Author: evenpixels

  • खेलो इंडिया संवाद में जेन-Z से बोले पीएम मोदी, युवाओं के मन में आने चाहिए नए आइडिया

    खेलो इंडिया संवाद में जेन-Z से बोले पीएम मोदी, युवाओं के मन में आने चाहिए नए आइडिया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम में देश के जेन-Z के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत की। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के मन में नए विचार आने चाहिए और खेल जीवन की चुनौतियों का सामना करना सिखाते हैं।

    खेल क्षमता और युवा शक्ति को एकजुट करने का अभियान

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले से देश के सामने भारत का स्पोर्ट्स विजन रखा। जब मैं खेलों की बात करता हूं, तो यह सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है। यह एक विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल क्षमता और युवा शक्ति को एकजुट करने का अभियान है।’

    उन्होंने कहा कि खेल केवल चैंपियन बनना ही नहीं, बल्कि बेहतर प्रतिस्पर्धी बनना भी सिखाते हैं। उठना, गिरना और गिरकर फिर उठना—खेल व्यक्ति के भीतर यही जज्बा पैदा करते हैं।

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    खिलाड़ी की सफलता से बढ़ती है क्षेत्र की पहचान

    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जो खेलते हैं, वे खिलते हैं और खेल में खिलने का मतलब सिर्फ मैदान पर जीतना नहीं है। इसका मतलब है व्यक्ति और परिवार का विकास होना। साथ ही देश का मान बढ़ाना।’ उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता से उसके परिवार, स्कूल और कॉलेज का मान बढ़ता है तथा उसके जिले और राज्य की पहचान मजबूत होती है।

    मनसुख मंडाविया ने खेलों को बताया राष्ट्रीय प्राथमिकता

    केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं और खेलों को नई प्राथमिकता मिली है। युवाओं को भारत का उज्ज्वल वर्तमान और भविष्य मानते हुए उन्हें ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ा गया है।

    https://twitter.com/ANI/status/2092859677331878322

    मनसुख मंडाविया ने कहा, ‘आपकी लीडरशिप में देश ने पहली बार खेलों को सिर्फ एक गतिविधि के तौर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता के तौर पर देखा है।’

  • ICC टेस्ट रैंकिंग: बांग्लादेश छठे, पाकिस्तान आठवें स्थान पर

    ICC टेस्ट रैंकिंग: बांग्लादेश छठे, पाकिस्तान आठवें स्थान पर

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर करने के बाद बांग्लादेश को आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में बड़ा फायदा हुआ है। टीम तीन स्थान की छलांग लगाकर छठे स्थान पर पहुंच गई है। वहीं पाकिस्तान 75 रेटिंग के साथ आठवें स्थान पर खिसक गया है।

    मैके में खेले गए सीरीज के दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराया। यह मुकाबला दो दिन के भीतर समाप्त हो गया। हालांकि, पहला टेस्ट जीतने के कारण बांग्लादेश सीरीज बराबर करने में सफल रहा।

    पहली बार नौवें स्थान से ऊपर पहुंचा बांग्लादेश

    अपडेटेड रैंकिंग में बांग्लादेश तीन स्थान ऊपर चढ़कर छठे नंबर पर पहुंच गया है। यह पहली बार है जब टीम टेस्ट रैंकिंग में नौवें स्थान से ऊपर पहुंची है। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने इसे टीम के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यदि टीम दूसरे टेस्ट में बेहतर क्रिकेट खेलती तो परिणाम और अच्छा हो सकता था।

    ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम रैंकिंग में शीर्ष पर बना हुआ है। दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर है, जबकि भारतीय टीम चौथे स्थान पर काबिज है।

    पाकिस्तान आठवें और श्रीलंका सातवें स्थान पर

    बांग्लादेश की छलांग से पाकिस्तान और श्रीलंका की रैंकिंग प्रभावित हुई है। श्रीलंका 76 रेटिंग के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पाकिस्तान 75 रेटिंग के साथ आठवें नंबर पर है। वेस्टइंडीज 74 रेटिंग लेकर नौवें स्थान पर मौजूद है। इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करने पर पाकिस्तान की रैंकिंग में और गिरावट आ सकती है।

  • ICC टेस्ट टीम रैंकिंग में बांग्लादेश छठे स्थान पर, पाकिस्तान आठवें नंबर पर खिसका

