Tag: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

  • मुज्तबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की, कहा- असली दुश्मन को पहचानें

    मुज्तबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की, कहा- असली दुश्मन को पहचानें

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के दौरान मुस्लिम देशों से एकजुट होकर अमेरिका और इजरायल का मुकाबला करने की अपील की है। उन्होंने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि वे अपने असली दुश्मन को पहचानें, उसकी योजनाओं को समझें और उसका मुकाबला करें।

    ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, खामेनेई ने तेहरान में आयोजित एक धार्मिक सम्मेलन में शामिल नेताओं को भेजे पत्र में अमेरिका और इजरायल को सभी इस्लामी देशों का दुश्मन बताया। करीब छह महीने पहले अमेरिका और इजरायल के हमले में उनके पिता और ईरान के कई वरिष्ठ नेता मारे गए थे। इसके बाद से मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से बहुत कम नजर आए हैं।

    पश्चिम एशिया में बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

    मुज्तबा खामेनेई का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव का असर पूरे पश्चिम एशिया में दिखाई दे रहा है। ईरान की ओर से पड़ोसी खाड़ी अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सीमित किए जाने के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।

    अमेरिकी सेना ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। करीब एक महीने बाद ईरान के खिलाफ यह अमेरिकी सेना की पहली घोषित सैन्य कार्रवाई है। अमेरिका ने इसे सीमित और सटीक कार्रवाई बताते हुए कहा कि निशाने पर ईरानी माइन बिछाने वाली सैन्य इकाइयां थीं। दूसरी ओर, ईरान ने इसके जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा किया।

    जॉर्डन ने आठ मिसाइलें रोकने की जानकारी दी

    जॉर्डन की सेना के अनुसार, सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई आठ मिसाइलों को रोक दिया गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण के दृश्य प्रसारित करते हुए इसे अमेरिकी हमले के जवाब में की गई कार्रवाई बताया।

    ईरानी मीडिया के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास लारक द्वीप के आसपास विस्फोटों की आवाजें भी सुनी गईं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कई सैनिकों और नागरिकों के मारे जाने तथा घायल होने की जानकारी दी है।

    टैंकर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला

    ब्रिटिश सेना द्वारा संचालित यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, शनिवार को ओमान के खसब के उत्तर में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक टैंकर जहाज को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जहाज अंदर की दिशा में जा रहा था। घटना में किसी के हताहत होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है और किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

  • Viakas Uniyal: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रंप ने बताया अमेरिका का ‘नया इलाका’, साझा किया मैप

    Viakas Uniyal: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रंप ने बताया अमेरिका का ‘नया इलाका’, साझा किया मैप

    TEST POST अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता टूटने के बाद जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी दावे से जुड़ा एक मैप साझा किया है। उन्होंने इसे अमेरिका का ‘नया इलाका’ बताया। ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर मैप साझा करते हुए लिखा, “न्यूज़ U.S. टेरिटरी। होर्मुज स्ट्रेट।” उनके इस दावे से मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है।

    पहले भी कर चुके हैं घोषणा

    इससे पहले ट्रंप ने 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जल्द अमेरिका का इलाका घोषित किया जाएगा। इसके बाद 18 अगस्त को उन्होंने यही तस्वीर साझा करते हुए अपना दावा दोहराया था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच विवाद रहा है। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि तेहरान को इसे दोबारा खोलना होगा, जबकि ईरान ने कहा था कि होर्मुज उसके नियंत्रण में रहेगा। ईरान ने ट्रंप के दावों की आलोचना करते हुए गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी है।

    ईरान ने रखीं अपनी शर्तें

    ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि तेहरान तब तक होर्मुज को दोबारा नहीं खोलेगा, जब तक अमेरिका अपने कमिटमेंट्स पूरे नहीं करता और अपना व्यवहार नहीं बदलता। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार रेज़ाई ने कहा, “स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ बंद है और फिर से नहीं खुलेगा। अगर अमेरिका अपना बर्ताव बदलता है और अपने कमिटमेंट्स पूरे करता है, तो फिर समीकरण बदलेंगे, लेकिन इस बार अमेरिका को एक्शन लेना होगा। इसे बातों और बातचीत से हल नहीं किया जा सकता।”

    ईरान युद्ध से पहले दुनिया में कारोबार किए जाने वाले तेल का पांचवां हिस्सा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरता था। युद्ध शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य अन्य यातायात के लिए काफी हद तक बंद है। ईरान चाहता है कि अमेरिका नाकेबंदी हटाए, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दे, आर्थिक प्रतिबंध खत्म करे और जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करे। ट्रंप की नई घोषणा के बाद क्षेत्र में टकराव बढ़ने के आसार जताए गए हैं।

  • Test#321: ईरान की मदद करने वाले देशों को भारी आर्थिक सजा की ट्रंप की चेतावनी

    Test#321: ईरान की मदद करने वाले देशों को भारी आर्थिक सजा की ट्रंप की चेतावनी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने के लिए नया अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की मदद या उसके साथ व्यापार करने वाले देशों को गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

