नई दिल्ली में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सीपीआई की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर के बयान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भाजपा ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की है, जबकि अमरजीत कौर ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है।
रैली में प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना
अमरजीत कौर ने अपने संबोधन में कम्युनिस्टों के बारे में प्रधानमंत्री मोदी की एक कथित पुरानी टिप्पणी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता ने कम्युनिस्टों और उनके लाल झंडों को खतरनाक बताया था। इसके बाद प्रधानमंत्री को लेकर दिए गए उनके बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया जताई।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने किया पलटवार
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अमरजीत कौर पर नक्सली सोच रखने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि सीपीआई की राष्ट्रीय सचिव का प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दिया गया बयान उनकी मानसिकता को दिखाता है। भाजपा ने इस मामले में अमरजीत कौर से माफी मांगने की मांग की है।
अमरजीत कौर ने अपने बयान पर कायम रहते हुए माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैंने जो कुछ भी कहा, उस पर कायम हूं। मैं माफी नहीं मांगूंगी। अगर प्रधानमंत्री यह कह सकते हैं कि कम्युनिस्ट को खत्म कर दो तो मैं क्यों नहीं कह सकती?” इसके बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
प्रधानमंत्री के लाल किले के संबोधन का संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में कहा था कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है। उन्होंने कहा था कि हथियारों वाले नक्सलवाद से बड़ी चुनौती दिमागी नक्सलवाद की है और देश को इससे बचाना होगा।

Leave a Reply