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  • कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच स्कूलों के उन्नयन को मंजूरी

    कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच स्कूलों के उन्नयन को मंजूरी

    धर्मशाला में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिले में छह नए स्कूल भवनों का निर्माण प्रगति पर है, जबकि पांच मौजूदा स्कूलों को मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में उन्नत करने की स्वीकृति मिली है।

    उपायुक्त कार्यालय के एनआईसी कक्ष में लोक निर्माण और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में हेमराज बैरवा ने कहा कि स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ पेयजल, विद्युत, शौचालय और फायर फाइटिंग सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

    छह स्थानों पर नए स्कूल भवन निर्माणाधीन

    उपायुक्त ने जवाली विधानसभा क्षेत्र के थांगर, ज्वालामुखी के लाहड़ू, पालमपुर के कमलेहड़, नगरोटा बगवां के रन्हूं, फतेहपुर के मंझार और जयसिंहपुर के सोलवनेहर में निर्माणाधीन छह राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के भवनों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इन कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    बैठक में पांच मौजूदा स्कूलों के उन्नयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें जसवां-प्रागपुर का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला बेहड़ तथा शाहपुर के रैत, इंदौरा, देहरा और धर्मशाला के स्कूल शामिल हैं।

    समयबद्ध कार्य और विभागीय समन्वय पर जोर

    हेमराज बैरवा ने कहा कि मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण और उन्नयन कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।

    बैठक में उपनिदेशक उच्च शिक्षा अजय संबयाल ने योजना के तहत जिले में निर्माणाधीन और उन्नयन किए जा रहे स्कूलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधीशासी अभियंता केसी राणा, विनय मेहरा, बीएस ठाकुर, विवेक शर्मा, राजीव कुमार, मनोहर लाल शर्मा, विजय कुमार वर्मा, विनीत कुमार, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य राम किशन, राजीव सेठी, पवन राणा, श्याम, शमशेर सिंह, नरेश कुमार, गिरीश शांडिल्य और नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा सुधीर भाटिया उपस्थित रहे।

  • चम्बा में प्रायोजन योजना के तहत 22 नए बच्चों के मामले मंजूर

    चम्बा में प्रायोजन योजना के तहत 22 नए बच्चों के मामले मंजूर

    चम्बा में उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में 2 सितंबर को मिशन वात्सल्य के तहत प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति की बैठक हुई। समिति ने पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा के बाद 22 नए बच्चों को प्रायोजन योजना का लाभ देने संबंधी मामलों को मंजूरी दी।

    बैठक में बच्चों को दी जा रही आर्थिक एवं सामाजिक सहायता, प्रायोजन योजना के तहत पात्र बच्चों को लाभान्वित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, कल्याण और समुचित विकास के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

    वर्तमान में 92 बच्चों को मिल रहा लाभ

    जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रायोजन कार्यक्रम के तहत 92 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना का लाभ ले रहे 26 बच्चों के संबंध में बाल कल्याण समिति द्वारा लाभ समाप्त किए जाने के मामलों से भी समिति को अवगत कराया गया।

    उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से बाहर किए गए बच्चों में से पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ‘सुख आश्रय’ अथवा ‘सुख शिक्षा’ योजना से लाभान्वित करने की संभावनाओं पर जरूरी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पात्र बच्चों की पहचान प्रक्रिया को मजबूत करने, सभी मामलों की नियमित समीक्षा करने और सहायता की निरंतरता सुनिश्चित करने को भी कहा।

    69 बच्चों को आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर चर्चा

    बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 69 बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपायुक्त ने पात्र बच्चों को नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बजट की उपलब्धता के लिए महिला एवं बाल विकास निदेशालय के साथ पत्राचार करने को भी कहा गया।

    उपायुक्त ने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और बाल हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश राम, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष युगल किशोर मरवाह, बाल संरक्षण अधिकारी रिंकू शर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • चंबा में बाढ़ से जुड़ी वित्तीय संवेदनशीलता पर परामर्श कार्यशाला आयोजित

    चंबा में बाढ़ से जुड़ी वित्तीय संवेदनशीलता पर परामर्श कार्यशाला आयोजित

    चंबा में 2 सितंबर को उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण पैदा होने वाली वित्तीय संवेदनशीलता को कम करने के विषय पर विशेष परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में हुई कार्यशाला में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रेलिया और क्रेया यूनिवर्सिटी चेन्नई के विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

