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  • पूर्व बर्धमान में दो महिलाओं का आधार नंबर समान होने का दावा, एक के खाते से निकले 27 हजार रुपये

    पूर्व बर्धमान में दो महिलाओं का आधार नंबर समान होने का दावा, एक के खाते से निकले 27 हजार रुपये

    पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में दो अलग-अलग महिलाओं का नाम और 12 अंकों वाला आधार नंबर एक समान होने का दावा सामने आया है। आरोप है कि पलाशन गांव की एक महिला ने अपने फिंगरप्रिंट से 27 हजार रुपये निकाले, लेकिन यह राशि खंडघोष ब्लॉक के बादुलिया गांव में रहने वाली इसी नाम की दूसरी महिला के बैंक खाते से कट गई।

    तीन दिनों में निकाले गए 27 हजार रुपये

    जानकारी के अनुसार, रायना-1 ब्लॉक के पलाशन गांव की झर्णा दास 10 जुलाई को आधार कार्ड लेकर पलाशन बाजार स्थित साबिर मोबाइल प्वाइंट के सीएसपी पहुंची थीं। उन्होंने अपने आधार नंबर और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर 10, 11 और 12 जुलाई को कुल 27 हजार रुपये निकाले। इसके बाद 3 अगस्त को कथित तौर पर आरबीआई की ओर से संबंधित सीएसपी का अकाउंट बंद कर दिया गया।

    सीएसपी संचालक शेख जाहिरुल ने संबंधित अधिकारियों और अपनी कंपनी से संपर्क किया। उन्हें बताया गया कि उनके सीएसपी के माध्यम से 27 हजार रुपये की धोखाधड़ी हुई है। जाहिरुल ने पलाशन की झर्णा दास से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि वह स्वयं सीएसपी गई थीं और अपने आधार नंबर तथा फिंगरप्रिंट से पैसे निकाले थे।

    दूसरी महिला के बैंक खाते से कटी राशि

    मामले की पड़ताल में पता चला कि सीएसपी से निकाली गई रकम खंडघोष के बादुलिया गांव की निवासी एक अन्य झर्णा दास के बैंक खाते से काटी गई थी। इसके बाद जाहिरुल ने बादुलिया स्थित वेस्ट बंगाल ग्रामीण बैंक की शाखा से संपर्क किया। वहां कथित तौर पर सामने आया कि बादुलिया और पलाशन की दोनों महिलाओं के आधार नंबर के सभी 12 अंक एक समान हैं।

    मामले की जानकारी दोनों पक्षों को दी गई। 3 सितंबर को दोनों महिलाएं वेस्ट बंगाल ग्रामीण बैंक की बादुलिया शाखा पहुंचीं। बातचीत के बाद पलाशन की झर्णा दास ने बादुलिया की झर्णा दास के खाते में 27 हजार रुपये जमा कर दिए।

    राशि वापस जमा होने के बावजूद दो अलग-अलग महिलाओं के साथ एक ही आधार नंबर जुड़े होने का दावा और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद दूसरी महिला के बैंक खाते से पैसे कटने का मामला सवालों के घेरे में है।

  • पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना-गया रेल लाइन की 10 मेमू ट्रेनें रद्द

    पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना-गया रेल लाइन की 10 मेमू ट्रेनें रद्द

    बिहार में भारी बारिश के कारण कई जिले प्रभावित हैं। राजधानी पटना में पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से रेल यातायात पर भी असर पड़ा है। पुनपुन और परसा बाजार रेलवे स्टेशनों के बीच ब्रिज नंबर-21 पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। इसके चलते सोमवार, 7 सितंबर को चलने वाली 10 मेमू ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया गया है।

    पटना-गया रेल लाइन पर स्थित है ब्रिज नंबर-21

    पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, रद्द की गई सभी ट्रेनें पुनपुन और परसा बाजार रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित ब्रिज नंबर-21 से होकर गुजरती हैं। पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इस ब्रिज को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।

    यह रेल खंड पटना-गया रेल लाइन पर स्थित है और पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर रेल डिविजन के अधिकार क्षेत्र में आता है। ब्रिज पर ट्रेनों की आवाजाही रोके जाने के कारण संबंधित मेमू सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

  • भ्रामक खबरों के आरोप में सुधीर शर्मा ने अखबारों और पोर्टलों को भेजे कानूनी नोटिस

    भ्रामक खबरों के आरोप में सुधीर शर्मा ने अखबारों और पोर्टलों को भेजे कानूनी नोटिस

    धर्मशाला के विधायक एवं भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने जमीन की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में प्रकाशित कुछ खबरों पर आपत्ति जताते हुए संबंधित समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पोर्टलों को कानूनी नोटिस भेजे हैं। उनका आरोप है कि मामले में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति को उनका करीबी, कुक या ड्राइवर बताकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया।