    ICC टेस्ट टीम रैंकिंग में बांग्लादेश छठे स्थान पर, पाकिस्तान आठवें नंबर पर खिसका

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर करने के बाद बांग्लादेश को आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में बड़ा फायदा हुआ है। टीम तीन स्थान की छलांग लगाकर छठे नंबर पर पहुंच गई है। वहीं पाकिस्तान 75 रेटिंग के साथ आठवें स्थान पर खिसक गया है।

    मैके में खेला गया सीरीज का दूसरा टेस्ट दो दिन के भीतर समाप्त हो गया। मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला पारी और 51 रन से जीता। बांग्लादेश ने सीरीज का पहला मैच अपने नाम किया था, जिसके कारण सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई।

    बांग्लादेश ने तीन स्थान की छलांग लगाई

    अपडेटेड टेस्ट टीम रैंकिंग में बांग्लादेश नौवें से छठे स्थान पर पहुंच गया है। यह पहली बार है जब टीम टेस्ट रैंकिंग में नौवें स्थान से ऊपर पहुंची है। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने इसे टीम के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने साथ ही कहा कि यदि टीम दूसरे टेस्ट में बेहतर क्रिकेट खेलती तो परिणाम और अच्छा हो सकता था।

    रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष स्थान पर कायम है। दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे नंबर पर है, जबकि भारतीय टीम चौथे स्थान पर बनी हुई है।

    पाकिस्तान और श्रीलंका को नुकसान

    बांग्लादेश के ऊपर आने से पाकिस्तान 75 रेटिंग के साथ आठवें स्थान पर पहुंच गया है। वेस्टइंडीज 74 रेटिंग लेकर नौवें नंबर पर है। इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करने की स्थिति में पाकिस्तान की रैंकिंग में और गिरावट हो सकती है। श्रीलंका भी एक स्थान नीचे खिसककर 76 रेटिंग के साथ सातवें नंबर पर पहुंच गया है।

  • पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस पर तीन दिन में कई बार पहुंचे तुर्की के C-130 विमान

    पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस पर तीन दिन में कई बार पहुंचे तुर्की के C-130 विमान

    पाकिस्तान में 19 से 21 अगस्त के बीच तुर्की वायुसेना के C-130 हरक्यूलिस सैन्य परिवहन विमानों की लगातार आवाजाही देखी गई। करीब 60 घंटे के दौरान इन विमानों ने तुर्की और पाकिस्तान के बीच कई उड़ानें भरीं। विमान रावलपिंडी के पास नूर खान एयरबेस और कराची के मसूर एयरबेस पर आते-जाते देखे गए। खुफिया इनपुट के मुताबिक, तीन दिनों तक जारी इस आवाजाही का पैटर्न सामान्य नहीं था।

    पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस पर तीन दिन में कई बार पहुंचे तुर्की के C-130 विमान

    ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति का संदेह

    उपलब्ध इनपुट में आशंका जताई गई है कि इन विमानों के माध्यम से पाकिस्तान को बड़ी संख्या में ड्रोन और उनसे जुड़े सिस्टम पहुंचाए गए हो सकते हैं। पाकिस्तान को HQ सीरीज का एयर डिफेंस सिस्टम मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, विमानों में ले जाए गए उपकरणों के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    तुर्की पहले भी पाकिस्तान को ड्रोन और अन्य सैन्य प्रणालियां उपलब्ध कराता रहा है। इनमें Bayraktar TB2 प्रमुख है। यह मध्यम ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने वाला टैक्टिकल ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल निगरानी और हमले से जुड़े अभियानों में किया जा सकता है।

    पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस पर तीन दिन में कई बार पहुंचे तुर्की के C-130 विमान

    ड्रोन क्षमता बढ़ाने की कोशिश

    खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान नए ड्रोन, लंबे समय तक उड़ान भरने वाले UAV और लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम हासिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। इनकी खरीद तुर्की और सऊदी अरब के साथ रक्षा सहयोग से जुड़ी व्यवस्थाओं के तहत किए जाने की बात कही गई है। इस प्रक्रिया में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की भूमिका भी बताई जा रही है। आर्थिक मुश्किलों के बावजूद पाकिस्तान द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से रक्षा खरीद को आगे बढ़ा रहा है।

    नूर खान और मसूर एयरबेस पर आवाजाही

    तुर्की के C-130 विमानों की नूर खान और मसूर एयरबेस पर बार-बार मौजूदगी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य ठिकाने हैं। उपलब्ध खुफिया इनपुट इस गतिविधि को ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम की संभावित आपूर्ति से जोड़ते हैं, लेकिन विमानों के वास्तविक माल के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

