्रिकेट क्लब से करार किया है। 35 वर्षीय मयंक टीम के बचे हुए मुकाबलों में खेलेंगे। डिवीजन टू में डरहम ने अब तक 10 मैचों में सात जीत दर्ज की हैं, जबकि उसके तीन मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। टीम के पास डिवीजन वन में वापसी का मौका है।

    डेविड बेडिंघम की जगह टीम में शामिल

    मयंक अग्रवाल को साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड बेडिंघम की जगह टीम में शामिल किया गया है। बेडिंघम साउथ अफ्रीका के रेड-बॉल सीजन के कारण इस सप्ताह अपने देश लौट रहे हैं। उन्होंने हाल ही में ग्लूस्टरशायर के खिलाफ शतक लगाकर डरहम की 10 विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

    मयंक के लिए इंग्लिश काउंटी क्रिकेट की परिस्थितियां नई नहीं हैं। उन्होंने 2025 सीजन के आखिरी तीन मुकाबलों में यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व किया था। भारतीय टीम के लिए उन्होंने 2018 से 2021 के बीच 21 टेस्ट मैच खेले और 41.33 की औसत से 1,488 रन बनाए। उनके नाम चार टेस्ट शतक हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 243 रन रहा, जो उन्होंने 2019 में इंदौर टेस्ट में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था।

    घरेलू क्रिकेट में भी बनाए रन

    रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में मयंक ने कर्नाटक के लिए 678 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक लगाया और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 160 रन रहा। डरहम को सीजन के निर्णायक चरण में उनके अनुभव और बल्लेबाजी से मदद मिलने की उम्मीद है।

    हेड कोच रयान कैंपबेल ने जताई खुशी

    डरहम के हेड कोच रयान कैंपबेल ने मयंक के टीम से जुड़ने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बेडिंघम के साउथ अफ्रीका लौटने के बाद टीम को एक अनुभवी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज की जरूरत थी और मयंक के रूप में उसे अच्छा विकल्प मिला है। मयंक अब बचे हुए मुकाबलों में डरहम के डिवीजन वन में पहुंचने के अभियान में योगदान देंगे।

  • जंतर-मंतर प्रदर्शन की 13 FIR रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस

    जंतर-मंतर प्रदर्शन की 13 FIR रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस

    दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास 20 से 25 जुलाई 2026 के बीच हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ी 13 FIR रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पुलिस ने यशोवर्धन आजाद और अन्य की याचिका में दाखिल अर्जी में कहा है कि केंद्र सरकार के 25 जुलाई 2026 के फैसले के बाद वह इन मामलों में आगे कार्रवाई नहीं करना चाहती। इसके साथ ही पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े 2,873 लोगों की भूमिका की सीमित जांच के लिए अलग FIR दर्ज करने की अनुमति मांगी है।

    दंगा, हत्या की कोशिश और तोड़फोड़ के आरोप

    अर्जी के साथ दिए गए चार्ट के अनुसार, ये FIR 21, 22, 25 और 26 जुलाई को अलग-अलग थानों में दर्ज की गई थीं। इनमें दंगा, हत्या की कोशिश और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं। एक FIR में लूट का आरोप भी दर्ज किया गया है।

    2,873 लोगों की भूमिका की जांच की मांग

    दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान गंभीर आपराधिक मामलों में पहले शामिल रहे 2,873 लोगों की भूमिका की जांच जरूरी है। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के डेटा में है। प्रस्तावित अलग FIR की जांच यह पता लगाने तक सीमित रहेगी कि प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति की हिंसा या सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में कोई भूमिका थी या नहीं।

    पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अर्जी में शामिल घटनाओं को लेकर इसके बाद कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। यदि इन्हीं घटनाओं से जुड़ी कोई अन्य FIR सामने आती है तो प्रभावित पक्ष के इसी तरह की राहत मांगने पर पुलिस उसका विरोध नहीं करेगी।

