चित्रकूट के पहाड़ी इलाकों में 36 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर पहुंच गया। बाढ़ का पानी रामघाट स्थित बड़ा मठ मंदिर में घुसने लगा, जिससे वहां मौजूद पुजारी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
डीएम और एसपी ने पुजारी से बाहर आने की अपील की
जान के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने पुजारी से मंदिर से बाहर आने की गुहार लगाई। दोनों अधिकारी हाथ जोड़कर उनसे सुरक्षित स्थान पर जाने का अनुरोध करते रहे, लेकिन पुजारी ने मंदिर छोड़ने से इनकार कर दिया।
पुजारी ने कहा, ‘भगवान को अकेला कैसे छोड़ दूं?’ इसके बाद भी वह बाढ़ के पानी से घिरे मंदिर में ही मौजूद रहे।

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