    सुधीर शर्मा ने कहा कि जांच के बीच प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं और उनसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक रंजिश के कारण उन्हें निशाना बनाने का आरोप भी लगाया। शर्मा के मुताबिक, पहले उनके घर और बैंक खातों की पड़ताल हो चुकी है तथा चुनाव के दौरान उन्होंने हलफनामे में अपनी संपत्ति और वित्तीय विवरण सार्वजनिक किए थे।

    भ्रामक खबरों के आरोप में सुधीर शर्मा ने अखबारों और पोर्टलों को भेजे कानूनी नोटिस

    उन्होंने कहा कि उनका परिवार पांच दशक से राजनीति में सक्रिय है और इससे पहले उन पर इस तरह के आरोप नहीं लगे। प्रेस नोट के अनुसार, प्रदेश के भाजपा नेताओं ने भी सुधीर शर्मा के खिलाफ कथित भ्रामक प्रचार की निंदा की है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि राजनीतिक रंजिश के कारण विधायक को निशाना बनाए जाने पर जन आंदोलन किया जाएगा।

    मानहानि का मामला दर्ज कराने की बात

    सुधीर शर्मा ने कहा कि उन्होंने संबंधित अखबारों और पोर्टलों को कानूनी नोटिस भेज दिए हैं। कथित भ्रामक प्रेस नोट भेजे जाने के मामले में इस्तेमाल मोबाइल नंबर को लेकर भी शिकायत दर्ज करवाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करवाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया

    विधायक ने कहा कि कानून सबके लिए समान है और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ने और मामले से जुड़े तथ्य प्रदेश की जनता के सामने रखने की बात कही। साथ ही दावा किया कि विजिलेंस ने अभी तक मामले में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है।

  • भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ठाकुर द्वारा मंदिर भदसाली अप्पर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं विशाल संत सम्मेलन में भाग लिया। यह धार्मिक आयोजन 29 अगस्त से 5 सितंबर तक आयोजित किया गया।

    भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    मंदिर और सामुदायिक भवन के लिए धनराशि की घोषणा

    उप मुख्यमंत्री ने ठाकुर द्वारा मंदिर भदसाली अप्पर के विकास के लिए प्रथम चरण में 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास एवं सौंदर्यीकरण पर कुल 40 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त भदसाली अप्पर में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये और पंचायत में सड़क निर्माण के लिए 15 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

    भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    मुकेश अग्निहोत्री ने गूगा जाहर पीर मंदिर भदसाली अप्पर और तपस्थान संत देविआ सिख गुरुद्वारा के लिए भी पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने गूगा नवमी के अवसर पर गूगा जाहर पीर मंदिर में माथा टेका और तपस्थान संत देविआ सिख गुरुद्वारा में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।

    भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    धार्मिक स्थलों को बताया सांस्कृतिक विरासत का केंद्र

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    ठाकुर द्वारा मंदिर भदसाली अप्पर पहुंचने पर मंदिर कमेटी के प्रधान मोहन सिंह जसवाल ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भदसाली अप्पर के प्रधान अश्वनी जसवाल, लोअर भदसाली के प्रधान सूरम सिंह, गुरुद्वारा सिंह सभा भदसाली के प्रधान यशपाल सिंह साका के अलावा जसपाल जस्सा, मंजीत कौर साका, जोगिंदर सिंह पाठी, सुरजीत सिंह, गुरदीप सिंह और दर्शन सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार में प्रभावित परिवारों के हितों का रखा जाएगा ध्यान: केवल सिंह पठानिया

    कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार में प्रभावित परिवारों के हितों का रखा जाएगा ध्यान: केवल सिंह पठानिया

    धर्मशाला में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट के विकास और विस्तारीकरण के साथ प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के हितों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टेस्ट आधारित चयन प्रक्रिया को युवाओं के लिए पारदर्शी और समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    विश्वविद्यालयों में टेस्ट आधारित भर्ती को प्राथमिकता

    कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टेस्ट आधारित चयन प्रक्रिया लागू करने की दिशा में कदम उठाया गया है। उनके अनुसार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों में लेक्चरर और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे पदों पर टेस्ट आधारित चयन को प्राथमिकता मिलने से योग्य युवाओं को अपनी प्रतिभा साबित करने का बेहतर अवसर मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और युवाओं का यह विश्वास मजबूत होगा कि महत्वपूर्ण पदों पर चयन योग्यता तथा निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें हिमाचल में ही बेहतर अवसर मिलें।

