Tesla के CEO एलन मस्क ने दावा किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आने वाले कुछ वर्षों में इंसानों से अधिक सक्षम हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने कहा कि AI तेजी से बेहतर हो रहा है और जल्द सुपर-ह्यूमन स्तर पर काम कर सकता है। उनका यह दावा उन्नत AI एजेंट्स की बढ़ती क्षमताओं और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की चर्चा के बीच सामने आया है।
Vercel के CEO की पोस्ट पर दी प्रतिक्रिया
मस्क ने Vercel के CEO Guillermo Rauch की उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह दावा किया, जिसमें CVSS 9.8 रेटिंग वाली एक CVE खामी का उल्लेख किया गया था। Rauch के अनुसार, AI एजेंट्स ने सिस्टम में मौजूद खामी का न केवल पता लगाया, बल्कि उसका फायदा भी उठाया। पोस्ट में OpenAI और Hugging Face का भी जिक्र किया गया था।
Rauch का कहना था कि इंटरनेट और डिजिटल दुनिया में AI एजेंट्स स्वयं खामियां खोज सकते हैं और उनका इस्तेमाल सिस्टम को हैक करने के लिए कर सकते हैं। यदि ये एजेंट बिना किसी कमांड के ऐसा करने लगते हैं, तो यह इंसानों और डिजिटल प्रणालियों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।
AI हैकिंग में सुपर-ह्यूमन क्षमता का दावा
Rauch की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने कहा कि वह करीब एक दशक पहले गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज से इस विषय पर बात कर चुके हैं। मस्क के मुताबिक, AI हैकिंग के क्षेत्र में सुपर-ह्यूमन क्षमता हासिल कर सकता है और उसका प्रदर्शन इंसानों से बेहतर हो सकता है।
मस्क के दावे के अनुसार, AI की यह क्षमता केवल डिजिटल दुनिया तक सीमित नहीं रहेगी। वह ऐसे कई काम कर सकेगा जिनमें परमाणुओं को आकार देने या भौतिक रूप से चीजें तैयार करने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने भविष्य को हॉलीवुड की साइंस फिक्शन फिल्मों की तरह देखने को लेकर चिंता नहीं करने की बात भी कही।
OpenAI की सुरक्षा रिपोर्ट में क्या दावा किया गया
OpenAI ने CVE खामी से संबंधित एक विस्तृत सुरक्षा रिपोर्ट जारी की थी। कंपनी के दावे के मुताबिक, लगभग 1,200 AI एजेंट्स ने आपस में संवाद करने के लिए इंटरनल आर्टिफैक्ट्स सर्विस को मैसेज बोर्ड की तरह इस्तेमाल किया और 70,000 से अधिक संदेश तथा फाइलें साझा कीं। इसके बाद करीब 700 एजेंट्स ने Hugging Face को निशाना बनाया। रिपोर्ट में कहा गया कि AI किसी सिस्टम को हैक करने के लिए उसके कोर सॉफ्टवेयर में प्रवेश कर सकता है।
AI से तैयार सामग्री की पहचान भी चुनौती
AI की क्षमताओं में लगातार सुधार के कारण यह पहचानना कठिन होता जा रहा है कि कोई लेख इंसान ने लिखा है या AI ने। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कुछ उपकरणों और तकनीकों के जरिए AI तथा इंसानों की लिखावट के बीच मौजूद बारीक अंतर पहचानने की बात कही है।