    बाढ़ प्रभावित परिवारों की आजीविका पर चर्चा

    कार्यशाला में बाढ़ प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति, उनकी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव, आपदा के बाद दीर्घकालिक पुनर्बहाली और भविष्य की आपदाओं से निपटने की क्षमता मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। परियोजना का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को राहत और पुनर्बहाली तक सीमित न रखकर पूर्व तैयारी, वित्तीय सुरक्षा, आजीविका की निरंतरता और दीर्घकालिक आपदा-लचीलापन मजबूत करना है।

    उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने विशेषज्ञों को जिले की भौगोलिक परिस्थितियों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पूर्व तैयारी और जोखिम की पहचान आवश्यक है। वैज्ञानिक अध्ययन और स्थानीय जानकारी के समुचित उपयोग से प्रभावित परिवारों की वित्तीय एवं सामाजिक संवेदनशीलता कम करने और उनकी पुनर्बहाली क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

    जिले से जुड़ी जानकारी साझा की

    अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने विशेषज्ञों के साथ जिले में बाढ़ से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सहायक अभियंता जल शक्ति गौरव कुमार ने चंबा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उठाए जा रहे विभागीय कदमों की जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ. सागर, डॉ. सवीना, प्रो. दीपा सरकार, येसमीन, वरिष्ठ शोधकर्ता देवोपरना पोंडर और ऋतुराज महंता सहित विभिन्न विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

  • कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच के उन्नयन को मंजूरी

    कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच के उन्नयन को मंजूरी

    धर्मशाला में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण और उन्नयन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा निर्माण की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    बैठक में बताया गया कि कांगड़ा जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में नए मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के भवनों का निर्माण प्रगति पर है। इसके साथ ही जिले के पांच मौजूदा स्कूलों को मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में उन्नत करने की स्वीकृति दी गई है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा।

    छह स्थानों पर बन रहे नए स्कूल भवन

    उपायुक्त ने जवाली विधानसभा क्षेत्र के थांगर, ज्वालामुखी के लाहड़ू, पालमपुर के कमलेहड़, नगरोटा बगवां के रन्हूं, फतेहपुर के मंझार और जयसिंहपुर के सोलवनेहर में निर्माणाधीन छह नए राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के भवनों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इन निर्माण कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

    पांच मौजूदा स्कूलों का होगा उन्नयन

    बैठक में जसवां-प्रागपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला बेहड़ के साथ शाहपुर के रैत, इंदौरा, देहरा और धर्मशाला के स्कूलों के उन्नयन पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ पेयजल, विद्युत, शौचालय और फायर फाइटिंग सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

    हेमराज बैरवा ने कहा कि मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्माण और उन्नयन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

    उपनिदेशक उच्च शिक्षा अजय संबयाल ने योजना के तहत जिले में निर्माणाधीन और उन्नयन किए जा रहे स्कूलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य और नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा भी उपस्थित रहे।

  • चम्बा में प्रायोजन योजना के तहत 22 नए बच्चों के मामले अनुमोदित

    चम्बा में प्रायोजन योजना के तहत 22 नए बच्चों के मामले अनुमोदित

    चम्बा में उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में 2 सितंबर को मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें बच्चों को दी जा रही आर्थिक एवं सामाजिक सहायता, प्रायोजन योजना के तहत पात्र बच्चों को लाभ देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई।

    उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, कल्याण और समुचित विकास के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र बच्चों की पहचान प्रक्रिया मजबूत करने, सभी मामलों की नियमित समीक्षा करने और सहायता की निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और बाल हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पात्र बच्चों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध करवाने को कहा।

    प्रायोजन कार्यक्रम से 92 बच्चे लाभान्वित

    जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रायोजन कार्यक्रम के अंतर्गत 92 बच्चों को लाभ दिया जा रहा है। योजना से लाभान्वित 26 बच्चों का लाभ समाप्त किए जाने से संबंधित बाल कल्याण समिति के मामलों की जानकारी भी बैठक में रखी गई।

    उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से बाहर किए गए बच्चों में से पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ‘सुख आश्रय’ या ‘सुख शिक्षा’ योजना का लाभ देने की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