    पठानिया ने बताया कि वह दिल्ली में एक संगठनात्मक बैठक में शामिल हुए, जहां संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बीच समन्वय के साथ जनहित के मुद्दों तथा विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    एयरपोर्ट विस्तार पर लगभग चार हजार करोड़ रुपये खर्च

    कांगड़ा एयरपोर्ट के विकास और विस्तारीकरण पर पठानिया ने कहा कि इससे कांगड़ा सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन, व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उनके अनुसार एयरपोर्ट के विकास एवं विस्तारीकरण से जुड़े कार्यों पर लगभग चार हजार करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। परियोजना के तहत विभिन्न स्तरों पर काम आगे बढ़ रहा है और कई महत्वपूर्ण कार्य अंतिम चरण में हैं।

    उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से देश के विभिन्न हिस्सों से हिमाचल आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ होटल एवं होम-स्टे संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों, व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

    पात्र परिवारों को मुआवजा और आर एंड आर लाभ

    पठानिया ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजे के साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन यानी आर एंड आर का लाभ दिया जा रहा है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पात्र परिवारों को उनके अधिकार और सभी देय लाभ समयबद्ध तरीके से मिलें।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पात्र परिवार अभी आर एंड आर लाभ से वंचित हैं, उन्हें भी नियमानुसार पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन का लाभ दिया जाएगा। उनके अनुसार एयरपोर्ट विस्तार से क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।

  • भ्रामक खबरों पर सुधीर शर्मा का ऐतराज, अखबारों और पोर्टलों को भेजे कानूनी नोटिस

    भ्रामक खबरों पर सुधीर शर्मा का ऐतराज, अखबारों और पोर्टलों को भेजे कानूनी नोटिस

    धर्मशाला के विधायक एवं भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने जमीन की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में प्रकाशित खबरों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति को उनका करीबी, कुक या ड्राइवर बताकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अखबारों और सोशल मीडिया पोर्टलों को कानूनी नोटिस भेजने की जानकारी दी है।

    सुधीर शर्मा ने कहा कि इन खबरों के माध्यम से उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार राजनीतिक रंजिश के कारण उन्हें निशाना बना रही है। शर्मा के अनुसार, पहले भी उनके घर और बैंक खातों की पड़ताल की जा चुकी है तथा चुनाव के दौरान उन्होंने हलफनामे में अपनी संपत्ति और वित्तीय विवरण सार्वजनिक किए थे। उन्होंने कहा कि उनका परिवार पांच दशक से राजनीति में सक्रिय है और इससे पहले उन पर इस तरह के आरोप नहीं लगे।

    मानहानि का मामला दर्ज कराने की बात

    विधायक ने कहा कि भ्रामक खबरों से उनकी मानहानि हुई है और इसी कारण संबंधित समाचार पत्रों एवं पोर्टलों को कानूनी नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कथित भ्रामक प्रेस नोट भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई है। शर्मा ने कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करवाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया

    सुधीर शर्मा ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ने और तथ्यों को प्रदेश की जनता के सामने रखने की बात कही। शर्मा ने दावा किया कि संबंधित मामले में विजिलेंस अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है।

    प्रदेश के भाजपा नेताओं ने भी सुधीर शर्मा के खिलाफ कथित भ्रामक प्रचार की निंदा की है। पार्टी ने कहा कि यदि विधायक को राजनीतिक रंजिश के कारण निशाना बनाया गया तो जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

  • भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    भदसाली अप्पर मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये: मुकेश अग्निहोत्री

    उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ठाकुर द्वारा मंदिर भदसाली अप्पर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं विशाल संत सम्मेलन में भाग लिया। यह धार्मिक आयोजन 29 अगस्त से 5 सितंबर तक चला।

    मंदिर और सामुदायिक भवन के लिए धनराशि की घोषणा

    मुकेश अग्निहोत्री ने ठाकुर द्वारा मंदिर भदसाली अप्पर के विकास के लिए प्रथम चरण में 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण पर कुल 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने भदसाली अप्पर में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये और पंचायत में सड़क निर्माण के लिए 15 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।

    उप मुख्यमंत्री ने गूगा जाहर पीर मंदिर भदसाली अप्पर और तपस्थान संत देविआ सिख गुरुद्वारा के लिए 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा की। गूगा नवमी के अवसर पर उन्होंने गूगा जाहर पीर मंदिर में माथा टेका और तपस्थान संत देविआ सिख गुरुद्वारा में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।

