चम्बा में उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में 2 सितंबर को मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें बच्चों को दी जा रही आर्थिक एवं सामाजिक सहायता, प्रायोजन योजना के तहत पात्र बच्चों को लाभ देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, कल्याण और समुचित विकास के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र बच्चों की पहचान प्रक्रिया मजबूत करने, सभी मामलों की नियमित समीक्षा करने और सहायता की निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और बाल हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पात्र बच्चों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध करवाने को कहा।
प्रायोजन कार्यक्रम से 92 बच्चे लाभान्वित
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रायोजन कार्यक्रम के अंतर्गत 92 बच्चों को लाभ दिया जा रहा है। योजना से लाभान्वित 26 बच्चों का लाभ समाप्त किए जाने से संबंधित बाल कल्याण समिति के मामलों की जानकारी भी बैठक में रखी गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से बाहर किए गए बच्चों में से पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ‘सुख आश्रय’ या ‘सुख शिक्षा’ योजना का लाभ देने की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
22 नए मामलों को मिला अनुमोदन
बैठक में 22 नए बच्चों को प्रायोजन योजना का लाभ देने से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। समिति ने पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सभी 22 नए मामलों को अनुमोदित कर दिया।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 69 बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने पात्र बच्चों को नियमानुसार और समयबद्ध रूप से सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बजट की उपलब्धता के लिए महिला एवं बाल विकास निदेशालय के साथ पत्राचार करने को भी कहा।
बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश राम, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति युगल किशोर मरवाह, बाल संरक्षण अधिकारी रिंकू शर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
