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  • स्मॉल हाइव बीटल से नुकसान की जल्द रिपोर्ट तैयार करें: केवल सिंह पठानिया

    स्मॉल हाइव बीटल से नुकसान की जल्द रिपोर्ट तैयार करें: केवल सिंह पठानिया

    शाहपुर, 11 सितम्बर। मिनी सचिवालय शाहपुर में वीरवार को बागवानी विभाग ने मधुमक्खी पालकों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किया। शिविर की अध्यक्षता शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने की। इसमें स्मॉल हाइव बीटल से मधुमक्खियों को होने वाले नुकसान और इसकी रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई।

    केवल सिंह पठानिया ने एसडीएम शाहपुर को संबंधित पंचायतों के पटवारियों के माध्यम से नुकसान का आकलन करवाकर जल्द विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले को मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि प्रभावित मधुमक्खी पालकों को सहायता दिलाई जा सके।

    29 पंजीकृत मधुमक्खी पालकों की सोसायटी बनाने का सुझाव

    केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है और कांगड़ा का शहद देशभर में अपनी पहचान रखता रहा है। उन्होंने शाहपुर क्षेत्र के 29 पंजीकृत मधुमक्खी पालकों की सोसायटी गठित करने का सुझाव दिया और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    शाहपुर क्षेत्र में करीब 40 प्रतिशत नुकसान का आकलन

    बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. कमलशील नेगी ने स्मॉल हाइव बीटल और इसकी रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तरी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अब तक 14 जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। जिला कांगड़ा में स्मॉल हाइव बीटल के कारण मधुमक्खी पालकों को लगभग 32 प्रतिशत, जबकि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 40 प्रतिशत नुकसान का आकलन किया गया है। जिला में मधुमक्खी पालकों की सहायता के लिए बी-कीपिंग सेल भी स्थापित किया गया है।

    डॉ. सुरेंद्र और डॉ. निशा ने स्मॉल हाइव बीटल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मधुमक्खियों और हाइव को सुरक्षित रखने के उपाय बताए। बागवानी विभाग के उपनिदेशक अलक्ष पठानिया ने विभाग की ओर से विधायक के निर्देशों और सुझावों की अनुपालना सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

    शहद का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की मांग

    मधुमक्खी पालकों ने समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने और कार्रवाई शुरू करवाने के लिए विधायक का आभार जताया। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी शहद का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने और मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने की मांग सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया। शिविर में विभाग की ओर से स्मॉल हाइव बीटल के आक्रमण और प्रबंधन से संबंधित प्रचार सामग्री भी वितरित की गई।

  • कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार में प्रभावित परिवारों के हितों का रखा जाएगा ध्यान: केवल सिंह पठानिया

    कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार में प्रभावित परिवारों के हितों का रखा जाएगा ध्यान: केवल सिंह पठानिया

    धर्मशाला में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट के विकास और विस्तारीकरण के साथ प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के हितों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टेस्ट आधारित चयन प्रक्रिया को युवाओं के लिए पारदर्शी और समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    विश्वविद्यालयों में टेस्ट आधारित भर्ती को प्राथमिकता

    कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टेस्ट आधारित चयन प्रक्रिया लागू करने की दिशा में कदम उठाया गया है। उनके अनुसार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों में लेक्चरर और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे पदों पर टेस्ट आधारित चयन को प्राथमिकता मिलने से योग्य युवाओं को अपनी प्रतिभा साबित करने का बेहतर अवसर मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और युवाओं का यह विश्वास मजबूत होगा कि महत्वपूर्ण पदों पर चयन योग्यता तथा निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें हिमाचल में ही बेहतर अवसर मिलें।

    पठानिया ने बताया कि वह दिल्ली में एक संगठनात्मक बैठक में शामिल हुए, जहां संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बीच समन्वय के साथ जनहित के मुद्दों तथा विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    एयरपोर्ट विस्तार पर लगभग चार हजार करोड़ रुपये खर्च

    कांगड़ा एयरपोर्ट के विकास और विस्तारीकरण पर पठानिया ने कहा कि इससे कांगड़ा सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन, व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उनके अनुसार एयरपोर्ट के विकास एवं विस्तारीकरण से जुड़े कार्यों पर लगभग चार हजार करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। परियोजना के तहत विभिन्न स्तरों पर काम आगे बढ़ रहा है और कई महत्वपूर्ण कार्य अंतिम चरण में हैं।

    उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से देश के विभिन्न हिस्सों से हिमाचल आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ होटल एवं होम-स्टे संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों, व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

    पात्र परिवारों को मुआवजा और आर एंड आर लाभ

    पठानिया ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजे के साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन यानी आर एंड आर का लाभ दिया जा रहा है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पात्र परिवारों को उनके अधिकार और सभी देय लाभ समयबद्ध तरीके से मिलें।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पात्र परिवार अभी आर एंड आर लाभ से वंचित हैं, उन्हें भी नियमानुसार पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन का लाभ दिया जाएगा। उनके अनुसार एयरपोर्ट विस्तार से क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।