    22 नए मामलों को मिला अनुमोदन

    बैठक में 22 नए बच्चों को प्रायोजन योजना का लाभ देने से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। समिति ने पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सभी 22 नए मामलों को अनुमोदित कर दिया।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 69 बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने पात्र बच्चों को नियमानुसार और समयबद्ध रूप से सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बजट की उपलब्धता के लिए महिला एवं बाल विकास निदेशालय के साथ पत्राचार करने को भी कहा।

    बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश राम, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति युगल किशोर मरवाह, बाल संरक्षण अधिकारी रिंकू शर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • चंबा में बाढ़ प्रभावित परिवारों की वित्तीय संवेदनशीलता कम करने पर कार्यशाला

    चंबा में बाढ़ प्रभावित परिवारों की वित्तीय संवेदनशीलता कम करने पर कार्यशाला

    चंबा में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों की वित्तीय संवेदनशीलता कम करने के विषय पर विशेष परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में हुई कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने की।

    कार्यशाला में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रेलिया और क्रेया यूनिवर्सिटी चेन्नई के विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति, आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव, आपदा के बाद दीर्घकालिक पुनर्बहाली और भविष्य की आपदाओं से निपटने की क्षमता मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

    पूर्व तैयारी और जोखिम की पहचान पर जोर

    उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने विशेषज्ञों को जिले की भौगोलिक परिस्थितियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान कम करने के लिए पूर्व तैयारी और जोखिम की पहचान आवश्यक है। वैज्ञानिक अध्ययन और स्थानीय जानकारी के समुचित उपयोग से प्रभावित परिवारों की वित्तीय एवं सामाजिक संवेदनशीलता कम करने और उनकी पुनर्बहाली क्षमता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

    परियोजना का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को केवल राहत और पुनर्बहाली तक सीमित न रखते हुए पूर्व तैयारी, वित्तीय सुरक्षा, आजीविका की निरंतरता और दीर्घकालिक आपदा-लचीलापन मजबूत करना है।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय कदमों की जानकारी

    अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने विशेषज्ञों के साथ जिले में बाढ़ से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सहायक अभियंता जल शक्ति गौरव कुमार ने चंबा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उठाए जा रहे विभागीय कदमों की जानकारी दी।

    कार्यशाला में डॉ. सागर, डॉ. सवीना, प्रो. दीपा सरकार, येसमीन, वरिष्ठ शोधकर्ता देवोपरना पोंडर और ऋतुराज महंता सहित विभिन्न विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

  • कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच के उन्नयन को मंजूरी

    कांगड़ा में छह मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी, पांच के उन्नयन को मंजूरी

    धर्मशाला में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    बैठक में बताया गया कि जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में नए मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा पांच मौजूदा स्कूलों को मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में उन्नत करने की स्वीकृति दी गई है।

    मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

    उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ पेयजल, बिजली, शौचालय और अग्निशमन सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

    उन्होंने जवाली विधानसभा क्षेत्र के थांगर, ज्वालामुखी के लाहड़ू, पालमपुर के कमलेहड़, नगरोटा बगवां के रन्हूं, फतेहपुर के मंझार और जयसिंहपुर के सोलवनेहर में निर्माणाधीन छह नए राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल भवनों की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    पांच मौजूदा स्कूलों के उन्नयन पर चर्चा

    बैठक में जसवां-प्रागपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला बेहड़, शाहपुर के रैत, इंदौरा, देहरा और धर्मशाला के स्कूलों को मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में उन्नत करने के कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

    हेमराज बैरवा ने कहा कि मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्माण एवं उन्नयन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।

    बैठक में उपनिदेशक उच्च शिक्षा अजय संबयाल ने जिले में निर्माणाधीन और उन्नयन किए जा रहे स्कूलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधीशासी अभियंता केसी राणा, विनय मेहरा, बीएस ठाकुर, विवेक शर्मा, राजीव कुमार, मनोहर लाल शर्मा, विजय कुमार वर्मा, विनीत कुमार, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य राम किशन, राजीव सेठी, पवन राणा, श्याम, शमशेर सिंह, नरेश कुमार, गिरीश शांडिल्य और नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा सुधीर भाटिया उपस्थित रहे।

  • IND vs AFG T20 सीरीज: श्रेयस अय्यर के सामने तीन ओपनरों में से दो चुनने की चुनौती