    ईरान के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई का एलान

    ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि ईरान को समझौते के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया, लेकिन उसने इसका लाभ नहीं उठाया। उन्होंने इसे अभूतपूर्व स्तर का आर्थिक युद्ध और ईरान को अलग-थलग करने की कार्रवाई बताया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, सैन्य कारखानों और मुद्रा को भारी नुकसान पहुंचा है तथा देश की अर्थव्यवस्था संकट में है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जो देश अपने वित्तीय संस्थानों, कारोबारों, हवाई अड्डों या सरकारी संस्थाओं के माध्यम से ईरान को सहायता देने की अनुमति देगा, उसे भी कड़े आर्थिक नतीजे भुगतने होंगे। उन्होंने तेल तस्करी, स्वैप लाइन, नकद हस्तांतरण, एक्सचेंज हाउस, जहाजों के पंजीकरण और मुखौटा कंपनियों से जुड़ी गतिविधियां रोकने की मांग की।

    सहयोगी देशों से समर्थन मांगा

    ट्रंप ने इस अभियान को ‘इकोनॉमिक डी-डे’ बताते हुए सहयोगी देशों से समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य ईरान को अलग-थलग करना और दुनिया भर में आतंक फैलाने की उसकी कथित क्षमता को कमजोर करना है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

    अमेरिका में ट्रंप की आलोचना

    ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब युद्ध को छह महीने पूरे होने वाले हैं और कोई कूटनीतिक या सैन्य समाधान दिखाई नहीं दे रहा। नवंबर में होने वाले चुनावों के नजदीक आने के साथ ट्रंप को अमेरिका के भीतर इस युद्ध को लेकर राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उनकी टिप्पणी से करीब एक सप्ताह पहले ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि अमेरिका ईरान को अभूतपूर्व तरीके से आर्थिक रूप से अलग-थलग कर देगा।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर गतिरोध

    मिसाइल हमलों में हालिया कमी के बावजूद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली शिपिंग पर प्रभावी रोक लगा रखी है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी शुरुआती सहमति टूटने के बाद यह स्थिति पैदा हुई। दोनों पक्षों ने हाल के दिनों में संदेशों के आदान-प्रदान की बात कही थी, लेकिन ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि बातचीत बंद हो गई है।

    ईरान का कहना है कि वह ओमान के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन की योजना पर काम कर रहा है। इस समुद्री मार्ग को पूरी तरह खोलना अमेरिका की प्रमुख मांगों में शामिल है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए तय 60 दिन की बातचीत अवधि समाप्त होने के करीब थी, लेकिन इसे बढ़ाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई थी।

  • Test #322: ईरान की मदद करने वाले देशों को सख्त आर्थिक सजा की ट्रंप ने दी चेतावनी

    Test #322: ईरान की मदद करने वाले देशों को सख्त आर्थिक सजा की ट्रंप ने दी चेतावनी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने के लिए नया अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की मदद या उसके साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान को अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के उद्देश्य से की जाएगी।

    ईरान की मदद करने वाले देशों को चेतावनी

    ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि ईरान को समझौता करने के पर्याप्त अवसर दिए गए, लेकिन उसने उनका लाभ नहीं उठाया। उन्होंने ईरान की नौसेना, वायुसेना, सैन्य कारखानों और मुद्रा की स्थिति को लेकर भी कई दावे किए। ट्रंप के अनुसार, जो देश अपने वित्तीय संस्थानों, व्यवसायों, हवाई अड्डों या सरकारी संस्थाओं के माध्यम से ईरान को किसी भी तरह की सहायता देगा, उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेल की तस्करी, स्वैप लाइन, नकद हस्तांतरण, एक्सचेंज हाउस, जहाजों के पंजीकरण और फ्रंट कंपनियों के माध्यम से होने वाली सहायता रोकने को कहा। उन्होंने इस कार्रवाई को ‘इकोनॉमिक D-DAY’ बताते हुए सहयोगी देशों से समर्थन मांगा। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

    अमेरिका में ट्रंप की आलोचना

    ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब युद्ध के छह महीने पूरे होने वाले हैं और फिलहाल कोई कूटनीतिक या सैन्य समाधान दिखाई नहीं दे रहा। नवंबर में होने वाले चुनावों से पहले ट्रंप को इस युद्ध को लेकर अमेरिका के भीतर राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उनकी टिप्पणी अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उस बयान के करीब एक सप्ताह बाद आई, जिसमें उन्होंने ईरान को अभूतपूर्व तरीके से आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की बात कही थी।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव

    मिसाइल हमलों में हालिया कमी के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली शिपिंग प्रभावित है। यह स्थिति उस समय बनी जब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी शुरुआती सहमति टूट गई। दोनों पक्षों ने हाल के दिनों में संदेशों के आदान-प्रदान की बात कही थी, लेकिन ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि बातचीत बंद हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह सुझाव भी दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिका का नया इलाका बन सकता है।

    शांति वार्ता पर अनिश्चितता

    ट्रंप ने ओमान को भी चेतावनी दी है, जबकि ईरान का कहना है कि वह खाड़ी के इस अरब देश के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन की योजना पर काम कर रहा है। समुद्री रास्ते को पूरी तरह खोलना अमेरिका की प्रमुख मांगों में शामिल है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए तय 60 दिन की बातचीत अवधि समाप्त होने के करीब थी, लेकिन इसे बढ़ाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई थी।