पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस कार्यक्रम, टीकाकरण के लिए मिलीं 300 वैक्सीन डोज

पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस 2026 का जागरूकता कार्यक्रम

पांवटा साहिब के उपमंडलीय पशु चिकित्सालय में 25 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य रेबीज की रोकथाम, पशुओं के टीकाकरण, जिम्मेदार पालतू पशु पालन और संक्रमण से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने किया।

इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी नागरिक पांवटा साहिब द्विज गोयल, पशुपालन एवं प्रजनन विभाग नाहन के उप निदेशक डॉ. राजीव वालिया, रोटरी क्लब पांवटा साहिब के अध्यक्ष यशपाल धीमान और उपमंडलीय पशु चिकित्सालय के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित महाजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पशु चिकित्सा अधिकारियों, पशुपालन विभाग के कर्मचारियों, रोटरी क्लब के सदस्यों, पशु प्रेमियों और स्वयंसेवकों ने भी भाग लिया।

पशु कल्याण में योगदान देने वालों को सम्मान

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने पांवटा साहिब क्षेत्र में पशु कल्याण और रेबीज की रोकथाम के लिए काम कर रहे व्यक्तियों, संस्थाओं और पशु प्रेमियों के प्रयासों की सराहना की। पशु कल्याण में उल्लेखनीय योगदान के लिए तिरुपति ग्रुप के एमडी अशोक गोयल और रोटरी क्लब पांवटा साहिब को प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। क्षेत्र में लगातार योगदान दे रहे पशु प्रेमियों और अन्य सहयोगियों को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

निःशुल्क टीकाकरण के लिए 300 डोज

विश्व रेबीज दिवस और रोटरी अगेंस्ट रेबीज एक्सपोजर कार्यक्रम के तहत रोटरी क्लब पांवटा साहिब ने प्रथम चरण के लिए एंटी-रेबीज वैक्सीन की 300 डोज उपलब्ध करवाईं। पशुपालन विभाग के माध्यम से इनका इस्तेमाल स्ट्रीट और पालतू कुत्तों तथा बिल्लियों के निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण के लिए किया जाएगा।

डॉ. राजीव वालिया ने रेबीज जागरूकता और रोकथाम पर प्रस्तुति दी। इसमें रेबीज संक्रमण, पशुओं के नियमित टीकाकरण, जिम्मेदार पालतू पशु पालन, पशु काटने की घटनाओं में जरूरी सावधानियों और संक्रमण के संपर्क में आने के बाद तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने रेबीज नियंत्रण में सामुदायिक भागीदारी और विभाग की गतिविधियों की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम में बताया गया कि रेबीज रोकथाम योग्य, लेकिन घातक जूनोटिक बीमारी है। कुत्तों और बिल्लियों का समय पर टीकाकरण, आवारा पशुओं के साथ अनावश्यक संपर्क से बचाव और पशु के काटने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना महत्वपूर्ण है। लोगों से रेबीज रोकथाम अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने और सामूहिक प्रयासों से ‘वन हेल्थ एवं जीरो रेबीज डेथ्स’ लक्ष्य में सहयोग देने का आह्वान किया गया।

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