उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने सोमवार को लखनऊ में अलग-अलग बैठकें बुलाई हैं। तीनों दल संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने पर मंथन कर रहे हैं। बीजेपी का जोर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर है, जबकि सपा मतदाता सूची और बसपा अपने सामाजिक आधार एवं संगठन के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
बीजेपी की सेवा संकल्प अभियान कार्यशाला
बीजेपी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला आयोजित कर रही है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के शामिल होने की जानकारी है। कार्यशाला में करीब 700 पदाधिकारियों के साथ सभी जिलाध्यक्षों, सांसदों और विधायकों को बुलाया गया है। प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन में शामिल उत्तर प्रदेश के नेता भी इसमें भाग लेंगे।
बीजेपी का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाना, संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करना और मिशन 2027 के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना है। बैठक में पार्टी और सरकार के कामकाज के साथ आगामी राजनीतिक अभियानों को जमीन पर उतारने की रणनीति पर चर्चा होगी। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक जिले से पांच पदाधिकारियों के अलावा सभी मोर्चों के अध्यक्ष तथा हर जिले से एक विधायक और एक सांसद को बुलाया गया है।
बसपा का संगठन और सामाजिक आधार पर जोर
बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इसमें संगठन को मजबूत करने, पार्टी की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी। विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संभावित प्रत्याशियों के चयन और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने के मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा।
बसपा 2027 के चुनाव से पहले अपने पुराने सामाजिक आधार को फिर मजबूत करने की कोशिश कर रही है। बैठक में जिलाध्यक्षों से जमीनी स्थिति की रिपोर्ट लेकर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है। अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद पार्टी नए युवाओं को कैडर से जोड़ने और अपने परंपरागत वोट बैंक के साथ ब्राह्मण एवं मुस्लिम वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। संभावित प्रत्याशियों यानी विधानसभा प्रभारियों के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।
सपा की बैठक में मतदाता सूची पर फोकस
समाजवादी पार्टी ने लखनऊ स्थित अपने कार्यालय में सभी जिला और महानगर अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ तकनीकी तैयारियों पर भी जोर दिया गया है। सभी विधानसभा क्षेत्रों से कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले और फॉर्म-6 भरने के काम से जुड़े एक-एक प्रतिनिधि को इसमें शामिल किया गया है।
सपा मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने और संशोधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर बूथ स्तर पर अपनी तैयारी मजबूत कर रही है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से आईटी विशेषज्ञों और फॉर्म-6 से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाना पार्टी की इसी रणनीति का हिस्सा है। तीनों प्रमुख दलों की इन बैठकों ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है।

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