    IND vs AFG T20 सीरीज: श्रेयस अय्यर के सामने तीन ओपनरों में से दो चुनने की चुनौती

    भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए बीसीसीआई ने भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। श्रेयस अय्यर को एक बार फिर टीम की कमान सौंपी गई है। स्क्वाड में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन के रूप में तीन सलामी बल्लेबाज शामिल हैं, जिससे कप्तान के सामने प्लेइंग इलेवन में दो ओपनरों को चुनने की चुनौती होगी।

    अफगानिस्तान की टीम भारत दौरे पर 13 से 17 सितंबर तक तीन टी20 मैच खेलेगी। मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होंगे, जबकि सीरीज की मेजबानी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड करेगा। टीम में संजू सैमसन की वापसी हुई है। भारत और जिम्बाब्वे के बीच पिछली टी20 सीरीज में सैमसन टीम से बाहर थे और उनकी जगह प्रभसिमरन सिंह को शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में अवसर नहीं मिला था।

    ओपनिंग संयोजन पर करना होगा फैसला

    अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी पहले से टीम में हैं, जबकि संजू सैमसन की वापसी के बाद सलामी बल्लेबाजी के तीन विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। अभिषेक शर्मा आईसीसी टी20 रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं। संजू सैमसन ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में प्रभावशाली बल्लेबाजी की थी, जबकि युवा वैभव सूर्यवंशी को बीसीसीआई आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में 13 सितंबर को होने वाले पहले मुकाबले में तीन में से किन दो खिलाड़ियों को ओपनिंग का मौका मिलता है, इस पर नजर रहेगी।

    अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय टीम

    श्रेयस अय्यर, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा। नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह और हर्षित राणा का चयन फिटनेस मंजूरी के अधीन है।

    https://twitter.com/BCCI/status/2094755984770224596
  • IIT मंडी की स्टडी में 9 से 12 ग्लेशियर झीलें गंभीर खतरे की श्रेणी में

    IIT मंडी की स्टडी में 9 से 12 ग्लेशियर झीलें गंभीर खतरे की श्रेणी में

    आईआईटी मंडी की एक स्टडी में हिमाचल प्रदेश की 9 से 12 ग्लेशियर झीलों को गंभीर खतरे वाली श्रेणी में रखे जाने की बात सामने आई है। अध्ययन के अनुसार ग्लेशियर पिघलने से इन झीलों का दायरा बढ़ रहा है और इनके टूटने पर ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) जैसी घटनाओं का खतरा पैदा हो सकता है।

    एक दशक में 30 से 60 फीसदी बढ़ा आकार

    आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ सिविल एंड एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर और संस्थापक चेयरपर्सन डेरिक्स पी. शुक्ला के अनुसार हिमाचल में ग्लेशियरों से बनी कई झीलों का आकार पिछले 10 वर्षों में 30 से 60 फीसदी तक बढ़ा है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने राज्य की 2,000 से अधिक झीलों पर शोध करने के साथ कई ग्लेशियरों का अध्ययन किया है। दो तरह के सर्वे के आधार पर 9 से 12 झीलों को गंभीर स्थिति में माना जा सकता है।

    NDMA ने चार झीलों पर तत्काल ध्यान देने को कहा

    शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने हिमाचल प्रदेश की चार ग्लेशियर झीलों की पहचान की है, जो भविष्य में खतरा बन सकती हैं। इनमें घेपन झील, वासुकी झील, काशांग झील और बास्पा के पास स्थित एक झील शामिल है। उनके अनुसार इन झीलों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

    अध्ययन में आम लोगों के लिए घेपन झील, योचे और काली कुंड से अधिक खतरा बताया गया है, क्योंकि इनमें लगातार बदलाव हो रहे हैं और इनका आकार हर साल बढ़ रहा है। वासुकी झील के आकार में भी बदलाव दर्ज किया गया है, लेकिन इसके नीचे कई किलोमीटर तक मानव बस्तियां नहीं होने के कारण इससे जुड़ा खतरा अपेक्षाकृत कम बताया गया है।

    पर्यटन, प्रदूषण और धूल से बढ़ रही चिंता

    शुक्ला के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन और प्रदूषण के कारण भी ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। वाहनों की आवाजाही और मानवीय गतिविधियों से निकलने वाला कार्बन तथा धूल ग्लेशियरों पर जमा होकर बर्फ की सतह पर काली परत बना देते हैं। यह परत सूर्य की ऊर्जा अधिक अवशोषित करती है, जिससे बर्फ पिघलने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में कनेक्टिविटी के प्रयास नियंत्रित तरीके से किए जाने चाहिए। सुरंगों के निर्माण के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में पूरे वर्ष पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे ग्लेशियरों पर प्रदूषण और धूल जमा हो रही है।

