काठमांडु: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1003 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस बीच शव नंबर 1003 की पहचान को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। शुरुआत में तीन परिवारों ने इसे अपने परिजन का शव बताया था, हालांकि बाद में एक परिवार ने अपना दावा वापस ले लिया। अब दो परिवार शव पर दावा कर रहे हैं।
शवों की पहचान में आ रही मुश्किल
बाढ़ के मलबे में दबे रहने के कारण कई शवों की हालत खराब हो चुकी है। कुछ शव सड़ गए हैं, जबकि कुछ के चेहरे पहचानने योग्य नहीं रहे। ऐसे में परिजन शरीर की बनावट, कपड़ों, शारीरिक निशानों और आभूषणों के आधार पर शवों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं। शव नंबर 1003 की स्थिति के कारण उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।
दो परिवारों के दावे बरकरार
एक परिवार ने शव को बर्दिया के जलविद्युत परियोजना कर्मी गोपाल दहित का बताया है। दूसरे परिवार का दावा है कि यह रूपनदेही के पर्यटक गाइड दामोदर बस्याल का शव है। रविवार को एक तीसरे परिवार ने भी शव पर दावा किया था, लेकिन बाद में उसने अपना दावा वापस ले लिया। फिलहाल गोपाल दहित और दामोदर बस्याल के परिवार शव को अपना परिजन बता रहे हैं।
डीएनए जांच से तय होगी पहचान
शव नंबर 1003 की सही पहचान अब डीएनए जांच के माध्यम से की जाएगी। बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 1003 हो गई है, जबकि करीब चार हजार लोग लापता बताए गए हैं।