    अनुच्छेद 142 के तहत राहत का अनुरोध

    दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए 13 FIR रद्द करने और 2,873 लोगों से जुड़ी सीमित जांच के लिए नई FIR दर्ज करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। पुलिस ने कहा है कि आदेश मौजूदा मामले की विशेष परिस्थितियों तक सीमित रखा जाए और भविष्य के मामलों में इसे मिसाल के तौर पर इस्तेमाल न किया जाए। यह अर्जी 31 अगस्त 2026 को दाखिल की गई और इसके साथ दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर अजय कृष्ण शर्मा का हलफनामा भी लगाया गया है।

  • मयंक अग्रवाल ने काउंटी चैंपियनशिप के लिए डरहम से किया करार

    मयंक अग्रवाल ने काउंटी चैंपियनशिप के लिए डरहम से किया करार

    भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे अनुभवी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने काउंटी चैंपियनशिप के मौजूदा सीजन के आखिरी चरण के लिए डरहम क्रिकेट क्लब से करार किया है। 35 वर्षीय मयंक टीम के शेष मुकाबलों में खेलेंगे। डिवीजन टू में डरहम ने अब तक 10 मैचों में सात जीत दर्ज की हैं, जबकि उसके तीन मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। टीम के पास डिवीजन वन में वापसी का मौका है।

    डेविड बेडिंघम की जगह टीम में शामिल

    मयंक अग्रवाल को दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड बेडिंघम की जगह टीम में शामिल किया गया है। बेडिंघम दक्षिण अफ्रीका के रेड-बॉल सीजन के कारण इस सप्ताह स्वदेश लौट रहे हैं। उन्होंने हाल में ग्लूस्टरशायर के खिलाफ शतक लगाया था और डरहम की 10 विकेट से जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

    मयंक इससे पहले भी इंग्लिश काउंटी क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने 2025 सीजन के आखिरी तीन मुकाबलों में यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व किया था। भारतीय टीम के लिए उन्होंने 2018 से 2021 के बीच 21 टेस्ट मैचों में 41.33 की औसत से 1,488 रन बनाए। उनके नाम चार शतक हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर 243 रन है, जो उन्होंने 2019 में इंदौर में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था।

    घरेलू क्रिकेट में भी मयंक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में उन्होंने कर्नाटक के लिए 678 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक निकला और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 160 रन रहा।

    हेड कोच रयान कैंपबेल ने जताई खुशी

    डरहम के हेड कोच रयान कैंपबेल ने मयंक के टीम से जुड़ने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बेडिंघम के दक्षिण अफ्रीका लौटने के बाद टीम को एक अनुभवी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज की जरूरत थी और मयंक के रूप में उसे अच्छा विकल्प मिला है। अब मयंक काउंटी चैंपियनशिप के अंतिम चरण में डरहम के लिए योगदान देंगे।

  • नेपाल बाढ़ की वजह पर नई थ्योरी, वैज्ञानिक रॉकस्लाइड की संभावना की कर रहे जांच

    नेपाल बाढ़ की वजह पर नई थ्योरी, वैज्ञानिक रॉकस्लाइड की संभावना की कर रहे जांच

    काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ की वजह को लेकर वैज्ञानिक जांच जारी है। नेपाल सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट विशाल नाथ उप्रेती के अनुसार, शुरुआती जांच में तिब्बत की किसी ग्लेशियर झील के फटने की पुष्टि नहीं हुई है। वैज्ञानिक अब बड़े रॉकस्लाइड यानी चट्टान खिसकने की संभावना सहित दूसरी थ्योरी पर काम कर रहे हैं।

    ग्लेशियर झील फटने की थ्योरी छोड़ी गई

    उप्रेती ने बताया कि शुरुआत में इस घटना को ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) माना गया था। बाद में पता चला कि तिब्बत में कोई झील नहीं फटी थी, जिसके बाद अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने इस थ्योरी को छोड़ दिया। इसके बाद यह आशंका जताई गई कि भूकंप के कारण बर्फ और चट्टानें गिरी होंगी, लेकिन USGS के आकलन में घटनाक्रम इसके उलट बताया गया। इसके मुताबिक घाटी में बड़ी मात्रा में बर्फ और चट्टानें गिरने से भूकंप उत्पन्न हुआ था। भूकंप की तीव्रता पहले 4.2 बताई गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 5.2 कर दिया गया।