  • ईरान से जंग में 774 अमेरिकी सैन्यकर्मी हताहत, 18 की मौत और 756 घायल

    ईरान से जंग में 774 अमेरिकी सैन्यकर्मी हताहत, 18 की मौत और 756 घायल

    वॉशिंगटन में पेंटागन के सैन्य हताहत आंकड़ों के अनुसार, ईरान के साथ जंग में अब तक कुल 774 अमेरिकी सैन्यकर्मी हताहत हुए हैं। इनमें 18 सैनिकों की मौत हुई है, जबकि 756 घायल हुए हैं। यह संघर्ष छठे महीने में पहुंच गया है और हाल के दिनों में घायल सैनिकों की आधिकारिक सूची में बड़ी संख्या में नए नाम जोड़े गए हैं।

    घायल सैनिकों की संख्या बढ़ने की वजह

    पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच बड़े पैमाने पर लड़ाई नहीं हुई और दोनों पक्ष काफी हद तक युद्धविराम की स्थिति में रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल में जोड़े गए कुछ आंकड़े ऐसे सैनिकों से संबंधित हो सकते हैं, जिनकी चोट सैन्य मेडिकल सिस्टम में पहले दर्ज हो गई थी, लेकिन पेंटागन के आधिकारिक हताहत डेटाबेस में उसका रिकॉर्ड बाद में दिखाई दिया। इसलिए घायलों की संख्या बढ़ने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि हाल के दिनों में उतनी ही संख्या में नए हमले हुए हों।

    युद्धविराम खत्म, बड़े सैन्य अभियान शुरू नहीं

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में ईरान के साथ हुए 14 सूत्री समझौता ज्ञापन के तहत युद्धविराम की अवधि आगे नहीं बढ़ाई। युद्धविराम सोमवार को समाप्त हो गया, लेकिन इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान दोबारा शुरू नहीं हुए। हालांकि तनाव बरकरार है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विवाद का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। CNN ने बुधवार को घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या 750 के पार पहुंचने की जानकारी दी थी।

    28 फरवरी से 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत

    CNN की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन के डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम यानी DCAS में ‘Overseas Operations’ और ‘Operation Epic Fury’ के आंकड़ों को मिलाने पर पता चलता है कि 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका की ओर से युद्ध शुरू किए जाने के बाद से 18 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। पेंटागन ने पिछले महीने DCAS में ‘Overseas Operations’ नाम की नई श्रेणी बनाई थी, जिसमें 7 जुलाई से मारे गए और घायल हुए सैन्यकर्मियों के आंकड़े शामिल किए गए हैं।

    पेंटागन के आंकड़ों को लेकर सवाल

    पेंटागन ने नई श्रेणी के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है और यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि इसमें दर्ज हताहत किस संघर्ष से संबंधित हैं। हालांकि 7 जुलाई को ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को ‘वार पावर्स एक्ट’ के तहत भेजी सूचना में बताया था कि ईरान के साथ एक नया संघर्ष शुरू हुआ है। हाल के हफ्तों में अमेरिकी रक्षा विभाग के हताहत आंकड़ों पर सवाल भी उठे हैं, क्योंकि ईरान के हमले जारी रहने के बावजूद डेटाबेस में कुछ समय के लिए मृत और घायल सैनिकों की संख्या कम हो गई थी।

    होर्मुज को लेकर तनाव बरकरार

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ मौजूदा स्थिति को ‘अभी बहुत अच्छी’ बताया। हालांकि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव बना हुआ है और दोनों देश इस पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं।

  • Email Test/ स्मार्ट बिजली मीटर और चार गुना मुआवजे की मांग पर जन अभियान चलाएगी हिमाचल किसान सभा

    Email Test/ स्मार्ट बिजली मीटर और चार गुना मुआवजे की मांग पर जन अभियान चलाएगी हिमाचल किसान सभा