    पर्माफ्रॉस्ट पिघलने से अस्थिर हो सकती है जमीन

    हिमालयी क्षेत्र में पर्माफ्रॉस्ट भी मौजूद है। यह धरती के नीचे चट्टान, मिट्टी और रेत की लगातार जमी रहने वाली परत होती है। तापमान बढ़ने पर इसके पिघलने से ऊपरी परत अस्थिर हो सकती है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

    नेपाल की बाढ़ के बाद बढ़ी अध्ययन की अहमियत

    यह अध्ययन नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ की पृष्ठभूमि में सामने आया है। वैज्ञानिकों की एक थ्योरी के अनुसार ग्लेशियर का एक हिस्सा ल्हेंदे खोला नदी में गिरने से कृत्रिम झील बनी और उसके टूटने से पानी का प्रवाह भोटेकोशी नदी तक पहुंचा। इस घटना के बाद जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को निकालने के प्रयास जारी बताए गए हैं।

  • ‘हनुमान अंश’ ने 26वें दिन कमाए 8.50 करोड़ रुपये, दैनिक कमाई में ‘टॉक्सिक’ को पछाड़ा

    ‘हनुमान अंश’ ने 26वें दिन कमाए 8.50 करोड़ रुपये, दैनिक कमाई में ‘टॉक्सिक’ को पछाड़ा

    आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के चौथे सप्ताह में बॉक्स ऑफिस पर रफ्तार पकड़ी है। ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने 26वें दिन भारत में 8.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसी दिन यश की एक्शन-थ्रिलर ‘टॉक्सिक’ ने 8.20 करोड़ रुपये कमाए।

    26वें दिन कमाई में 54.55 फीसदी बढ़ोतरी

    ‘हनुमान अंश’ ने 25वें दिन 5.50 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि अगले दिन इसका नेट कलेक्शन बढ़कर 8.50 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह फिल्म की दैनिक कमाई में करीब 54.55 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शुरुआती दिनों में लाखों रुपये का कारोबार करने वाली यह फिल्म अब प्रतिदिन करोड़ों रुपये जुटा रही है।

    भारत में कुल नेट कलेक्शन 54.13 करोड़ रुपये

    सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने 26 दिनों में भारत में कुल 54.13 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। इसका इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 63.82 करोड़ रुपये बताया गया है। फिल्म ने पहले सप्ताह में 1.08 करोड़ और दूसरे सप्ताह में 40 लाख रुपये कमाए थे। तीसरे सप्ताह में इसका कलेक्शन बढ़कर 10.40 करोड़ रुपये हो गया, जबकि चौथे सप्ताह में इसकी कमाई ने और तेजी पकड़ी।

    ‘टॉक्सिक’ का सात दिनों का कारोबार

    यश अभिनीत ‘टॉक्सिक’ 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और फिल्म ने पहले दिन 101 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन किया। दूसरे दिन इसने 37.65 करोड़, तीसरे दिन 27.20 करोड़, चौथे दिन 25.15 करोड़, पांचवें दिन 23 करोड़ और छठे दिन 7.65 करोड़ रुपये कमाए। सातवें दिन इसका कलेक्शन 8.20 करोड़ रुपये रहा।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ‘टॉक्सिक’ अब तक भारत में 229.95 करोड़ रुपये का नेट और 272.80 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर चुकी है। विदेशों में फिल्म ने 40 करोड़ रुपये से अधिक कमाए हैं, जबकि इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 313.55 करोड़ रुपये बताया गया है।

    यश को फिल्म जगत से मिला समर्थन

    ‘टॉक्सिक’ की दैनिक कमाई में गिरावट के बीच फिल्म और यश को दक्षिण भारतीय सिनेमा से लेकर बॉलीवुड तक समर्थन मिला है। ‘धुरंधर’ के निर्देशक आदित्य धर ने एक पोस्ट के माध्यम से फिल्म और यश का समर्थन किया। उनसे पहले कन्नड़ अभिनेता किच्चा सुदीप ने भी ‘टॉक्सिक’ जैसी फिल्म बनाने का जोखिम उठाने के लिए यश की सराहना की थी।