    धार्मिक स्थलों को बताया सांस्कृतिक विरासत का केंद्र

    मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    ठाकुर द्वारा मंदिर भदसाली अप्पर पहुंचने पर मंदिर कमेटी के प्रधान मोहन सिंह जसवाल ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भदसाली अप्पर के प्रधान अश्वनी जसवाल, लोअर भदसाली के प्रधान सूरम सिंह, गुरुद्वारा सिंह सभा भदसाली के प्रधान यशपाल सिंह साका, जसपाल जस्सा, मंजीत कौर साका, जोगिंदर सिंह पाठी, सुरजीत सिंह, गुरदीप सिंह और दर्शन सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविदों से हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। वह लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना के सभागार में आयोजित संस्थान के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    उन्होंने कहा कि एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें दुनिया को तेजी से बदल रही हैं। युवा प्रौद्योगिकीविदों को अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग ऐसे समाधान तैयार करने में करना चाहिए, जिनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे।

    राज्यपाल ने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन होने के साथ नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री उनकी मंजिल नहीं, बल्कि आगे की यात्रा की नींव है।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखते रहने और ज्ञान का उपयोग समाज तथा देश के हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी, जिम्मेदार नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता को भी महत्वपूर्ण बताया।

    युवाओं से रोजगार सृजक बनने का आह्वान

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है, जो नए विचारों, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने, संविधान के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से देश के लिए और बेहतर करने की भावना के साथ आगे बढ़ने को कहा।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला व तकनीक के माध्यम से समाज तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने हिमाचल की प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने और इसे दूरदराज क्षेत्रों सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    समारोह के दौरान स्नातकों ने सत्यनिष्ठा, देश, पेशे एवं संस्थान की गरिमा, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और समाज की सेवा में अपने ज्ञान का उपयोग करने की शपथ ली।

    206 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया।

    शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं से तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं से तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान

    राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविदों से हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। वह गुरुवार को लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना के सभागार में आयोजित संस्थान के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें तेजी से दुनिया को बदल रही हैं और इनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचना चाहिए।

    उन्होंने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन और नई जिम्मेदारियों से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से बदलती तकनीक के साथ लगातार सीखने और विकसित भारत-2047 के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। राज्यपाल ने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी, जिम्मेदार नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रीय एकता और अखंडता को भी महत्वपूर्ण बताया।

    सांसदों ने युवाओं को दिया नवाचार और उद्यमिता का संदेश

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है और यह नए विचारों, नवाचार, तकनीक तथा उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने, संविधान के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से देश के लिए बेहतर कार्य करने की भावना के साथ आगे बढ़ने को कहा।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला तथा तकनीक के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल की प्राकृतिक चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने और इसे दूरदराज क्षेत्रों सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया। समारोह के दौरान स्नातकों ने सत्यनिष्ठा, देश, पेशे और संस्थान की गरिमा बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता तथा समाज सेवा में अपने ज्ञान के उपयोग की शपथ ली।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं से तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान

    206 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए। संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र की उपलब्धियां बताईं।

    बी.टेक. में 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट

    बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया। शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थियों को पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने युवाओं से बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविद आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप समाधान तैयार कर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। राज्यपाल ऊना के लता मंगेशकर कला केंद्र में आयोजित आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा की सार्थकता ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ने में है। एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें तेजी से दुनिया को बदल रही हैं। ऐसे में युवा प्रौद्योगिकीविदों को अपनी दक्षता का उपयोग उन समाधानों के विकास में करना चाहिए, जिनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    उन्होंने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन होने के साथ नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री मंजिल नहीं, बल्कि उनकी यात्रा की नींव है। संस्थान से निकलने वाले युवा माता-पिता का विश्वास, शिक्षकों की अपेक्षाएं और राष्ट्र की आशाएं अपने साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

    राज्यपाल ने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज तथा देश के हित में करने को कहा। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को भी महत्वपूर्ण बताया। विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता और समाज के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    युवाओं से रोजगार सृजक बनने का आह्वान

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज का युवा भारत का भविष्य ही नहीं, बल्कि भारत का भाग्य भी है। शिक्षा नए विचारों, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने और विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने को कहा। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को देश के लिए और बेहतर करने की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने कहा कि देश का युवा 21वीं सदी के भारत का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला एवं तकनीक के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने हिमाचल में बर्फबारी, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने तथा इसे दूरदराज क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

    दीक्षांत समारोह में स्नातकों ने शपथ लेकर सत्यनिष्ठा, देश, पेशे और संस्थान की गरिमा बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और समाज की सेवा में अपने ज्ञान का उपयोग करने का संकल्प भी लिया।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    206 विद्यार्थियों को प्रदान की गईं उपाधियां

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए। संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी।

    बी.टेक. बैच की प्लेसमेंट दर 95.86 प्रतिशत

    बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम पैकेज और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने हिस्सा लिया। शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थियों को पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।