Tag: अखिलेश यादव

  • मैनपुरी CO अशोक सिंह ने वायरल वीडियो पर दी सफाई, अखिलेश यादव और BJP में बयानबाजी

    मैनपुरी CO अशोक सिंह ने वायरल वीडियो पर दी सफाई, अखिलेश यादव और BJP में बयानबाजी

    मैनपुरी में मूंछों पर ताव देते हुए अखिलेश यादव का नाम लेने से जुड़े सीओ अशोक सिंह के वायरल वीडियो पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अशोक सिंह ने वीडियो को अधूरा वायरल किए जाने की बात कही है। वहीं, अखिलेश यादव ने सत्ता के संरक्षण का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी प्रवक्ता ने इस पर पलटवार किया है।

    सीओ अशोक सिंह ने बताया घटनाक्रम

    सीओ अशोक सिंह के मुताबिक, कुछ लोगों ने जातिगत टिप्पणी करने के साथ उन्हें धमकी दी थी। इस पर उन्होंने वीडियो आला अधिकारियों को भेजने की बात कही थी। उनका कहना है कि इसी घटनाक्रम से जुड़ा अधूरा वीडियो वायरल किया गया।

    अखिलेश यादव के आरोप पर बीजेपी का पलटवार

    मामले को लेकर अखिलेश यादव ने सत्ता के संरक्षण का आरोप लगाया है। इसके जवाब में बीजेपी प्रवक्ता ने मूंछ को शूरवीरता की पहचान बताते हुए पलटवार किया। वायरल वीडियो और सीओ की सफाई के बाद यह मामला राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया है।

  • जयंत चौधरी पर टिप्पणी को लेकर मायावती ने अखिलेश यादव से माफी की मांग की

    जयंत चौधरी पर टिप्पणी को लेकर मायावती ने अखिलेश यादव से माफी की मांग की

    लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राजनीति के बीच बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी के बारे में कहा था, “हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है।” मायावती ने इस बयान को अमर्यादित, अशोभनीय और शर्मनाक बताया।

    जाट समाज से माफी मांगने की मांग

    मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अखिलेश यादव को अपनी टिप्पणी के लिए संबंधित पार्टी और उसके नेता के साथ ही चौधरी चरण सिंह के परिवार तथा जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राजनीतिक इतिहास और गठबंधन की राजनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का रवैया विरोधियों के साथ ही सहयोगी दलों के प्रति भी संकीर्ण और अविश्वसनीय रहा है।

    बसपा प्रमुख के अनुसार, समाजवादी पार्टी के इसी रवैये के कारण उसके गठबंधन लंबे समय तक नहीं टिक पाए। उन्होंने दावा किया कि इससे कई मौकों पर राजनीतिक और चुनावी लाभ भाजपा को मिला तथा सेक्युलर ताकतें कमजोर हुईं।

    पुराने सपा-बसपा गठबंधनों का किया उल्लेख

    मायावती ने 1993 में मुलायम सिंह यादव के साथ बने सपा-बसपा गठबंधन और उसके टूटने का उल्लेख किया। उन्होंने 2 जून 1995 के लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया और इसे अपनी हत्या की साजिश से जोड़ा। इसके बाद उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में हुए लोकसभा चुनावी गठबंधन की चर्चा करते हुए कहा कि चुनाव परिणाम अनुकूल नहीं आने के बाद बसपा के प्रति सपा के रवैये के कारण वह गठबंधन भी टूट गया था।

    मायावती ने कहा कि बसपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान से जुड़े अपने सिद्धांतों तथा “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की नीतियों से अलग नहीं हो सकती।

    सपा की गठबंधन राजनीति पर लगाए आरोप

    बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी गठबंधन के जरिए अपना काम निकालने के बाद अपना रुख बदल लेती है और सहयोगी पार्टी के लिए अनुचित भाषा का इस्तेमाल करती है। उन्होंने इसे सपा का पुराना रवैया बताते हुए लोगों से उसकी संकीर्ण और जातिवादी राजनीति से सावधान रहने को कहा।

    मायावती ने अखिलेश यादव की पीडीए राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख राजनीतिक हित के अनुसार पीडीए में ‘पी’ का अर्थ कभी पिछड़ा वर्ग और कभी पंडित बताते हैं। बसपा प्रमुख ने दावा किया कि अखिलेश यादव अन्य पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से ब्राह्मण समाज के हितैषी नहीं रहे हैं।