मोरिंगा यानी सहजन की फलियों को बिना काटे और बिना ढके सीधे फ्रिज में रखने से वे जल्दी सूख सकती हैं। फ्रिज की ठंडी हवा फलियों की नमी सोख लेती है, जिससे वे कड़ी और बेजान हो जाती हैं। मोरिंगा के पराठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद में शामिल बताए गए हैं। सहजन की फलियों को लंबे समय तक हरा और रसीला रखने के लिए उन्हें सही तरीके से काटकर एयरटाइट डिब्बे में रखा जा सकता है।
स्टोर करने से पहले फलियों को ऐसे काटें
सबसे पहले ताजी सहजन की फलियों के दोनों सिरों को चाकू से काटकर अलग कर दें। इसके बाद फलियों को जरूरत के अनुसार लगभग दो से तीन इंच लंबे बराबर टुकड़ों में काट लें। इन्हें रखने के लिए साफ और पूरी तरह सूखा कांच या प्लास्टिक का एयरटाइट डिब्बा इस्तेमाल करें। डिब्बे में पानी या नमी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे फलियां सड़ सकती हैं।
टिश्यू पेपर के साथ एयरटाइट डिब्बे में रखें
डिब्बे के निचले हिस्से में टिश्यू पेपर या किचन टॉवल बिछाएं और उसके ऊपर सहजन के कटे हुए टुकड़े रखें। फलियों को ऊपर से एक और टिश्यू पेपर से अच्छी तरह ढक दें। इसके बाद डिब्बे का ढक्कन मजबूती से बंद करके उसे फ्रिज में रख दें। टिश्यू पेपर अतिरिक्त नमी सोखने में मदद करता है। यही तरीका हरा धनिया रखने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
10 से 15 दिन तक ताजा रहने का दावा
मेघा महेश्वरी के अनुसार, इस तरीके से मोरिंगा की फलियां 10 से 15 दिन बाद भी हरी, रसीली और ताजा रह सकती हैं। सहजन का उपयोग पराठे, सांभर और सब्जी बनाने में किया जाता है। बाजार से फलियां लाने के बाद उन्हें खुला रखने के बजाय काटकर सूखे टिश्यू पेपर के साथ एयरटाइट डिब्बे में रखना इस भंडारण विधि का मुख्य हिस्सा है।
