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  • उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं पीएम मोदी की तीन कविताएं

    उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं पीएम मोदी की तीन कविताएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के छात्रों ने उनकी लिखी तीन कविताएं हिंदी और उज्बेक भाषा में प्रस्तुत कीं। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से कुकसरॉय पैलेस में आयोजित अनौपचारिक रात्रि भोज में भी मोदी की कविता “अभी तो सूरज उगा है” पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति दी गई।

    प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे। उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और रक्षा सहयोग को लेकर अहम समझौते हुए। इस बीच छात्रों की ओर से दी गई उनकी कविताओं की प्रस्तुति भी चर्चा में रही।

    दो भाषाओं में प्रस्तुत की गईं तीन कविताएं

    ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में छात्रों और अकादमिक समुदाय के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के दौरान उज्बेक छात्रों ने उनकी लिखी कविताएं गाकर और सुनाकर प्रस्तुत कीं। छात्रों ने कुल तीन कविताएं पेश कीं और प्रत्येक कविता का पाठ हिंदी तथा उज्बेक भाषा में किया गया।

    इन छात्रों ने किया कविताओं का पाठ

    विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के छात्र केल्डियोरोव दिलहुशबेक ने हिंदी में “अभी तो सूरज उगा है” कविता सुनाई, जबकि इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा दिलशोदा जुराबोएवा ने प्रस्तुत किया। “नए भारत के नए संकल्प” कविता का हिंदी पाठ चौथे वर्ष के छात्र ओटाबेक अमीरोव ने किया और इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष के छात्र इकरोमखुजा सादिल्लाएव ने सुनाया।

    इंसानियत, दया और शांति पर आधारित कविता “मानवता को कहीं न लग जाए दाग” का हिंदी पाठ तीसरे वर्ष की छात्रा ओरज़ू कुलदोशेवा ने किया। इसका उज्बेक अनुवाद विश्वविद्यालय की तीसरे वर्ष की छात्रा फयोजा अब्दुरसुलोवा ने प्रस्तुत किया।

  • उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं प्रधानमंत्री मोदी की तीन कविताएं

    उज्बेकिस्तान में छात्रों ने हिंदी और उज्बेक में सुनाईं प्रधानमंत्री मोदी की तीन कविताएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान उनकी लिखी कविताएं विशेष चर्चा में रहीं। ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के छात्रों ने प्रधानमंत्री के सामने तीन कविताएं हिंदी और उज्बेक भाषा में प्रस्तुत कीं। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से कुकसरॉय पैलेस में आयोजित अनौपचारिक रात्रिभोज में भी मोदी की कविता “अभी तो सूरज उगा है” पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति दी गई।

    उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और रक्षा सहयोग को लेकर अहम समझौते हुए। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे।

    छात्रों ने दो भाषाओं में प्रस्तुत कीं कविताएं

    ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में छात्रों और अकादमिक समुदाय के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई। छात्रों ने मोदी की लिखी तीन कविताएं “अभी तो सूरज उगा है”, “नए भारत के नए संकल्प” और “मानवता को कहीं न लग जाए दाग” हिंदी तथा उज्बेक भाषा में सुनाईं।

    इन छात्रों ने दी प्रस्तुति

    चौथे वर्ष के छात्र केल्डियोरोव दिलहुशबेक ने हिंदी में “अभी तो सूरज उगा है” सुनाई, जबकि इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा दिलशोदा जुराबोएवा ने प्रस्तुत किया। “नए भारत के नए संकल्प” को चौथे वर्ष के छात्र ओटाबेक अमीरोव ने हिंदी में सुनाया और तीसरे वर्ष के छात्र इकरोमखुजा सादिल्लाएव ने इसका उज्बेक अनुवाद प्रस्तुत किया।

    इंसानियत, दया और शांति पर आधारित कविता “मानवता को कहीं न लग जाए दाग” को तीसरे वर्ष की छात्रा ओरज़ू कुलदोशेवा ने हिंदी में सुनाया। इसका उज्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष की छात्रा फयोजा अब्दुरसुलोवा ने प्रस्तुत किया।