    उप्रेती के मुताबिक, पहली घटना के लगभग तीन घंटे और आठ मिनट बाद एक और भूस्खलन हुआ। इससे बना बांध टूटने पर एक छोटी बाढ़ आई, लेकिन पानी धीरे-धीरे बहने के कारण कोई बड़ी आपदा नहीं हुई। उन्होंने उत्तराखंड के चमोली की घटना का भी उल्लेख किया, जहां लगभग दो किलोमीटर की ऊंचाई से बर्फ और चट्टानें गिरने के बाद मलबा बहा था और करीब 200 लोगों की मौत हुई थी।

    मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका

    उप्रेती ने कहा कि नेपाल की इस आपदा में 5,000 से अधिक लोगों के मारे जाने या लापता होने की खबर है। उन्होंने आशंका जताई कि यह आंकड़ा 7,000 या 10,000 तक पहुंच सकता है। बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं, जबकि 39 देशों के करीब 590 विदेशी नागरिक अब भी लापता बताए गए हैं।

    सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर चल रही जांच

    उप्रेती के अनुसार, इस घटना में ग्लेशियर झील से लाखों क्यूबिक मीटर पानी तेजी से घाटी में आने के बजाय बर्फ और चट्टानें नीचे गिरीं। घटनास्थल तक अभी कोई नहीं पहुंचा है, इसलिए जांच मुख्य रूप से सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित है। एक शुरुआती थ्योरी में इसे बहुत बड़ा रॉकस्लाइड माना जा रहा है, जिसमें बर्फ खिसकती हुई चट्टान के ऊपर मौजूद थी और ग्लेशियर स्वयं नीचे नहीं खिसका था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक जांच पूरी नहीं हुई है और फिलहाल इस थ्योरी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

  • जंतर-मंतर प्रदर्शन की 13 एफआईआर रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस

    जंतर-मंतर प्रदर्शन की 13 एफआईआर रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस

    दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास 20 से 25 जुलाई 2026 के बीच हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ी 13 एफआईआर रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पुलिस ने यशोवर्धन आजाद और अन्य की याचिका में यह अर्जी दाखिल की है। साथ ही पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोगों की भूमिका की सीमित जांच के लिए अलग एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी गई है।

    दिल्ली पुलिस ने अर्जी में कहा है कि 25 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार की ओर से लिए गए फैसले के बाद वह इन 13 एफआईआर में आगे कार्रवाई नहीं करना चाहती। इसलिए पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से इन मामलों को समाप्त करने की मांग की है।

    एफआईआर में दंगा और तोड़फोड़ समेत कई आरोप

    अर्जी के साथ दिए गए चार्ट के अनुसार, ये एफआईआर 21, 22, 25 और 26 जुलाई को अलग-अलग थानों में दर्ज की गई थीं। इनमें दंगा, हत्या की कोशिश और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए थे। एक एफआईआर में लूट का आरोप भी दर्ज है।

    2,873 लोगों की भूमिका की जांच के लिए अलग मांग

    पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान गंभीर आपराधिक मामलों में पहले शामिल रहे 2,873 लोगों की भूमिका की जांच जरूरी है। पुलिस के मुताबिक, इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के डेटा में है। प्रस्तावित एफआईआर की जांच केवल यह पता लगाने तक सीमित रहेगी कि प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति की हिंसा या सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में कोई भूमिका थी या नहीं।

    दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि अर्जी में शामिल घटनाओं को लेकर इसके बाद कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। यदि इन्हीं घटनाओं से जुड़ी कोई अन्य एफआईआर सामने आती है तो प्रभावित पक्ष की ओर से इसी तरह की राहत मांगे जाने पर पुलिस उसका विरोध नहीं करेगी।

    अनुच्छेद 142 के तहत राहत की अपील

    पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर 13 एफआईआर रद्द करने और 2,873 लोगों से जुड़ी सीमित जांच के लिए नई एफआईआर की अनुमति देने का अनुरोध किया है। पुलिस ने यह भी कहा है कि आदेश मौजूदा मामले की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दिया जाए और इसे भविष्य के मामलों में मिसाल के रूप में इस्तेमाल न किया जाए। यह अर्जी 31 अगस्त 2026 को दाखिल की गई और इसके साथ दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर अजय कृष्ण शर्मा का हलफनामा लगाया गया है।