    हिमाचल किसान सभा की सुन्दर नगर इकाई ने आम जनता की सहमति के बिना स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का विरोध करने और प्रस्तावित रेल लाइन व फोरलेन परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के लिए चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर जन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह फैसला 23 अगस्त 2026 को युवक मंडल भवन, सलाह, सुन्दर नगर में आयोजित इकाई के सम्मेलन में लिया गया। सम्मेलन में उपमंडल की विभिन्न पंचायतों से करीब 60 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    सम्मेलन की अध्यक्षता सोहन सिंह चौहान, गुरिया राम और जगमेल ठाकुर के तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। किसान सभा के जिला अध्यक्ष कुशाल भरद्वाज ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के इतिहास और किसान आंदोलनों में उसकी भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 2020-21 के किसान आंदोलन और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मुद्दों का भी उल्लेख किया।

    सभा के सचिव रामजी दास ने पिछले तीन वर्षों की संगठनात्मक और गतिविधि रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि किसान सभा ने किसानों, बागवानों, दुग्ध उत्पादकों, भूमिहीनों, विस्थापन से प्रभावित परिवारों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर जनसंगठनों, किसान समितियों तथा स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर जनजागरूकता अभियान चलाए हैं। पूर्व अध्यक्ष परस राम ने भूमि, आजीविका और अधिकारों की रक्षा के साथ उचित मुआवजा, पुनर्वास, कृषि उत्पादों के लाभकारी मूल्य तथा सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता के लिए संगठित प्रयास पर जोर दिया।

    स्मार्ट मीटर और भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर अभियान

    नवनिर्वाचित अध्यक्ष जगमेल ठाकुर ने कहा कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने का किसान सभा विरोध करेगी। प्रस्तावित रेल लाइन और फोरलेन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों को उचित एवं चार गुना मुआवजा, ब्याज, पुनर्वास और अन्य अधिकार दिलाने की मांग को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सर्विस रोड और नालियों का निर्माण, स्थानीय लोगों को रोजगार, खाद की पर्याप्त उपलब्धता, आवारा पशुओं की समस्या का समाधान तथा सिंचाई और सड़क सुविधाओं में सुधार जैसे विषय भी अभियान में शामिल होंगे। किसान सभा टमाटर सहित प्रमुख फसलों के उचित समर्थन मूल्य और वर्ष 2023 व 2025 में बारिश से हुए नुकसान के उचित मुआवजे की मांग भी उठाएगी।

    नई कमेटी का गठन

    सम्मेलन में 15 सदस्यीय नई कमेटी के गठन की घोषणा की गई। जगमेल ठाकुर को अध्यक्ष, गंगा राम, सुरेंदर सेन और जोगिन्दर ठाकुर को उपाध्यक्ष, रामजी दास को सचिव तथा कपूर सिंह को कोषाध्यक्ष चुना गया। गुलाम रसूल, चमन चौधरी और प्रकाश ठाकुर को सह-सचिव बनाया गया। लाल सिंह ठाकुर, कश्मीर सिंह, श्याम लाल, हेमराज वालिया, रोशन लाल, लेख राज, खूब राम और लिलाधर राणा को कमेटी सदस्य चुना गया।

    जिला किसान सभा, मंडी की ओर से जोगिन्दर वालिया ने नवनिर्वाचित कमेटी को बधाई दी। उन्होंने सुन्दर नगर क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और किसानों व आम जनता की समस्याओं को लेकर व्यापक जन अभियान चलाने में हर संभव सहयोग देने की बात कही।

  • राजस्थान के सरकारी स्कूलों के कायाकल्प पर तीन साल में खर्च होंगे 12,500 करोड़ रुपए

    राजस्थान के सरकारी स्कूलों के कायाकल्प पर तीन साल में खर्च होंगे 12,500 करोड़ रुपए

    राजस्थान सरकार ने जर्जर और कमजोर आधारभूत ढांचे वाले सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए तीन वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक स्कूलों को सुरक्षित, सुविधायुक्त, आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने पर करीब 12,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत 3,587 नए विद्यालय भवनों के निर्माण पर करीब 2,487.75 करोड़ रुपए और 83,783 नए कक्षा-कक्षों पर 8,378.30 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान है। इसके अलावा 22,589 स्कूलों की बड़ी मरम्मत के लिए 1,129.45 करोड़ रुपए और 13,616 नए शौचालय परिसरों के लिए करीब 340.40 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

    सभी 41 जिलों में कराया गया तकनीकी सर्वे

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के सभी 41 जिलों में जिला कलेक्टरों के माध्यम से सरकारी स्कूल भवनों का तकनीकी सर्वे कराया गया। सर्वे में सामने आई जरूरतों के आधार पर तीन वित्तीय वर्षों की चरणबद्ध योजना बनाई गई है। सरकार के अनुसार पिछले पांच वर्षों में स्कूलों के आधारभूत ढांचे पर करीब 2,200 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।

