उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अंकुर विहार थाना पुलिस ने मुठभेड़ के बाद चोरी के दो आरोपियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी घरों के ताले तोड़कर नकदी और जेवरात चोरी करने वाले गिरोह से जुड़े हैं। उनके कब्जे से चोरी की ज्वेलरी, 4700 रुपये और हथियार बरामद किए गए हैं।
वाहन जांच के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, सुंदर विहार के सहदुल्लाबाद क्षेत्र में 7 सितंबर को हुई चोरी के संबंध में 9 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद क्षेत्र में जांच बढ़ा दी गई। रामलीला मैदान के पास गढ़ी कटैया मार्ग पर वाहनों की जांच के दौरान पैशन प्रो बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का दावा है कि दोनों ने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
नकदी, ज्वेलरी और हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के 4700 रुपये, ज्वेलरी, .315 बोर के दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। उनके पास से चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी मिलने की बात कही गई है। घायल आरोपियों की पहचान आकिब पुत्र यामीन और ध्यान सिंह पुत्र जुगराज के रूप में हुई है। आकिब मडौरा गांव, थाना सोनीपत, हरियाणा का निवासी और मूल रूप से लिसाड़ी गांव, थाना लिसाड़ी गेट, मेरठ का रहने वाला बताया गया है। ध्यान सिंह मधूपुर, थाना भरतना, मैनपुरी का निवासी है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने 7 सितंबर की चोरी में शामिल होना स्वीकार किया है। आरोपियों ने गिरोह में अपने दो अन्य साथियों के शामिल होने की जानकारी भी दी, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
आपराधिक इतिहास की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, आकिब के खिलाफ अंकुर विहार थाने में नकबजनी और दिल्ली में लूट का मुकदमा दर्ज है। ध्यान सिंह के खिलाफ अंकुर विहार थाने में नकबजनी, दिल्ली में हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट तथा मेरठ में पॉक्सो एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। पुलिस दोनों आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपियों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
