Tag: आईआईआईटी ऊना

  • आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविदों से हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। वह लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना के सभागार में आयोजित संस्थान के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    उन्होंने कहा कि एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें दुनिया को तेजी से बदल रही हैं। युवा प्रौद्योगिकीविदों को अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग ऐसे समाधान तैयार करने में करना चाहिए, जिनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे।

    राज्यपाल ने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन होने के साथ नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री उनकी मंजिल नहीं, बल्कि आगे की यात्रा की नींव है।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखते रहने और ज्ञान का उपयोग समाज तथा देश के हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी, जिम्मेदार नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता को भी महत्वपूर्ण बताया।

    युवाओं से रोजगार सृजक बनने का आह्वान

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है, जो नए विचारों, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने, संविधान के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से देश के लिए और बेहतर करने की भावना के साथ आगे बढ़ने को कहा।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला व तकनीक के माध्यम से समाज तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने हिमाचल की प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने और इसे दूरदराज क्षेत्रों सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    समारोह के दौरान स्नातकों ने सत्यनिष्ठा, देश, पेशे एवं संस्थान की गरिमा, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और समाज की सेवा में अपने ज्ञान का उपयोग करने की शपथ ली।

    206 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया।

    शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं से तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं से तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान

    राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविदों से हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। वह गुरुवार को लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना के सभागार में आयोजित संस्थान के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें तेजी से दुनिया को बदल रही हैं और इनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचना चाहिए।

    उन्होंने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन और नई जिम्मेदारियों से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से बदलती तकनीक के साथ लगातार सीखने और विकसित भारत-2047 के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। राज्यपाल ने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी, जिम्मेदार नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रीय एकता और अखंडता को भी महत्वपूर्ण बताया।

    सांसदों ने युवाओं को दिया नवाचार और उद्यमिता का संदेश

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है और यह नए विचारों, नवाचार, तकनीक तथा उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने, संविधान के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से देश के लिए बेहतर कार्य करने की भावना के साथ आगे बढ़ने को कहा।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला तथा तकनीक के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल की प्राकृतिक चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने और इसे दूरदराज क्षेत्रों सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया। समारोह के दौरान स्नातकों ने सत्यनिष्ठा, देश, पेशे और संस्थान की गरिमा बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता तथा समाज सेवा में अपने ज्ञान के उपयोग की शपथ ली।

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं से तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान

    206 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए। संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र की उपलब्धियां बताईं।

    बी.टेक. में 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट

    बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया। शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थियों को पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने युवाओं से बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविद आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप समाधान तैयार कर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। राज्यपाल ऊना के लता मंगेशकर कला केंद्र में आयोजित आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा की सार्थकता ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ने में है। एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें तेजी से दुनिया को बदल रही हैं। ऐसे में युवा प्रौद्योगिकीविदों को अपनी दक्षता का उपयोग उन समाधानों के विकास में करना चाहिए, जिनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    उन्होंने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन होने के साथ नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री मंजिल नहीं, बल्कि उनकी यात्रा की नींव है। संस्थान से निकलने वाले युवा माता-पिता का विश्वास, शिक्षकों की अपेक्षाएं और राष्ट्र की आशाएं अपने साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

    राज्यपाल ने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज तथा देश के हित में करने को कहा। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को भी महत्वपूर्ण बताया। विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता और समाज के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    युवाओं से रोजगार सृजक बनने का आह्वान

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज का युवा भारत का भविष्य ही नहीं, बल्कि भारत का भाग्य भी है। शिक्षा नए विचारों, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने और विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने को कहा। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को देश के लिए और बेहतर करने की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने कहा कि देश का युवा 21वीं सदी के भारत का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला एवं तकनीक के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने हिमाचल में बर्फबारी, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने तथा इसे दूरदराज क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

    दीक्षांत समारोह में स्नातकों ने शपथ लेकर सत्यनिष्ठा, देश, पेशे और संस्थान की गरिमा बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और समाज की सेवा में अपने ज्ञान का उपयोग करने का संकल्प भी लिया।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    206 विद्यार्थियों को प्रदान की गईं उपाधियां

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए। संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी।

    बी.टेक. बैच की प्लेसमेंट दर 95.86 प्रतिशत

    बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम पैकेज और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने हिस्सा लिया। शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।

    हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजें युवा: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थियों को पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह: राज्यपाल ने युवाओं से हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजने का किया आह्वान

    आईआईआईटी ऊना दीक्षांत समारोह: राज्यपाल ने युवाओं से हिमाचल की चुनौतियों के तकनीकी समाधान खोजने का किया आह्वान

    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविदों से बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी देने तथा नुकसान कम करने में सहायक तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। वह लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना में आयोजित संस्थान के 8वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। तकनीकी शिक्षा की सार्थकता ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ने में है। उन्होंने एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

    उन्होंने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री मंजिल नहीं, बल्कि आगे की यात्रा की नींव है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से विकसित भारत-2047 के निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ लगातार सीखने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के हित में करने को कहा। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी, जिम्मेदार नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता को भी महत्वपूर्ण बताया।

    युवाओं से रोजगार सृजक बनने का आह्वान

    लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है और यह नए विचारों, नवाचार, तकनीक तथा उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने, संविधान के मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं को देश के लिए और बेहतर करने का संदेश दिया।

    राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला व तकनीक के माध्यम से समाज तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देने को कहा। उन्होंने हिमाचल की प्राकृतिक चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने और उसे दूरदराज क्षेत्रों एवं समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया। समारोह में स्नातकों ने सत्यनिष्ठा, देश, पेशे एवं संस्थान की गरिमा, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और समाज सेवा में अपने ज्ञान के उपयोग की शपथ ली।

    206 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. सीएसई-डेटा साइंस के विद्यार्थी शामिल रहे। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए।

    संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी दी। बी.टेक. स्नातक बैच की प्लेसमेंट दर 95.86 प्रतिशत रही। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। उच्चतम पैकेज 53.6 लाख रुपये प्रति वर्ष और औसत पैकेज 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया।

    शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत दर्ज की गई।

    शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पदक

    बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम.टेक. सीएसई डेटा साइंस में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

    समारोह में एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।