    तत्काल जरूरतों से जुड़े 3,006.34 करोड़ रुपए के विकास कार्य अभी स्वीकृति या निविदा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें 518 नए विद्यालय भवनों के लिए 620 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं या टेंडर प्रक्रिया में हैं, जबकि 181 भवनों का निर्माण शुरू हो चुका है।

    विधायक निधि का 20 प्रतिशत शिक्षा पर होगा खर्च

    राज्य सरकार ने विधायक निधि को भी स्कूलों के आधारभूत ढांचे से जोड़ने का फैसला किया है। प्रत्येक विधायक को मिलने वाली पांच करोड़ रुपए की वार्षिक निधि में से 20 प्रतिशत राशि स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं पर खर्च की जाएगी। इसके तहत 894 नए विद्यालय भवनों के लिए करीब 600 करोड़ रुपए के प्रस्ताव नाबार्ड या वित्त विभाग से ऋण स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं।

    इसके साथ ही 2,906 नए कक्षा-कक्षों के लिए करीब 300 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत हैं और उन पर काम चल रहा है। बड़ी मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 550 करोड़ रुपए तथा शैक्षणिक, आवासीय एवं विशेष सुविधाओं के लिए 936.34 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

    रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल का निर्माण एक सितंबर से

    जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल के नए भवन का निर्माण एक सितंबर से शुरू होगा। इस स्कूल को 2025 में जर्जर घोषित किया गया था। नए भवन के लिए डीएमएफटी से 12 लाख रुपए और विधायक कोष से छह लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

    सरकार स्कूलों में डिजिटल सुविधाएं बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। दिसंबर 2026 तक इस मद में करीब 1,087 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत करीब पांच हजार स्मार्ट क्लास रूम, 80 हजार टैबलेट और सात हजार आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी।

    विज्ञान और विशेष शिक्षा पर भी ध्यान

    रोडमैप के तहत 614 नए विद्यालय भवनों का निर्माण और 2,750 स्कूलों में बड़ी मरम्मत के कार्य किए जाएंगे। कुल 2,256 विज्ञान प्रयोगशाला कक्षों के लिए 507.60 करोड़ रुपए और विशेष आवश्यकता वाले 1,239 विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

    योजना में पांच छात्रावासों, 13 डायट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 79 छात्रावास भवनों पर भी काम किया जाएगा। इन कार्यों के लिए 936.34 करोड़ रुपए का प्रावधान है। प्रदेश की पांच हजार ग्राम पंचायतों में करीब 750 करोड़ रुपए की लागत से अटल केंद्र भी बनाए जाएंगे।

  • गोल्डी बराड़ ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कराने का दावा किया

    गोल्डी बराड़ ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कराने का दावा किया

    गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने एक लीक ऑडियो में दावा किया है कि उसके गैंग ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की थी। ऑडियो में बराड़ ने आरोप लगाया कि निज्जर उन लोगों का समर्थन करता था, जो 16-17 साल के युवाओं से ड्रग्स बिकवाते थे और उन्हें मुखबिरी के लिए ब्लैकमेल करते थे।

    बराड़ के मुताबिक, निज्जर ऐसे लोगों को समर्थन और ताकत देता था ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। उसने दावा किया कि इसी वजह से उसने और उसकी टीम ने निज्जर की हत्या कराई। ऑडियो में बराड़ ने यह भी कहा कि हर किसी को अपने किए का नतीजा भुगतना पड़ता है।

    18 जून 2023 को हुई थी निज्जर की हत्या

    हरदीप सिंह निज्जर की हत्या 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर हुई थी। इस मामले को लेकर कनाडा की ओर से हत्या को भारतीय सरकारी एजेंटों से जोड़ने के आरोप लगाए गए थे, जिन्हें भारत खारिज करता रहा है। भारतीय पक्ष ने कहा था कि इन आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं दिए गए।

    गैंगवार की आशंका जताते रहे हैं भारतीय सूत्र

    इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, भारतीय एजेंसियां और अधिकारी लंबे समय से निज्जर की हत्या के पीछे गैंगवार और संगठित अपराध से जुड़ी गतिविधियों की आशंका जताते रहे हैं। भारतीय सूत्रों का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ नेटवर्क की भूमिका को लेकर अमेरिका में हुई कार्रवाई से इस आकलन को मजबूती मिली है।

  • Viakas Uniyal: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रंप ने बताया अमेरिका का ‘नया इलाका’, साझा किया मैप

    Viakas Uniyal: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रंप ने बताया अमेरिका का ‘नया इलाका’, साझा किया मैप

    TEST POST अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता टूटने के बाद जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी दावे से जुड़ा एक मैप साझा किया है। उन्होंने इसे अमेरिका का ‘नया इलाका’ बताया। ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर मैप साझा करते हुए लिखा, “न्यूज़ U.S. टेरिटरी। होर्मुज स्ट्रेट।” उनके इस दावे से मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है।

    पहले भी कर चुके हैं घोषणा

    इससे पहले ट्रंप ने 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जल्द अमेरिका का इलाका घोषित किया जाएगा। इसके बाद 18 अगस्त को उन्होंने यही तस्वीर साझा करते हुए अपना दावा दोहराया था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच विवाद रहा है। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि तेहरान को इसे दोबारा खोलना होगा, जबकि ईरान ने कहा था कि होर्मुज उसके नियंत्रण में रहेगा। ईरान ने ट्रंप के दावों की आलोचना करते हुए गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी है।

    ईरान ने रखीं अपनी शर्तें

    ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि तेहरान तब तक होर्मुज को दोबारा नहीं खोलेगा, जब तक अमेरिका अपने कमिटमेंट्स पूरे नहीं करता और अपना व्यवहार नहीं बदलता। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार रेज़ाई ने कहा, “स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ बंद है और फिर से नहीं खुलेगा। अगर अमेरिका अपना बर्ताव बदलता है और अपने कमिटमेंट्स पूरे करता है, तो फिर समीकरण बदलेंगे, लेकिन इस बार अमेरिका को एक्शन लेना होगा। इसे बातों और बातचीत से हल नहीं किया जा सकता।”

    ईरान युद्ध से पहले दुनिया में कारोबार किए जाने वाले तेल का पांचवां हिस्सा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरता था। युद्ध शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य अन्य यातायात के लिए काफी हद तक बंद है। ईरान चाहता है कि अमेरिका नाकेबंदी हटाए, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दे, आर्थिक प्रतिबंध खत्म करे और जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करे। ट्रंप की नई घोषणा के बाद क्षेत्र में टकराव बढ़ने के आसार जताए गए हैं।

  • बातचीत नाकाम, कनाडा के 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका

    बातचीत नाकाम, कनाडा के 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका

    अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया है। अंतिम दौर की बातचीत में समझौता नहीं होने के बाद अमेरिका करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी में है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि कनाडा इस सप्ताह की शुरुआत में तय शर्तों के आधार पर व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तैयार नहीं हुआ।

    अमेरिका का दावा है कि उसने कनाडा को प्रमुख निर्यातकों में सबसे बेहतर व्यापारिक शर्तें देने की पेशकश की थी। दूसरी ओर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी प्रस्ताव में अंतिम समय पर किए गए बदलावों को अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदायक बताया। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से किसी भी समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

    20 अरब डॉलर के उत्पाद होंगे प्रभावित

    प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ से कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के उत्पाद प्रभावित होंगे। इनमें हॉकी स्टिक से लेकर चिकित्सा उपयोग में आने वाले टंग डिप्रेसर तक कई तरह का सामान शामिल है। यह टैरिफ कनाडा से अमेरिका को होने वाले कुल निर्यात के लगभग पांच प्रतिशत हिस्से को प्रभावित करेगा।

    दोनों देशों के बीच 880 अरब डॉलर का कारोबार

    अमेरिका और कनाडा के बीच पिछले साल करीब 880 अरब डॉलर के सामान और सेवाओं का व्यापार हुआ था। ऐसे में प्रस्तावित टैरिफ का असर संबंधित कंपनियों के साथ दोनों देशों के आर्थिक और राजनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है।

    बातचीत के लिए तीन दिन बढ़ाई गई थी समयसीमा

    अमेरिका ने पहले इन टैरिफ को बुधवार रात 12:01 बजे से लागू करने की योजना बनाई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के लिए अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से समयसीमा तीन दिन बढ़ा दी थी। इसके बावजूद अंतिम दौर की वार्ता में कोई समझौता नहीं हो सका और कनाडाई निर्यातकों पर 50 प्रतिशत टैरिफ का खतरा बना हुआ है।